चूदाई कहानी

मेरा नाम चारुलता है. में अच्छा जीवन कैसे जीना है इस विषय पे लोगो को सलाह देती हु. कुछ दिनों
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे
मेरा नाम गीता है. में अभी ११ वि में हु. कुछ ही दिन पहले मेरा रिजल्ट आया और में पास
मेरा नाम अजय है. में उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहता हु. जबसे मेरा लंड खड़ा होना सुरु हुआ
हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम प्रियंका है और आज में आप लोगों के साथ अपनी पहली स्टोरी शेयर करना चाहती हूँ।
मैंने एक आंटी की मदद की उनका सामान उनके घर पहुंचाने में. उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया. उनके घर में
मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
मेरी ही सहमती से, मेरे दोस्तों ने मेरी मम्मी को सेड्युस करने और घनघोर चुदाई करने का प्लान बनाया. पर
सुबह का वक्त था. मेरे पति सोहम नाहने गए थे. में कमरे में आई और बेड की चद्दर ठीक से
मेरा नाम अखिलेश है. में एक कंपनी का मालिक हु. वैसे कंपनी कोई बड़ी नहीं लेकिन मुझे एक सेक्रेटरी की
ये तब की कहानी है जब मेरी दीदी की शादी नहीं हुई थी। मैं और मेरी दीदी (बड़ी बहन) दादाजी
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
एक छोटे से गांव में मंदिर को सम्भालनेका काम गांव का एक पंडित किया करता था. गांव में ज्यादातर बुजुर्ग
हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
काजल की हाईट कम है, पर पूरा शरीर भरा हुआ है। उपर से उसका चेहरा एक दम गोरा और भरा
तो, हाय दोस्तों, मैं मुंबई से सूरज हूँ, हाइट 5.8, डिक 7 इंच और 3 मोटा, फिर से नई कहानी