आज चुदाई का दिन था

सुबह का वक्त था. मेरे पति सोहम नाहने गए थे. में कमरे में आई और बेड की चद्दर ठीक से रखने लगी. कुछ ही पल में सोहम नहाकर बाथरूम से बाहर आया. नहाकर वो सीधा कमरे में ही आया. मेने उसके कपडे बेड पे निकालके रखे थे.

बेड की चद्दर ठीक करते समय मेरी नजर सोहम की तरफ गयी तो मेने देखा सोहम ने जो टावल पहना था वो आगे से लम्बा हो चूका था. तम्बू की तरह दिख रहा था. में समज गयी के भाईसाब का मूड बन गया है.

मेने चद्दर ठीक की. सूखे हुए कपडे पास की अलमारी में रखने लगी. कपडे रखते समय मेने सोचा की सोहम का मूड बन गया है तो यहाँ पे कमरे में ही उसे शांत करती हु. क्यों की आज मेरी कस्टमर के साथ ऑफिस में मीटिंग थी. जल्दी जाना भी था. अगर सोहम ने जाते समय पकड़ लिया तो बहोत देर कर देगा।

कपड़ो को अलमारी खोलके रख रही थी. धीरसे मेने अपनी पहिनी हुई मैक्सी को ऊपर लिया और इतने ऊपर लिया के मेरी जांग दिख सखे. ऊपर उठाकर कमर पे बांध दिया।

पीछे सोहम कपडे पहन ही रहा था. तो में निचे झुकी और अपनी गांड बाहर निकालके सोहम को आकर्षित करने लगी. सोहम की एक आदत थी. वो मुझे जब भी ऐसे झुके हुए देखता तो तुरंत मेरे पीछे आकर अपना लंड मेरी गांड पे घिसता और चोदे बिना दूर नहीं हटता

तो आज फिर मेने उसी तरह उसको उकसाने के बारेमे सोचा। में झुकी कपडे रख ही रही थी के अचानक मुझे अपनी गांड पे सोहम का हात महसूस हुआ. मैक्सी को कसकर मेने बांधा था तो गांड का गोल आकर स्पस्ट दिख रहा था. सोहम ने मेरी गांड प्यार से दबाई। आह्ह्ह्ह अहहह।।।

फिर धीरेसे से मेरी मैक्सी को ऊपर किया। मेरी चड्डी दिखने लगी. आअह्ह्ह। प्यार से उसने मेरी चड्डी निचे की. जो निचे जाते ही सीधा गिर गयी. मेरी खुली बड़ी गांड को जैसे ही सोहम ने देखा उसने जोर से एक चपेट मेरी गांड पे मारी। आह्हः अहह उम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह

गांड पे जोर से ३ से ४ चपेट उसने मरी. मेरी गांड झनझनाने लगी. फिर अपना हात दोनों पैर के बिच डालकर मेरी चुत को सहलाने लगा. अहहह अहह उम्म्म्म। उसकी बिच की ऊँगली चुत के भीतर रगड़ने लगी. उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह अहहह अहह

ऊँगली रहने की वजसे चुत गीली होना सुरु हुई. अह्ह्ह्ह अहहह अहहह अहा…..

में ऐसे ही झुकी अलमारी के अंदर दोनों हात को सामने की और रखे मजे ले रही थी. फिर सोहम ने अपना लंड धीरेसे मेरी चुत के अंदर धकेला आह्ह्ह्ह।।। लंड धीरे धीरे अंदर जाने लगा. मेने अपने पैर फैलाये और लंड को और अंदर आने दिया। आह्हः अहहहह।।

सोहम ने पूरा लंड चुत के अंदर डाला और चुदाई सूरी हुई. अहह अहह अहह. उम्म्म्म आह्ह्ह्ह उम्म्म आह्ह्ह्ह अहह…

सोहम आज बड़े जोश में ही था. मेरी कमर को कसकर पकडे लंड को चुत में जोर से मार रहा था. अह्ह्ह उम्म्म्म आआआअह्ह्ह अह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह

उसकी जांग मेरी गांड पे ऐसे पटक रही थी जैसे कोई चपेट ही मार रहा है. आह्हः अहहह अहहह अह्ह्ह। उम्म्म।। गांड और जांग से होने वाली आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था. अह्ह्ह अहह उम्म्म्म आह्ह्ह्हह

काफी देर चुदाई चली, में तो कुछ ही पल में झड़ गयी. बहोत देर बाद जब सोहम ने अपने लंड को बाहर खींचा, मेरी गांड पे गरम पानी की पिचकारी उड़ने लगी. अह्ह्ह। सोहम भी झड़ गया. अह्ह्ह उम्म्म्म आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहह.. उम्मम्मम्मम्म

लंड शांत होते ही, वो पीछे हटा. में वैसे ही उठी और पहले नहाने चली गयी.

दोनों भी नास्ता करके घर से जॉब के लिए निकल पड़े. पहले सोहम निकल गया. फिर में भी निकली।

मेने ओला कैब बुक कर ली थी. आज ओला से जाना पड़ा क्यंकि कस्टमर की मीटिंग के लिए मेने आज वन पीस सूट पहना था. काले रंग का ड्रेस जो सिर्फ मेरी जांघ तक आता था.

शरीर से कसकर चिपका हुआ ड्रेस मेरे स्तनों को काफी उठावदार बना रहा था. पीछे गांड भी बाहर निकली दिख रही थी. मेने अपने आप को जब आयने में देखा तो देखकर ही पता लग रहा था के, मुझे देखकर कोई भी मर्द अपने आप को संभाल नहीं पायेगा।

मीटिंग में ऐसे कपडे पहना जरुरी भी था. तो मेने सोचा पहन लेती हु. और ओला से ऑफिस के लिए निकल पड़ी. पुरे रास्ते ओला का ड्राइवर भी मुझे सामने के सीसे में देखते हुए घूर रहा था. उसे लग रहा था के में अपने पैर खोल दूंगी तो उसे मेरी चुत देखने मिल जाएगी।

करीब आधे घंटे बाद ऑफिस की बिल्डिंग में गाड़ी पोहच गयी. ओला के ड्राइवर को पैसे पूछा, तो वो मुझे मुड़कर देखते हुए मुजसे पैसे लेने लगा. मेने पैसे दिए और उतारते समय जान बूझकर अपने पैर खोल दिए. ड्राइवर की नजर सीधे मेरे दोनों पैरो के बिच में पड़ी और उसने मेरी गुलाबी रंग की चड्डी देख ली.

में अपनी बैग लेकर कैब से बाहर निकल गयी.

ऑफिस में पोहची तो बॉस मेरा इंतजार कर रहा था. जैसे ही में अंदर गयी, मुझे देखकर बॉस खुश हो गया. उसकी आखे चमकने लगी. मुझे ऊपर से निचे घूरते हुए बोलै, आज बहोत ही खूबसूरत लग रही हो.

उसकी आवाज और बातो में जो ठैराव था, उससे उसके विचार स्पस्ट दिख रहे थे.

हमने मीटिंग के बारेमे थोड़ी बात की. कुछ ही देर बाद कस्टमर भी आ गए. हमारी मीटिंग सुरु हुई. मीटिंग में २ कस्टमर और बॉस था. तीनो भी मर्द मुझे ही घूरे जा रहे थे.

हमारी मीटिंग ख़तम हुई. सब कुछ अच्छे से हो गया. कस्टमर ने जाते हुए चेक भी दे दिया। हमें ऑर्डर भी मिल गया.

बॉस कस्टमर को बाहर छोड़ने चला गया. में बहोत खुश थी के आज मेरी वजसे ऑर्डर मिला। काफी बड़ा ऑर्डर था तो मुझे इसका अच्छा सा कमीशन भी मिलेगा।

में अपना लैपटॉप समेट रही थी. तभी बॉस कस्टमर को छोड़कर वापस मीटिंग रूम में आया. बहोत खुश होकर मुझे उसने कहा, मेघा तुमने बहोत अच्छे से प्रेजेंटेशन दिया। कस्टमर भी खुश हो गया.

आज तुम्हारी वजसे हमें ये आर्डर मिला है. ऐसे कहते हुए, बॉस मेरे बगल में आकर खड़ा हुआ. और धीरेसे से उसने मेरी कमर पे हात रख दिया। मेरी तारीफ करते हुए उसका हात मेरी पीठ पे रगड़ने लगा. में उसकी हरकते देखकर समज गयी के बूढ़े को ठरक चढ़ने लगी है. वैसे मीटिंग का रूम अंदर से बंद होता था. तो किसी के अंदर आने की गुंजाईश नहीं थी.

बॉस की उम्र करीब ५५ साल थी. वो मेरी पीठ पे हात घूमते हुए निचे जाने लगा. धीरे धीरे बॉस का हात कमर से भी निचे गया और मेरी गांड पे हात रगड़ने लगा. अह्ह्ह हहह. मुझे अजीब सा लगने लगा.

बॉस जो बोल रहा तो वो मुझे धुंधला सुनाई देने लगा. जैसे ही बॉस ने देखा के में उसे कुछ बोल नहीं रही हु. तो उसने सीधा मेरी गांड दबा दी और मेरी कोमल गांड को वो दबाने लगा. अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहह…

मेरे मुँह से आह्हः की आवाज सुनकर बॉस और उत्तेजित हो उठा, उसने मुझे अपनी और घुमाया और मेरे गर्दन पे चुम लिया। आह्ह्ह्हह।।।

मेरे दिमाग में एक ही सवाल आ रहा था, में ये क्या कर रही हु। लेकिन एक अजीब सी ख़ुशी भी महसूस हो रही थी. मेने सोचा बॉस अगर मुजसे खुश रहेगा तो मेरा जॉब भी बचा रहेगा। वैसे भी कुछ ही पल की बात है.

में यहाँ अपने सोच में मग्न थी, उस दौरान बॉस चूमते हुए मेरे होठो तक पोहच गया और मुझे चूमने लगा. आह्हः अहहह अहा.. मेरे स्तनों को दबाने लगा. आह्हः अहहह अह्ह्ह हहहह।।।

अब तो देर हो चुकी थी. बॉस ने मुझे अपनी बाहो में समां लिया और होठो को पागलो की तरह चूमने लगा. अहह अहह उम्म्म आह्हः अहहह अहह उफ्फ्फ्फ़। .. कमीना इस उम्र में भी हवस से भरा हुआ गया. ऐसे होठो को नोच रहा था जैसे बहोत सालो से प्यासा है. अह्ह्ह्ह अहहह।।।

कसकर गले लगाकर मेरी पीठ को सहलाते हुए दोनों हात गांड के ऊपर ले गया और मेरा टॉप ऊपर उठा लिया। मेरी पैंटी दिखने लगी. फिर पैंटी के अंदर अपने दोनों हात डालकर मेरी गांड को दबाने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह अहहह यह..

आगे होठो को चुम रहा था, पीछे गांड को दबाये जा रहा था. उम्म्म आनन. होठो को होठ और जबान एक दूसरे को रगड़ते हुए चुम रहा था.

फिर जैसे ही उसने मेरे होठो से अपने होठ हटाए मेने बॉस का जैकेट उतार दिया। उसकी गर्दन को चूमते हुए में निचे बैठने लगी. बॉस के सामने घुटने पे बैठी। और धीरेसे उसकी पेंट खोलने लगी. पेंट खोली, निचे खींच के उतारी तो अंडरवेर के अंदर तना हुआ लंड दिखने लगा.

आह्हः।। बॉस की सिसकती आवाज मेरे कानो तक पोहच रही थी. मेने दोनों हातो से अंडरवेर निचे खींची तो लंबा सा लंड उछल के बाहर निकला। जैसे ही लंड को मेने देखा में चौक गयी. लंड काफी बड़ा था. मेरे पति से भी बड़ा.

मेने लंड को मुठी में पकड़ा, कसकर उसे पकड़े हिलने लगी. तो लंड को मजबूती का एसास होने लगा. अह्हह्ह्ह्ह। उम्म्म्म। लंड काफी कठोर था. में बहोत खुश हुई.

मेने लंड को धीरेसे मुँह में लिया और चूसने लगी. अह्ह्ह्ह उम्म्म्म अम्म्मम्म।। सच कहु तो ऐसे ही कठोर लंड को चूसने में मुझे मजा आता है. मेने जितना अंदर ले सकती उतना अंदर लेकर में चूसने लगी. आठ अहहह। . उम्म्म अम्म्म। उम्म्म फ्फ्फफ्फ्फ़

लंड पे अपनी जबान घिसते हुए चाटने लगी. उम्म्म उम्म्म्म।।।।।

बॉस के तो गोटे भी बहोत बड़े थे. मेने लंड को मुँह में पकड़े गोटो को दबाना सुरु किया। अह्ह्ह उम्म्म अअअअअम्मम्म आआह्ह्ह्ह

जोर जोर से लंड को मुँह में लेते हुए चूसने लगी. आह्हः उम्मम्मम। आअह्ह्ह

काफी देर चूसने के बाद, बॉस ने मुझे उठाया, मेरी बाजु को चूमते हुए उसने मेरे ड्रेस को ऊपर उठाया, और निकाल के पास में रख दिया। में अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी. बॉस ने मेरे स्तनों को दबाना सुरु किया, आअह्ह्ह्हह्ह यह. ब्रा के ऊपर से दोनों हात मेरे बड़े बड़े स्तनों को दबाये जा रहे थे. अहहह अह्ह्ह ाःहाहा।।।।

बॉस की हवस बढ़ने लगी थी. इसके पहले के बॉस मेरा ब्रा फाड़ दे मेने, ब्रा को खुलकर हटा दिया। ब्रा हटते ही जैसे बॉस ने मेरे स्तनों को देखा, बॉस पागल ही हो गया.

उसने मेरे स्तनों को कसकर दबाया और निप्पल को चूसने लगा. अह्ह्ह उम्म्म् उम्म्म्म अह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह उम्मम्मम

दोनों निप्पल को दबाते हुए चूसने लगा. दातो से पकड़के खींचने लगा. आह्ह्ह्ह। बॉस का जंगली अवतार देख में और भी उत्तेजित हो गयी. आह्हः अहहह उम्म्म्म।।।

मेरे शरीर में बिजली दौड़ने लगी. बॉस ने दोनों स्तनों को बारी बारी चूस लिया।

उसके बाद मुझे मीटिंग रूम टेबल पे बिठा दिया। मेरे पैर उठके ऊपर रखे तो में टेबल पे सो गयी. मेरे पैर को पकड़े जांग चाटने लगा. आह्ह्ह्हह्ह।। जांग को चाटते हुए मेरी पैंटी को खींचने लगा. आह्ह्ह्हह अहह.. अह्ह्ह।।। जैसे ही मेरी चड्डी बॉस ने निकाल दी में पूरी नंगी मीटिंग रूम के टेबल पे लेटी

मुझे शर्म आ रही थी. बॉस ने मेरे पैर को फैलाया और जैसे ही चुत पे बॉस की जबान लगी, में तो मदहोश हो गई. आह्ह्ह्हह
बॉस ने मेरी चुत चाटना सुरु किया, आह्हः अहहहह अहहहहह अह्ह्ह्ह।। मुझे चुत चाटने वाले मर्द बहोत पसंद है. उम्र कुछ भी हो, चुत चाटने वाले मर्द से में खुश हो जाती हु. आह्हः अहहह अहहह बॉस पूरी सिद्धत से मेरी चुत को चाट रहा था. आह्ह्ह्हह्ह

वही पे उसकी जबान घिस रही थी जहा मुझे मजा आ रहा था. आह्हः अहहह उम्म्म्म। कुछ देर बाद जब ऊँगली चुत में डालकर चूसने लगा, तो और भी मजा आने लगा. अह्ह्ह उम्म्म्म आआआआ

पूरी चुत को अच्छे चाट लिया, फिर अपने लंड को आगे ले आया. मेरी चुत पे लेकर लंड को घिसने लगा. घिसते घिसते लंड चुत के अंदर फिसला और जैसे ही लंड अंदर गया, बॉस जोस में आकर मुझे चोदने लगा आह्हः अहहह अहह अहहह हहह… अह्ह्ह।। जोर जोर से चुदाई सुरु हुई.

अह्ह्ह्ह अहहह। .में टेबल पे तड़प रही थी. मेरे नाख़ून टेबल को रगड़ रहे थे. बॉस मेरी जांग को पकडे जोर जोर से मेरी चुत में लंड को मरे जा रहा था. इतना लम्बा लंड आज लेने की वजसे चुत अंदर तक खुल गयी थी. आह्ह्ह्ह अहहह अहह। . उम्म्म्म उफ्फफ्फ्फ़

बहोत देर तक चुदाई चली, फिर लंड को बॉस ने चुत से बाहर खींचा।

मुझे थोड़ी राहत मिली।

मुझे बॉस ने टेबल से उठाकर निचे उतरा। मुझे लगा. अब ख़तम हुआ. लेकिन नहीं। बॉस ने मुझे पलटा।

मुझे फिर से टेबल पे झुककर खड़ा किया। पीछे से मेरी गांड को दबाते हुए निचे बैठा और मेरी गांड के बिच में अपना मुँह दबाते हुए चाटने लगा. आह्हः अहहह। .. में सोचने लगी, ये क्या कर रहा है बॉस. मेरी गांड चाट रहा है. बॉस कुत्ते की तरह मेरी गांड पे जबान रगड़ते हुए मेरी गांड चाट रहा था. इतना ही नहीं तो गांड का गढ़े को चाटने लगा. आह्हः अहहह अहहह अहह……

अजीब ही वो ऐसास था मेरे लिए. आह्हः अहहह उम्म्म्म।।। बहोत देर बाद जब बॉस पीछे हटा,

उसने फिर से लंड को चुत में डाला और चुदाई करने लगा. अह्ह्ह्ह। अब तो लंड और भी अंदर तक जा रहा था. अह्ह्ह उम्म्म्म।। आहहह

जोर जोर से चुदाई सुरु हुई और बॉस ने काफी देर की चुदाई के बाद आखिरकार अपना लंड बाहर खींचा, मुझे पलट के मेरे मुँह में लंड दे दिया और मुझे पानी को पिने के लिए कह दिया। अब बॉस ने कहा है तो में पूरा पानी पि गयी.

काफी देर लंड मेरे मुँह में ही पड़ा रहा. पूरा लंड छोटा होने तक में मुँह में ही पकडे थी. आखिर में जब लंड मेरे मुँह से बाहर निकला तब बॉस को ख़ुशी हुई.

बॉस अपने कपडे ठीक करने लगा, में भी अपने कपडे पहनने लगी. मुझे प्यार से कहने लगा, तुमने आज मेरा दिल खुश कर दिया। में तुम्हे गिफ्ट भेजूंगा आज शाम तक.

में खुस हुइ. मन में सोचने लगी, चलो कुछ तो बदले में मिलेगा बॉस से. घरपर तो पति से कुछ नहीं मिलता।

हम निकले मीटिंग रूम से बाहर।

शामको जब अचानक मेरा फोन बजा, और मेने मेसेज पड़ा तो में चौक गयी. बॉस ने मेरे अकॉउंट में १ लाख रूपये भेजे थे.

बॉस का मेसेज भी आया था वाट्सएप्प पे के मेने गिफ्ट भेजा है, मिला तो बता देना।

वो दिन मेरे लिए यादगार दिन बन गया. चुदाई और पैसे का जो आनंद मिला वो इसके पहले कभी नहीं मिला था.

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