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अपने बॉस से शादी करने का फायदा

मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी जिंदगी का सच है जो आज तक मेने किसी को भी नहीं बताया। जब मेरे पापा का कैंसर के वजसे देहांत हुआ, उनके जाने के बाद मेरी भी बीमार रहा करती थी. पापा के जाने के बाद दो साल बाद माँ का भी देहांत हो गया. मम्मी पापा के जाने के बाद अब मेरे छोटे भाई की पूरी जिम्मेदारी मेरे कंधो पे आ गयी थी. मेरा छोटा भाई अभी १३ साल का है. उसकी जिम्मेदारी निभाते निभाते में उसकी माँ ही बन गयी थी.

दूसरी तरफ मेरे बॉयफ्रेंड ने भी मुझे शादी का वादा किया था, वो भी कमीना मुझे छोड़ के चला गया. करीब ३ साल हम साथ थे. अब में अकेली थी. कोई सहारा नहीं थी.

में एक बड़े होटल में रिसेप्शन की जॉब करती हु. एक दिन हमारे होटल के मालिक संजीव जी मुजसे मिलने आये. मुझे अपने केबिन में बुलाके बाते करने लगे. काफी हसकर और आदर से मुजसे बाते करते थे. धीरे धीरे मेने देखा की उनका बर्ताव मेरी तरफ अजीब होने लगा था. वो बार बार मुझे अपने केबिन में बुलाते, यहाँ वह की बाते करते। कुछ ही दिनों बाद मेने देखा की उनकी नजरे मेरे बड़े बड़े मम्मो को ताड़ती रहती।

रिसेप्शन पे काम करती इसलिए मुझे स्कर्ट और ब्लेजर पहना पड़ता। उस स्कर्ट की लम्बाई मेरे घुटनो के ऊपर तक ही थी. जिस वजसे मेरे पेअर और कुछ हद तक मेरी गोरी जांग भी दिखाई देती। मेरे बॉस संजीव जी बार बार मेरी तरफ देखते रहते। मुजसे हसकर बाते करते। मुझे कभी चॉक्लेट लेकर देते तो कभी खाना मंगाते। उनकी नजदीकियां मुजसे बढ़ने लगी थी.

फिर एक दिन मुझे कहने लगे. डिवोर्स के बाद में अकेला हो गया हु. कोई नहीं होता घरपर बाते करने के लिए. मेने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अपने काम में लगी रही.

कुछ महीने बीत गए और अचानक उन्होंने मुझे मेसेज करके पूछा मुजसे शादी करोगी।

में मेसेज पढ़कर चौक गयी. तब रात के ११ बज रहे थे. सोने का वक्त हो चूका था. मेने मेसेज पढ़ा लेकिन संजीव जी को कोई रिप्लाई नहीं दिया।

दूसरे दिन जब जॉब पे पोहची, कुछ देर बाद संजीव जी आये और उन्होंने मुझे अपने केबिन में बुलाकर बिठाइया और वही शादी वाली बात पे मुजसे पूछने लगे.

में थोड़ी सहम गयी थी. मेरे लिए अपने बॉस से ये सारी बाते करना मुश्किल हो रहा था. मेने संजीव जी को कहा के में तो आप से बहोत छोटी हु. मेरी उम्र अब २७ है. आप तो ४३ के हो.

तो वो कहने लगे, तो क्या हुआ. प्यार में उम्र को देखता है.

में मन में सोचने लगी, के प्यार कब हुआ.

फिर वो अपनी बाते बताकर मुझे मनाने लगे. सुरवात में तो मेने उनकी बातो पे ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन आखिर में उन्होंने कहा के उनका बड़ा बंगला है. घर में नौकर चाकर है. करीब १० होटल है. तुमको में रानी बनाके के रखूँगा।

ये सब सुनकर मेरा विचार बदलने लगा. मेने सोचा पैसे से मेरी सारी तकलीफे ख़तम हो जाएँगी। मेरे छोटे भाई की भी जिंदगी सवर जाएगी। और वैसे भी शादी करने की ही बात चल रही है. कभी न कभी तो शादी करनी ही है.

संजीव जी की बात ख़तम होते ही मेने उनको कहा मुझे थोड़ा सोचने का वक्त दीजिये।

मेने पूरा दिन शादी के बारेमे सोचा और आखिर में रात को जब संजीव जी का मेसेज आया तो मेने शादी के लिए हां कर दी.

संजीव जी बहोत खुश हुए. उन्होंने जरा भी देर न की और झट से सारी तैयारी कर ली. शादी का भी पूरा खर्चा उन्होंने ही किया। कुछ ही दिनों में शादी भी हो गयी.

में और मेरा छोटा भाई हम सजीव जी के बंगले में आ गए. सबकुछ सपने जैसा लग रहा था. छोटा भाई भी आलीशान बंगला और ठाठ माट देखकर बहोत खुश था.

अब रात को हमारी सुहागरात थी. मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा था के मेने अपने बॉस के साथ जो मुजसे काफी बड़ी उम्र का है उससे शादी कर ली है.

में अपने कमरे बैठी थी रात के ११ बज रहे थे. चारो तरफ शांति थी. संजीव जी कमरे में आये. उन्होंने आते ही मुझे गले लगा लिया। और मेरी पीठ पे अपने मरदाना हात घुमाते हुए मुझे गालो पे चूमने लगे. आअह्ह्ह्ह। मेरे शरीर में बिजली सी कड़कने लगी. संजीव जी ने मेरे होठो पे अपने होठ टीकाकार मुझे चूमना सुरु किया अहह उम्म्म अम्म्म उम्म्म। चूमते हुए जैसे ही उन्होंने मेरे मम्मो को दबाया, में मछली की तरह तड़प ने लगी. मेरे बड़े बड़े मम्मो को वो दबाने लगे. होठो को चूमने लगे. ऐसे लग रहा था के काफी दिनों से भरे पड़े है.

देखते ही देखते संजीव जी ने मेरे कपडे उतरना सुरु किया साडी का पल्लू निचे गिरा। मेरे उभरे हुए मम्मो को देखकर उनकी जबान बाहर आ गयी. फिर उन्होंने दिख रहे मम्मो को चूमना सुरु किया आह्हः अह्ह्ह अहह मम्मो को दबाते हुए ब्लाउज़ खोल दिया। अपनी शेरवानी उतार के फेक दी. मेरा ब्रा जैसे उनको दिखा वो पागल से हो गए. ब्रा पे दोनों हात रखकर मम्मो को दबाने लगे. आह्हः अहहह संजीव जी आआ हहहहह।।।।

मुझे कहने लगे मुझे सिर्फ संजीव कहो और जोर जोर से मम्मो को दबाने लगे. आह्ह्ह्ह अहह संजीव अहहह हहहह

फिर कसकर मुझे पकड़के गले लगाया और ब्रा को खींचकर निकाल दिया। मम्मो को खुला हुआ देख उनकी आखे चमकने लगी. उनके लिए तो एक जवान लड़की के मम्मो को चूसना नया अनुभव था. उन्होंने मेरे निप्पल को मुँह में लिया और चूसने लगे. अह्ह्ह अहहह उम्. ामममम संजीव अहहह अहा उम्म्म

उनकी बढ़ती हुई हवस देख पता लग रहा था के ये काफी दिनों से मेरे मम्मो को चूसना चाहते थे. इसलिए काफी दिनों से मेरे मम्मो को देख रहे थे. उम्म्म अम्मम्म ाममम अम्म्म अह्ह्ह्ह

दबा दबा के मम्मो को चूसने के बाद संजीव ने मेरे पूरी साडी निकल दी. में सिर्फ पैंटी पहने संजीव जी के सामने खड़ी थी. मेरा कटीला बदन देखते हुए संजीव ने अपना पजामा निचे कर दिया। जैसे ही उसकी अंडरवेर देखि, में चौक गयी, अंदर का लंड तना हुआ दिखाई दे रहा था. पजामा उतारते ही संजीव ने मुझे गले लगाया, दोनों के नंगे बदन एक दूसरे पे रगड़ने लगे.

संजीव ने मुझे चूमते हुए मेरे दोनों पैर उठाये और अपनी कमर पे बिठा दिया। उनका हात मेरी बड़ी गांड के निचे रखकर गांड को कसकर अपने पंजो में पकड़कर बेड के पास ले गए.

बेड पे मुझे सुलाके जैसे ही संजीव ने मेरी पैंटी खींची और मुझे नंगा किया, अपने आपक को संजीव जी के सामने नंगा देख मेरे दिमाग ने काम करना ही बंद का दिया। मेने अपनी आँखे ही बंद कर दी. संजीव जी ने मेरे पैर फैलाये और मेरी चुत को चाटने लगे. अह्ह्ह्ह अहहह। यहाँ में तड़पते हुए अपने आप को संजीव जी के हवाले कर दिया। संजीव जी ने जिस तरह अपनी जबान मेरी चुत में डालकर चाटना सुरु किया, में पागल ही हो गयी. अपनी गांड को बेड पे रगड़ते हुए तड़प रही थी. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म अम्मम्म ाममम।। उम्मम्मम।।।

पूरी चुत चाटकर संजीव जी घुटनो पे मेरे सामने बैठे। फिर उन्होंने अपनी अंडरवेर उतारी। उनका लम्बा लंड मेरी आखो के सामने आया. आअह्ह्ह। काफी बड़ा था लंड इस उम्र में भी ऐसे तना हुआ था के देखकर ही खाने का मन कर रहा था.

संजीव जी ने मेरा हात पकड़ के उठाया और अपने लंड के सामने मुझे बिठाया। मेरे मुँह के सामने अपना लंड लेकर बोले चूस लो आज पूरा।

मेरा शरीर वैसे भी लंड को अंदर लेने के लिए तड़प रहा था. मेने मुठी में संजीव का लंड पकड़ा और हिलाते हुए मुँह में लेने लगी. अह्ह्ह उम्म्म्म अम्म्मम्म।

लंड को चूसते चूसते मेरे दिमाग में आया के ये तो आज से मेरा ही लंड है. मेने प्यार से अपनी जबान लंड पे घिसी। पूरा लंड ऊपर से निचे तक चाट लिया। गोटे निचे दिखे तो उनको भी चाट लिया। संजीव के मुँह से सिसकने की आवाज सुनकर और भी मजा आने लगा. जब जब में लंड के गुलाबी भाग पे अपनी जबान रगड़ रही थी. संजीव को बहोत अच्छा लग रहा था. काफी देर तक संजीव का लंड चूसा,

फिर जैसे मेने लंड को छोड़ा, संजीव ने मुझे निचे सुलाया, मेरे पैर फैलाये और लंड को सीधा चुत में डालकर मेरे ऊपर सो गया और निचे से चुदाई और ऊपर होठो को चूमना दोनों एक सात सुरु हो गया आह्हः अह्ह्ह उम्मम्मम।।।।

संजीव का बड़ा लंड चुत की दिवार को चीरते हुए अंदर बाहर हो रहा था अहह अहह उम्म्म अम्म्म उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह अहहह।। उफ्फ्फफ्फ्फ़

चुदाई जोर जोर से होने लगी. अह्ह्ह अहह। आआ

सजीव अह्ह्ह अह्ह्ह। ……

ऊपर से काफी देर चुदाई की, फिर संजीव ने मुझे उठाया, और कहा मेरे लौड़े पे बैठो। वो निचे सो गया और अपने खड़े लंड पे मुझे बिठा दिया। लंड चुत में चला गया और में लंड पे बैठे बैठे ऊपर निचे कूदने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह उम्मम्मम्मम

आअह्ह्ह अहहह। मेरे बड़े बड़े मम्मो को उछलते हुए देख संजीव मजे ले रहे थे. अह्ह्ह अह्ह्ह मेरी मदहोश जवानी आज उफान पे थी. काफी सालो बाद आज चुदाई मिली थी.

संजीव की उम्र हो गयी थी लेकिन चुदाई अभी भी २० साल के लड़के की तरह करते है. अह्ह्ह अहहह। लंड चुत में घिसे जा रहा था. अह्ह्ह अहःअहः

ऊपर बैठे चुदाई की फिर संजीव जी ने कहा, सामने सोफे पे आ जायो। वो उठे और सोफे पे बैठे। अपना लंड पकड़ के मेरी चुत देखते हुए बोले, लेलो अंदर और पैर फैलाके बैठो।

में गयी उनके पास, पैर फैलाके निचे से चुत लंड लिया और संजीव को गले लगाकर फिर से लंड पे उछलने लगी. आह्हः। मेरे मम्मो को चूसते हुए संजीव मेरी गांड के निचे हात डालकर गांड दबा रहा था. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म अम्म्मा। अह्ह्ह अहह.

आज की चुदाई में तो मुझे पोर्न स्टार बन गयी ऐसे लग रहा था. इतनी अछि मेरी सुहागरात होगी ये मेने सोचा ही नहीं था.

अह्ह्ह अहहह। संजीव अह्ह्ह उम्मम्मम।।।

फिर संजीव ने लौड़े से मुझे हटाया। मुझे कहा पलट के खड़ी रहो.

में जैसे पलटी, संजीव ने मेरी गांड के बिच अपना मुँह डाला और अपने मुँह को मेरी गांड पे घिसने लगा. आह्हः अहह. दोनों हातो से मेरी बड़ी गांड को दबाने लगा. गांड को फैलाके चाटने लगा. मेने भी सोचा में भी सात देती हु तो में धीरेसे घूककर अपनी गांड को संजीव के तरफ करने लगी. संजीव को अच्छा लगा. और मेरी गांड पे अपना मुँह फिर से रगड़ने लगा. गांड पे जोर से चपेट मरकर उसने मेरी गांड लाल कर दी.

संजीव गांड पे चपेट मरता और फिर उसपे अपनी जीभ रगड़कर चाट कर मलम लगता। दोनों गांड को संजीव ने मार मार के लाल कर दिया। में चिल्ला थी तो और जोर से मारता।

में सामने के टेबल पे दोनों हात रखकर झुककर खड़ी थी. आखरी एक चपेट मरकर संजीव खड़ा हुआ, उसने अपना लंड फिर से चुत में धकेला और दोनों हातो से मेरी कमर को कसकर पकड़े मेरी चुदाई सुरु की

अह्ह्ह अहहह। ाहाहाःहाहा जोर से चोदो संजीव अहहह अहहह अहहह

अह्ह्ह साली कबसे तुझे चोदना चाहता था अहहह अहहह अहह. आज मिल गयी है तो छोडूंगा नहीं। अह्ह्ह हाहाहाहा। संजीव काफी दिन से मुझे चोदना चाहता था ये मुझे भी पता था

अह्ह्ह अह्ह्ह अहह. आज संजीव पूरी भड़ास निकल रहा था. उसका लम्बा लंड चुत में अंदर तक जा रहा था और रगड़ते हुए बाहर आ रहा था. उफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह आअह्हह्ह्ह्ह

जोर जोर से काफी देर पीछे से चुदाई की, आखिर में संजीव चिल्लाया, आह्हः मुँह यहाँ करो.

लंड को चुत से निकालके संजीव ने मेरे मुँह में सारा पानी छोड़ दिया। मुँह में लंड को इतना अंदर तक दबाके रखा था के वो सारा पानी में पि गयी. आह्हः अहहह

मेरा मुँह पकड़े लंड को मुँह में दबाये रखा था.

फिर जब वो शांता हुआ उसका लंड भी छोटा होने लगा. संजीव की सासे फूली थी. हम दोनों भी थक गए थे.

संजीव गया बेड पे और नंगा ही सो गया. मेने नाईट ड्रेस पहना और में भी सो गयी.

उस दिन के बाद से संजीव मुझे जब मन करे तब चोदता था. मेने भी अपने शरीर और मन को संजीव को सौप दिया था.

क्यूंकि उसके वजसे मेरी और मेरे छोटे भाई की जिंदगी सवर गयी थी.

संजीव जहा कहता वह में उसका लंड चूस लेती, और जब कहता तब नंगी हो जाती।

अपने बॉस के साथ शादी करने का फायदा तो मुझे बहोत हुआ.

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