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Kahani hindi xxx

मेरा नाम अनिरुद्ध है. में बिहार से हु लेकिन अभी मुंबई में एक दुकान में काम करता हु. दुकान एक
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
ये कहानी मेरी गर्लफ्रेंड पूजा की है. पूजा का फिगर ३२ २७ ३२ हे. हम कॉलेज में साथ में पढ़ते
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
मेने घर में कैमरा लगा के रखा था ताके मुझे पता रहे के मेरे काम के जाने के बाद घर
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
मेरा नाम कमल है. में २८ साल का हु और मध्यप्रदेश में एक किराये के माकन में रहता हु. पुराणी
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो एक सच्ची घटना पे आधारित ये. पहले में आपको कथा में
मेरी बीवी अपनी कपड़ो की दुकान चलाती थी. तो हमने सोचा घरके काम में हात बटाने के लिए हम एक
हेलो दोस्तों में आज जो आपको अपनी घर की कहानी सुनाने जाने वाली हु वो पूरी तरह सत्य घटना पे
में अपनी यूपीएसी की तैयारी कर रहा था. मेरा नाम युग है. परिवार के साथ हरियाणा में रहता हु. कुछ