Raj sharma kahani

शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
ये कहानी मेरी गर्लफ्रेंड पूजा की है. पूजा का फिगर ३२ २७ ३२ हे. हम कॉलेज में साथ में पढ़ते
भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने
सुबह का वक्त था मेने नाहा लिया और कॉलेज जाने के लिए निकल रहा था. अपनी बैग उठाई और सारी
मेरा नाम नंदिनी है. ये कथा कुछ दिनों पहले की है. में एक स्कल में टीचर हु. बड़े बच्चो को
रितिका और में कुछ दिनों के लिए उसके मायके रहने आये थे. मेरी सास बड़ी हसमुख किसम की औरत है.
मेरा नाम अनिल कुमार है. मे कुछ दिनों पहले  गुरुग्राम में रहने आया था. उम्र २६ साल. मेरी कंपनी का
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था.
कैसेहो दोस्तों. मेरा नाम मनोज है. में उत्तरप्रदेश का रहनेवाला हु. अभी में १३वी कक्षा में पड़ता हु. कुछी दिन
मेरा नाम मालिनी है. में और मेरे पति हम दोनों एक बड़ी सोसाइटी में रहते है. में हमेशा घरका सामान
मेरा नाम अजय है. में उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहता हु. जबसे मेरा लंड खड़ा होना सुरु हुआ
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी
मेरा नाम नीरज है. मेरी उम्र ३६ साल है. मेरी शादी हो चुकी है और २ बच्चे भी है. मेरी
में अपनी यूपीएसी की तैयारी कर रहा था. मेरा नाम युग है. परिवार के साथ हरियाणा में रहता हु. कुछ
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा

राज शर्मा की कहानी

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप राज शर्मा की पूरी अनफिल्टर्ड कहानी बिना किसी रोक-टोक, सेंसरशिप या छुपाव के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष और जिंदगी के हर कड़वे सच के साथ पढ़ सकते हैं। राज शर्मा की कहानी कोई फिल्मी नायक वाली नहीं है। यह एक साधारण गांव के लड़के की है जो सपनों की आग में जलता हुआ दिल्ली की क्रूर दुनिया में आ पहुंचा। बचपन में पिता की अचानक मौत के बाद मां के कंधे पर सारा बोझ आ गया। राज स्कूल के बाद खेतों में मजदूरी करता, मां के आंसू पोंछता और रात को चांद देखकर बड़े सपने देखता।

बीस साल की उम्र में वह दिल्ली पहुंचा। जेब में सिर्फ पांच सौ रुपये और एक टूटी हुई उम्मीद। पहले दिन रेलवे स्टेशन की बेंच पर रात काटी। सुबह चाय की दुकान पर काम शुरू किया। वहां से होटल में वेटर, फिर छोटी कंपनी में क्लर्क बन गया। लेकिन राज में कुछ अलग था। वह चुपचाप सीखता गया। रातों को किताबें पढ़ता, कंप्यूटर को छूता और स्किल्स बढ़ाता। एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली तो लगा सपना पूरा हो रहा है। लेकिन बॉस की लालची नजरें और ऑफिस की गंदी राजनीति ने उसे तोड़ने की कोशिश की। राज ने सब कुछ झेला, लड़ाई लड़ी और जब ब्लैकमेल हुआ तो उसने सब एक्सपोज कर दिया। नौकरी चली गई लेकिन उसकी इज्जत बची।

फिर शुरू हुई असली जंग। राज ने अपना स्टार्टअप शुरू किया। पुरानी लैपटॉप पर काम, छोटी टीम और अनगिनत बिना सोए रातें। पैसे की भारी तंगी में कई बार आत्महत्या के कगार पर पहुंचा। दोस्तों ने धोखा दिया, पहली प्रेमिका प्रिया ने कहा “तुम्हारे सपने मेरे लिए बोझ हैं” और छोड़कर चली गई। राज टूट गया। उसने शराब पी, सिगरेट फूंकी, बारों में रातें बिताईं और जिंदगी की हर गंदगी को चखा। लेकिन हर गिरावट के बाद वह और मजबूत उठा।

एक दिन मेहनत रंग लाई। बड़ा इन्वेस्टर मिला और कंपनी सफल हो गई। राज शर्मा अब शहर का जाना-माना बिजनेसमैन बन चुका था। महंगी गाड़ियां, बड़ा बंगला, लेकिन अंदर से खालीपन बना रहा। फिर पुरानी पड़ोसन सीमा उसकी जिंदगी में वापस आई। दोनों ने बिना किसी औपचारिकता के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में प्यार था, लड़ाइयां थीं, समझ थी और रातों में वो जुनून था जो दोनों को जीने की वजह देता। सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों ने फंसाने की कोशिश की, पुलिस केस लगे, मीडिया ने ट्रायल चलाया। राज ने कहा, “जिंदगी गंदी है तो मैं भी गंदा खेल खेलूंगा।” उसने हर चुनौती का सामना किया और आखिरकार जीत गया।

आज राज शर्मा करोड़पति है लेकिन वह कभी नहीं भूलता कि कहां से शुरू किया था। वह गांव जाता है, गरीब बच्चों को पढ़ाता है, मदद करता है और युवाओं को कहता है – सपने देखो लेकिन हर कीमत चुकाने के लिए तैयार रहो। राज शर्मा की कहानी प्रेरणा है, लेकिन सच्ची प्रेरणा। इसमें टूटना है, गिरना है, गंदा होना है और फिर खड़ा होना है।

यहां आप इस पूरी अनफिल्टर्ड राज शर्मा की कहानी को विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर धोखा, हर रात की अकेलापन, हर सफलता का जश्न और हर सबक। अगर आपको राज शर्मा जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली जिंदगी की कहानियां पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। राज शर्मा की तरह कभी हार मत मानिए।