भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने की आदत थी. सुभह सुभह
Author: Jyoti Lamba
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े खुले मिजास के है. हमेशा
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो सच्ची घटना पे आधारित है. मेरा नाम नीमा है. में एक टीचर हु। कॉलेज के बच्चो
सुभह का वक्त था. पापा अपने काम पे निकल गए. मेने माँ को कहा के में अपने सहेली स्नेहल के घर जा रही हु वह
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी जिंदगी का सच है जो
