बच्चो को पालने  के लिए बॉस की रखेल बन गयी

मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और मेरे दो बेटे है जो अभी स्कूल में पड़ते है.

पति के सात तलाक होने के बाद से मेरी हार्थिक परिस्तितिया अछि नहीं थी. उसमे दिन ब दिन बढ़ते हुए खर्चो की वजसे पैसे की बचत करना नामुमकिन हो गया था.

इनसबमे एक अछि बात यहाँ थी के मुझे एक अश्चि जगह जॉब मिल गया था. जिस कंपनी में काम करती थी वो एक इम्पोर्ट एक्सपोर्ट की कंपनी थी. कंपनी से माल बाहर भेजा जाता था. मेरा काम अकाउंटेंट का था.

ऑफिस छोटा ही था, ज्यादा लोग नहीं थे. गिनकर ८ से ९ लोग होंगे. मेही एक औरत थी जो ऑफिस में पूरा दिन बैठे रहती थी. बाकि सरे आदमी थे. वो कामके सिलसिले आतेजाते रहते थे.

बॉस भी काफी बार ऑफिस से बाहर ही रहता था. उसका आना तय नहीं था. हफ्ते में ३ से ४ बार शामके वक्त आया करता था. इसवजसे मुझे काफी आराम मिलता था.

मुझे ऑफिस में आकर अभी ३ महीने ही हुए थे. बॉस से पहले पहले तो काफी अचे से बाते होती थी. हमेशा हस्ते हुए मुजसे बाते करता था. लेकिन जैसे जैसे दिन गुजरने लगे, मुझे एहसास हुआ की बॉस की मुझपे गन्दी नजर थी. वो मेरे मम्मो की तरफ देखता रहता था.

एक दिन बॉस ने मुझे बॉस ने अकाउंट के सरे पेपर लेकर आने कहा. में उसके केबिन में गई और सामने खुर्सी पर बैठी थी. बॉस सामने फ़ोन पे किसी से बात कर रहा था. बात करते करते वो मेरे आस पास घूमने लगा. काफी देर तक वो फ़ोन पे बात करते हुए आस पास ही घूम रहा था. में हात में पेपर लेकर बैठी थी. तभी मेरी नजर दाई और के लगे केबिन के काच पर पड़ी. मेने देखा बॉस मेरे पीछे घूमते हुए मेरे मम्मो के बिच की जगह में देख रहा है.

और देखते हुए अपने पेंट पर से लंड को सहला रहा है. उस दिन मेने कुर्ता पहना था जिसका गाला बड़ा था. इस वजसे मेरे मम्मो की बिच की दरार काफी खुलकर दिख रही थी. काफी देर तक बॉस मेरे आसपास ही घूमता रहा. फिर जाकर अपनी खुर्सी पे बैठ गया.

मुजसे अकाउंट की जानकारी पूछने लगा. में पेपर में देख उसे बता रही थी. लेकिन बॉस की नजर मेरे मम्मो को टकटकी लगाकर देख रही थी. वो मेरी तरफ कम और मेरे मम्मो को ज्यादा देख रहा था.

मेरी बात के बीचमे ही बॉस ने कहा, शायद मेरा पेन वह पीछे कही गिर गया है. क्या तुम उठाकर देदो गी. मेने पीछे मुद के देखा था सच में वह कोने में एक पेन पड़ा दिखाई दिया।

मुझे ये समझनेमें जरा भी वक्त नहीं लगा के ये बॉस ने जानबूझकर गिराया है. वो मुझे झुके हुए देखना चाहता है जिससे मेरी गांड पिछेसे उसे दिख जाये. में इस बात को समज गयी थी. लेकिन फिर भी उठकर गयी और जैसे बॉस की अपेक्षा थी वैसे ही मेने किया. में पेन लेने गयी, और बॉस की तरफ गांड को झुकाके पेन उठाने गई. धीरेसे पेन को उठाया और बॉस को लेकर दे दिया.

बॉस की नजरो में हवस दिख रही थी. वो पहला मौका था जब मुझे बॉस के इरादे पता चले.

उस दिन के बाद बॉस थोड़ा ज्यादा ही मुजसे खुलकर बात करने लगा. काफी बार मेरे नजदीक भी आया करता था. मेरे पास की खुर्सी पे बैठ मुजसे अकाउंट की रिपोर्ट बनाने कहता था. में रिपोर्ट बनाती थी और वो मेरे मम्मो को ताड़ते रहता था.

बिच बिच में डबल मीनिंग बाते भी करने लगा. में हसकर टाल देती थी. मुझे इस जॉब पे ज्यादा परेशानी नहीं थी. इसलिए में जो बॉस कहे वो करती रहती थी.

धीरे धीरे बात इतनी आगे बढ़ने लगी के, बॉस अब रातको करीब १२ बजे मुझे फोन पे काम के बारेमे फ़ोन पे पूछने लगा. रातको पिने के बाद मुजसे बाते करने लगा. एकबार तो मुझे उसकी आवाजसे पता चला की वो मुजसे बात करते करते अपना लंड हिला रहा है. उसकी चढ़ती हुई सास, डबल मीनिंग बात से पता चल रहा था की वो अपने लंड को हिला रहा है.

बॉस की हरकतों से मुझे इतना तो पता चल गया था की एक न एक दिन ये मुझे चोदेगा जरूर. इसलिए में भी हमेशा तैयार रहती थी. वैसे भी मेरा पति नहीं था. काफी दिन हुए थे चोदे हुए. उसके अलावा बच्चोकी भी जिम्मेदारिया थी.

मेने कभी बॉस को ये एहसास नहीं होने दिया के उसकी हरकतो से मुझे घुसा आ रहा है. में भी उसके हरकतो में उसका साथ देती थी.

कुछ दिन ऐसे ही बीत गए.

एक दिन में काम कर रही थी. बॉस केबिन से आये और उन्होंने सीधे आकर मेरे कधो पर हात रखा और बोले कल का शिपमेंट चला गया है ना? मेने हा कहा. फिर बोले ठीक है. शिपमेंट पोहचतेहि मुझे रिपोर्ट भेज देना. ऐसे कहकर मेरे खंडो को प्यार से दबाकर वो अंदर चले गए. अभी तक तो दूर से बाते होती थी लेकिन अब शरीर को हात लगाकर बातें होने लगी.

बॉस मेरे पास आकर बैठते और मुझे रिपोर्ट में बदलाव करनेके बारेमें बताते हुए मेरी जांग पर हात लगते. मेने कभी उनको रोका नहीं तो उनको शायद लगा के वो अभी कुछ भी कर सकते है.

एक दिन शाम को ऑफिस में में और बॉस थे. में अलमारी खोलकर फाइलें देख रही थी. अचानक से पिछेसे बॉस ने आकर सीधा मेरी कमर पर हात लगाया. में डर गयी. बॉस ने कहा डरो. में ही हु. क्या कर रही हो. मेने कहा वो शिपमेंट की फाइलें ठीक से रख रही हु.

में जब बात कर रही थी बॉस का हात मेरी पीठ पर घूम रहा था. वो मेरे नजदीक आने लगे. उनकी नजरे मेरे होठोंपे थी. में डरकर निचे देख फाइलें ठीक से रखने की कोशिश कर रही थी.

बात करते करते बॉस इतने नजदीक आ गया था की उसकी सासे मेरे कानोंमें सुनाई देने लगी. उनकी आवाज मदहोश हो गयी थी. अचानक पीठ पे हात घूमते घूमने बॉस का हाट निचे निचे जाने लगा. जैसे ही उनका हात कमर तक पोहचा में उनसे दूर जाने लगी.

में जा ही रही थी के बॉस ने मेरा हात पकड़ा और मुझे अपनी और खुचा. मेरे हातो में जो फाइल थी वो निचे गिर गई और सरे पेपर जमीन पर चारो तरफ फ़ैल गए. बॉस ने जोर से मुझे कीचकर गले से लगा दिया. में कहने लगी बॉस ये आप क्या कर रहे हो. लेकिन उन्होंने मुझे कसकर पकड़ा और मेरे होठो पर अपने होठ टिकादिये. में खुद को दूर करने लगी लेकिन बॉस माने नहीं उन्होंने होठोंको चूमना जारी रखा.

जोर जबरदस्ती करते करते उनके हात मेरे मम्मो पर आये और उन्होने कसकर मेरे दोनो मम्मो को दबाना सुरु किया. बॉस की हवस देख ऐसे लग रहा था मानो बहोत दिनों से भरे थे. आज मौका मिला तो छोड़ने के विचार में नहीं है.

बॉस ने होठोंको चूमते हुए काफी देर तक मेरे मम्मो को मसला. फिर गालो को चूमते हुए मेरी गर्दन पर आ गए. काफी दिनों बाद किसी मर्द के स्पर्श का अनुभव हो रहा था. तो में मि पिघलने लगी. मेरे मुँह से आह की आवाजे आने लगी. अहहहह. अहाहा। ..श अहहह. आहहआए…….. बॉस ने जैसे ही मेरी आवाज सुनी वो और जोश में आने लगा और मुझे गले से लगाकर मूर्ति गर्दन को चूमने लगा. पीठ पर हात घूमते हुए कमर तक पोहचा और धीरेसे निचे हात खिसकर मेरी गांड को दबाने लगा.

गांड पे हात लगते ही में उछल पड़ी. मेने कसकर बॉस को पकड़ लिया. बॉस मुझे अपनी बाहो में भर चूमने लगा और साथ साथ गांड को दोनों हातो से दबा रहा था.

फिर धीरेसे उसने मेरा कुरता उठाकर निकला दिया. मेरी ब्रा दिखने लगी. ब्रा देखकर बॉस और उत्तेजित हो उठा और उसने दोनों मम्मो को दबाते हुए बिच की दरार को चाटना सुरु किया. अहहहहहह. अहहह हाहाहाहा. ाहाःहाहा. सशशआ… मम्मो को दबाते हुए ब्रा को सरका दिया और दोनों मम्मो को बहार निकाले. चूचिया जैसे दिखी, सीधा मुँह से पकड़कर चूसने लगा. चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था.

अह्ह्ह हः अहहह. ष्ष्स. अहहह अह्ह्ह . स्स्स्सस्ठ.अह्ह्ह . श्श्श..

मेने पिछेसे ब्रा का हुक निकला और मम्मो को आजाद कर दिया. बॉस मेरे मम्मो पर टूट पड़ा. बड़ी बेहरमी से चूचियों को चबा रहा था. जोर जोर से मम्मो को मसल रहा था. चूचियों को ऊँगली से पकड़कर खींच रहा था. अहह. अहह अहहह. कमीना जानवर बन गया था. अहह अहहहहह अहःअहः. स्सश्श्श.

काफी देर मम्मो से खेलकर जब पीछे हटा. उसने सीधा अपने कपडे उतरना सुरु किया. जल्दसे अपनी शर्ट और पैंट उतार दी. फिर मेरे सामने अपने अंडरवेर पर हात घुमाकर दिखाने लगा. अंडरवेर का उभार देखकर लग ही रहा था की उसका लंड काफी बड़ा हो चूका है.

में आगे नहीं आ रही देख बॉस ने मेरा हात पकड़ा और अपने अंडरवेर पर दबाया. मेने फिर उसके अंडरवेर पर घूमना सुरु किया. फिर में निचे घुटनो पे बैठी और धीरेसे उसकी अंडरवेर निचे खींच दी. जैसे अंडरवेर निचे आयी. उसका काला सा लंड उछल कर बाहर निकला. मेने तुरंत मुठी में लंड पकड़ा और हिलने लगी. मेरे हिलने से लैंड और भी मजबूत और बड़ा होने लगा. कुछ ही देर में लोहे की तरह मजबूत हो गया. मेने तुरंत लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी.

अम्मम्ामम… अहःअहम्म्म्म हाःहाहाम्म्म अहःअहम्म्म्म। ष्ष्स शशशशशश. काफी दिन बाद आज लंड चूसने मिला है. मेने लंड को पूरा अंदर खींच लिया और चूस रही थी. जीभ से चाटकर लंड को चिकना कर लिया. मुँह में लंड को रखकर उसकी गोटियों को हात से पकड़कर दबाने लगी.

काफी देर लंड को चूसने के बाद, जब पीछे हटी तो बॉस मेरी तरफ नशीली नजरोसे लाल टपकते हुए देख रहा था. उसने मुझे वही पर निचे सुला दिया. में फ़ाइल से गिरे सरे पेपर पर सो गयी. बॉस ने मेरा पैजामा पकड़ा और खींचकर निकल दिया. मेरी चड्डी दिखने लगी. वैसे ही उसने चड्डी पकड़ी और खींचकर उतार दी. में पूरी नंगी बॉस के सामने पेपरों पर लेटी हुयी बॉस को देख रही थी.

बॉस ने फिर मेरे पैर फैलाये और मेरी चुत को जीभ डालकर चाटने लगा. अहह अहहह अहहह.. यही तो मुझे चाहिए था. जब भी कोई मर्द मेरी चुत को चाटने लगता है. मेरे शरीर की आग बढ़ जाती है. में इतनी मदहोश हो जाती हु के अपने बदन को पूरा उसी को सौप देती हु. चुत चाटने के बाद वो आदमी अब मेरे साथ कुछ भी करे मुझे पर्व नहीं. में पूरा साथ देती हु.

बॉस ने जीभ को चुत पर रगड़ रगड़ कर चाटना सुरु किया….अहहह अहाहा। ..अहहह सशशषस शशशश.. काफी देर तक मेरी चुत को चाटने के बाद वो पीछे हटा और अपना लेकर नजदीक आया और चुत में लंड दाल दिया. बॉस का काला लंबा लंड अंदर तक घुस गया.

फिर जोर जोर से धक्के देकर मुझे चोदने लगा. में चिल्लाने लगी. अहह अहह ाःहाहा. श्श्श। ा अहहह अहहस.. मर गयी. ाहः अहह.अहह….

मेरे ऊपर लेटकर मुझे चूमते हुए चोद रहा था. काफी देर तक चोदने के बाद फिर वो मेरे पास सोया और मुझे अब लंड के ऊपर बैठा दिया. में लंड पर बैठी और उछलकर उछलकर चुदवाने लगी. अहह अहह अहह अहह अहह.. चुत के अंदर तक लंड को धकेल कर चुदवा रही थी. अहहह अहहह। .श्श्श्श श्श्श श्श्श

काफी देर ये करने के बाद फिर बॉस ने मुझे घोड़ी बना दिया. मेरे पीछे गया और गांड पे पहले तो दो बार फटके मारे. में चिल्लाई… अहह आह श्श्श्श अहह। …

फिर अपने लंड को पिछेसे चुत में डालकर मुझे चोदने लगा. अहाहा अहःअहः अहह श्श्श अहहह आह्हः.. ससससस

इसबार ऐसे लग रहा थकी पूरी ताकत लगाकर चोद रहा है. दोनों हातोंसे मेरी कमर को पकड़ कर जोर जोर से धक्के मारने लगा. मेरी गांड पे उसकी जांग जोर जोर से पटक रही थी.

अहाः अहहह ष्ष्स आहह सस्शह्ह्शसश। … श्श्श श्श्श शहस अहाहा

इसी दौरान मेरी चुत ने भी पानी छोड़ दिया. बॉस कभी भी झड़ सकता था. उसने अपनी गति बधाई. और चोदने लगा.

कुछ ही पल बाद, बॉस ने एक कराहट के सात अपने लंड को चुत के बाहर खींचा और सारा गरम पानी मेरी गांड पे निकल दिया

मेरी पूरी गांड लंड से निकले गरम पानी से गीली हो गयी

कुछ देर में ऐसे ही बैठी रही. फिर जैसे बॉस कपडे उठाकर अंदर केबिन में चला गया. मेने भी कपडे उठाये और बाथरूम में जाकर सब धोकर कपडे पहन लिए.

उस दिन बाद से मनो में बॉस की रकेल बन गयी हु. जब भी बॉस का मन करता है वो मुझे अपने केबिन में बुलाता है और मुझे चोदना सुरु करता है.

लेकिन अछि बात ये है के बिच बिच में मुझे पैसे भी देकर जाता है. जिससे मुझे थोड़े ज्यादा पैसे मिल जाते है.

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