Desi kahaniya sex stories पति ने दिल्ली ले जाकर अजनबी से चुदवाया मेरा नाम श्रुति है. में बिहार की रहने वाली हु. मेरे माता पिता दोनों भी अछि जॉब करते थे. पैसा अजनबी आंटी और उसकी सहेली को चोदा मैंने एक आंटी की मदद की उनका सामान उनके घर पहुंचाने में. उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया. उनके घर में भाभी के टाइट गांड में मेरा मोटा लंड मैं इल्विश मेरठ से हूं, और आज कल दिल्ली रहता हूं। यह घटना मेरे साथ 2024 में हुई। मेरी उम्र जिम ट्रेनर की बॉडी का आकर्षण मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती माँ और बेटे के बिच का सबंध छुड़वाया मेरा नाम चारुलता है. में अच्छा जीवन कैसे जीना है इस विषय पे लोगो को सलाह देती हु. कुछ दिनों पापा माँ पे चढ़ गए, में बड़ी बेहेन पे हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे बहन की आकांशायो को भाई ने पूरा किया आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ। मेरा नाम कविता है और मेरी शादी हुए मात्र छह महीने हुए दूर के चाचा ने मेरी चुत मारी मेरा नाम गीता है. में अभी ११ वि में हु. कुछ ही दिन पहले मेरा रिजल्ट आया और में पास रक्षाबंधन पे मिला भाई का लंड गिफ्ट में हेलो दोस्तों मैं आपका प्यारा रवि. आप सभी के कमैंट्स और मेल के लिए थैंक्स. आप सभी ने मेरी पिछली टीवी रिपेयरिंग करने आया था चोद के चला गया सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज बच्चो को पालने के लिए बॉस की रखेल बन गयी मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और मामू से चुद गई हेल्लो दोस्तों, ये मेरी जवानी की पहली कहानी है जिसमे मैं अपने बदन के मज़े ले रही थी लेकिन उसी माँ को ब्लैकमेल करके चोदा कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के बुआ की बेटियों के साथ चुदाई भाई बहन की चुदाई की कहानी में मैंने बुआ कि दो जवान बेटियों को चोद कर उनकी बुर का उद्घाटन मल्लू आंटी के साथ चुदाई इकलौता लड़का होने के कारण मेरे घर के अमूमन हर काम का बोझ मेरे ही सर पर था और वैसे बीवी को आज खुलके चोदा हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा. कल्पना दूसरे से चुदवाकर लेने लगी मजे “देखो कल्पना, मैं अब पचास का हो चला हूं। मेरे लिये अब औरत के जिस्म का कोई मतलब नहीं रह ऑफिस की दोस्त को दिवाली के दिन चोदा कुछ दिनों पहले की बात है. ऑफिस में दिवाली का त्यौहार मनाया जाना था. सारे लोगो को हॉल में बुलाया मेरी दीदी को नौकर ने चोदा ये तब की कहानी है जब मेरी दीदी की शादी नहीं हुई थी। मैं और मेरी दीदी (बड़ी बहन) दादाजी प्लंबर से चुदवा लिया सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X