मेरा नाम सुबु है. में नेपाल से कुछ ही दिनों पहले एक स्पा में काम करने आयी थी. हमारे यहाँ नेपाल में लड़कियों को दिल्ली
हेलो दोस्तों, आज जो में आपको कहानी बताने जाने वाला हु. ये हमारे जीवन की एक ऐसी सच्चाई है जो हमने कभी किसी को भी
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो एक सच्ची घटना पे आधारित ये. पहले में आपको कथा में जो पात्र हे उनके बारेमे
मेरा नाम कमल है. में २८ साल का हु और मध्यप्रदेश में एक किराये के माकन में रहता हु. पुराणी बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पे
मेरा नाम विपिन है. में २४ साल का हु. आज जो में कहानी आपको बताने जा रहा हु वो मेरी, मेरा दोस्त हरीश और सुमन
मेरा नाम ईशान है. २२ साल का हु. आज दुपहर को पापा के दोस्त ने उन्हें ऑफिस में दो अरिजीत सींग के कॉन्सर्ट की टिकटे
मेरा नाम सुनील है. में २३ साल का हु. ये जो कहानी में आपको बताने जा रहा हु, ये मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड अनीता की
मेरा नाम सुधीर है. में २६ साल का हु. एक बड़ी कंपनी में मैनेजर की जॉब करता हु. आज जो में आपको कहानी बताने जा
सावित्री 32 साल की विधवा थी। पति की मौत के बाद तीन साल से उसका शरीर सूखा पड़ा था। गाँव के लोग उसे डायन, अभागिन
मेने घर में कैमरा लगा के रखा था ताके मुझे पता रहे के मेरे काम के जाने के बाद घर पर कोण कोण आता है.
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर आ रहा था, तो मेने
सुबह का वक्त था. मेरे पति सोहम नाहने गए थे. में कमरे में आई और बेड की चद्दर ठीक से रखने लगी. कुछ ही पल
भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने की आदत थी. सुभह सुभह
मेरा नाम रविंद्र है. लोग मुझे रवि के नाम से जानते है. में कॉलेज में पढता हु. आज जो स्टोरी में आपको बताने जा रहा
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े खुले मिजास के है. हमेशा
