Gandi Kahani

हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम अमन है और मै लखनऊ में रहता हु, शुरू से मुझे चुदाई की स्टोरी पढना पसंद
मेरा नाम धीरज है और मैं आप लोगों को अपनी सच्ची कहानी बता रहा हूँ जो की कुछ साल पहले
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
मुझे अनुभव नहीं था और मुझे लगता था की मेरा लंड बहुत छोटा है और मैं लड़की को कैसी संतुष्ट
मैं इल्विश मेरठ से हूं, और आज कल दिल्ली रहता हूं। यह घटना मेरे साथ 2024 में हुई। मेरी उम्र
प्रीति के साथ मेरी दोस्ती कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के दौरान शुरू हुई. हम दोनों के बिच तब बाते होने
कुछ ही दिन पहिलेकि बात है. मेरी बड़ी दीदी ने मुझे बताया की वो सुभह अपनी किसी दोस्त की शादी
मेरा नाम शुभम हे और मे अहिल्यानगर मे रहता हुं अगर किसी लडकी को या औरत को सेक्स चॅटिंग करणी
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
जब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था. उसी बीच मैंने एक सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम दिया था। मैं उसका एग्जाम
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
मेरा नाम श्रुति है. में बिहार की रहने वाली हु. मेरे माता पिता दोनों भी अछि जॉब करते थे. पैसा
मेरा नाम दीपाली है मैं इंदौर की रहने वाली हूँ। मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
हाय, मेरा नाम प्रेम है और मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ, और जबलपुर में रहता हूँ। और जो कहानी मैं
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे
मेरा नाम अजय है. में उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहता हु. जबसे मेरा लंड खड़ा होना सुरु हुआ
संत बाबा एक ऊची पद्दवी होती है लेकिन कुछ बाबा उसका गलत इस्तेमाल करते है और भोली भाली औरतों का