शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े खुले मिजास के है. हमेशा पार्टी करते रहते है. आज में घर रहने आयी तो रातको पार्टी करने का इरादा बना लिया था. वैसे तो में ज्यादा पीती नहीं, लेकिन शीतल दीदी के सात काफी बार पि चुकी हु. और उनके पति हेमंत के सामने पहली बार पिने वाली हु.
शीतल दीदी के सात मेरी गहरी दोस्ती थी. इतनी गहरी के जब शीतल दीदी को हेमंत होटल के रूम ले जाते तो शीतल दीदी घर से ये बोलके निकलती के वो मेरे सात मॉल में जा रही है शॉपिंग करने। और घर पे झूट बोलकर शीतल दीदी और हेमंत दोनों होटल के रूम में जाकर चुदाई करते थे. हम दोनों का झूट पकड़ा ना जाये इसलिए में मॉल में जाकर घूमती रहती थी. कई बार तो पूरा पूरा दिन में मॉल में ही घूमती रहती। अकेले मूवी देखती, कुछ खा लेती।
में अपने बारे में बताऊ तो में अभी अभी कॉलेज ख़तम करके जॉब पे लगी हु. मेरा नाम प्रियंका है. सभी मुझे पिंकी कहकर बुलाते है. आज जब में शीतल दीदी के घर आई हु तो बड़ा मज़ा आ रहा था. हमारी काफी सारि बाते हुई. हम दोनों बहोत दिन के बाद मिल रहे थे.
हमने पार्टी की सारि तैयारियां कर ली थी. दारू हेमंत जीजू लेकर आने वाले थे. बातो बातो में कब ९ बज गए पता ही नहीं चला. करीब ९.३० को हेमंत जीजू घर आये. वो मुझे घर देखकर बहोत खुश हुए. मुझे प्यार से गले लगाया।
फिर हम हॉल में ही गद्दे डालकर स्पीकर पे गाने लगाकर पार्टी करने बैठ गए. बाते होने लगी. हेमंत जीजू ने बोतल खोली, हम पिने लगे. धीरे धीरे तीनो को दारू चढ़ने लगी.
गाने पे हम नाचने लगे. हेमंत जीजू ज्यादा ही पि गए थे. तो वो पहले उठकर नाचने लगे. फिर दीदी भी नाचने लगी. गले लगा लगा कर दोनों नाच रहे थे. बहोत मजा आ रहा था. फिर हेमंत जीजू बैठे और में और शीतल दीदी दनो जीजू के सामने नाच रहे थे. जीजू राजा की तरह बैठे हमें नाचते हुए एन्जॉय कर रहे थे.
हमें नाचते देख वो भी उठे और हमारे साथ नाचने लगे. नाचते नाचते कभी अपनी पत्नी शीतल दीदी को गले लगते तो कभी मेरी तरफ मूड के मुझे गले लगाते। कुछ देर तक तो ऐसे ही चलता रहा. मुझे भी दारू चढ़ने लगी थी. मेरी आँखे नशीली हो चुकी थी.
कुश देर बाद हेमंत जीजू ने शीतल दीदी को पीछे से कसकर पकड़ा और उसकी गांड पे फटके मरने लगे. में देखकर हसने लगी. के ये क्या कर रहे है दोनों। शीतल दीदी भी नशे में ढूंढ थी. जैसे ही हेमंत जीजू ने शीतल दीदी के गांड पे कुछ फटके मारे, दीदी झुकर हेमंत जीजू की तरफ अपनी गांड करने लगी.
जीजू ने अपना लंड गांड पे चिपकाया और जैसे सेक्स में डॉगी शॉट मरते है वैसे वो शीतल दीदी की गांड पे झटके मरने लगी. दीदी भी अपनी गांड हिलाते हुए अपने पति को उकसाने लगी.
कुछ देर ये करलिया फिर जीजू मेरी तरफ नाचते हुए बड़े. मेरी तरफ जब वो आ रहे थे तो मेरी नजर जीजू के पैंट की तरफ गयी. उनका लंड पैंट के अंदर तन गया था. ट्रक पैंट पहनी थी तो लंड की लम्बाई साफ़ दिखाई दे रही थी. में डर गयी. जीजू नाचते नाचते हुए मेरी तरफ आये. मेरा हात पकड़के नाचने लगे. में दुरु बनाये रख रही थी. हेमंत जीजू मेरे करीब आकर मुझे छूने की कोशिश कर रहे थे.
मुझे और डर लगने लगा. तो मेने दीदी की तरफ देखा। लेकिन वो दारू का गिलास लेकर और पिए जा रही थी. में अपने आप को जीजू से दूर रहने की कोशिश में थी के तभी नाचते नाचते जीजू ने मुझे पीछे से पकड़ लिया। जैसे ही उन्होंने मुझे पीछे से जकड़ा, उनका तना हुआ लंड मेरी गांड पे घिसने लगा. तब मुझे पता चला के हेमंत जीजू का लंड काफी लम्बा है. जीजू नाचते हुए मेरी गांड पे लंड घिसने लगे.
मुझे अजीब सा लग रहा था लेकिन थोड़ा मजा भी आने लगा. दीदी ने हमें ऐसे देखा लेकिन वो बिना फ़िक्र किये दारू का गिलास लेकर नाचे जा रही थी. नाचते नाचते दीदी ने हॉल की लाइट कम की. हॉल में अँधेरा छा गया. नीली लाल डिस्को लाइट चलने लगी. अँधेरे में अब जीजू ने मुझे जकड़े रखा था.
अचानक नाचते नाचते जीजू मेरी गांड पे अपना लंड मरने लगे. में चौक गयी. ये क्या कर रहे हे जीजू। उन्होंने मेरी कमर कसकर पकड़े रखी थी और जोर जोर से लंड को मेरी गांड पे पटकने लगे. मेरी गांड मोटी और मुलायम होने की वजसे गांड पे लंड दबे जा रहा था.
में दीदी की तरफ देखती और अपने आप को दूर करने की कोशिश में थी. कुछ देर हेमंत जीजू ने लंड को मेरी गांड पे पटका। में किसी तरह अपने आप को छुड़वा पाई.
हेमंत जीजू को मेरे शरीर की गर्माहट महसूस हो चुकी थी. वो मेरे करीब ही नाच रहे थे. दीदी कुछ देर बाद आई हमारे बिच नाचने के लिए तो जीजू हम दोनों को खींचकर नजदीक लेकर नाचने लगे. दोनों की कमर पे हात रखकर नाचने लगे. तीनो के शरीर एक दूसरे पे घिसने लगे. गोल गोल घूमते हुए मेरे बड़े स्तन हेमंत जीजू के बॉडी पे घिसने लगे.
में हेमंत जीजू के करीब आकर नाच रही थी उससे शीतल दीदी को कोई दिक्कत नहीं थी. वो में भी खुलकर नाचने लगे. सच कहु तो हेमंत जीजू का हात जब जब मेरे बदन को छू रहा था. मुझे अच्छा लग रहा था. उस अँधेरे कमरे में नाचते नाचते हेमंत जीजू शीतल दीदी के मम्मो को हात लगाने लगे. मुझे साफ़ दिखाई दे रहा था के उनके हात शीतल दीदी के स्तनों को छू रहे है. दोनों एक दूसरे को करीब लेकर चूमने लगे. होठो से होठ मिलने लगे.
में उनको चूमते हुए देख और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी. में नशे में होने का नाटक कर रही थी. हेमंत जीजू और शीतल दीदी के करीब जाकर उसकी गर्दन को चूमने लगे. उसके मम्मो को दबाने लगे. नाचते हुए शीतल दीदी को कसकर गले लगाकर उसकी गांड पे हात रखकर गांड दबाने लगे.
में नाचते हुए उनकी तरफ देखे जा रही थी. सामने ये सब देखते हुए मेरे भी शरीर में आग लगने लगी. हेमंत जीजू ने शीतल दीदी के होठो को चूमा।
फिर दीदी अपना गिलास भरने के लिए निचे बैठी। हेमंत जीजू अब मेरी तरफ मुड़े। मेरा हात पकड़के नाचते हुए मेरे करीब आने लगे. मुझे कसकर गले लगा लिया, आह्हः अहहह अहह उनका हात मेरे पीठ पे घूमने लगा. हेमंत जीजू की छाती मेरी छाती से टकरा गयी.
हम गले लगाकर नाच ही रहे थे के हेमंत जीजू ने मुझे होठो पे चुम लिया। आअह्ह्ह अहहह। . में अपने आप को दूर करने लगी, लेकिन हेमंत जीजू ने मुझे कसकर पकड़े रखा था. में छुड़वाने की बहोत कोशश कर रही थी. लेकिन हेमंत जीजू ने मुझे छोड़ा ही नहीं। होठो पे चूमते रहे. जैसे ही कुछ देर बीती। मुझे चूमने में मजा आने लगा.
हमारी जीभ एक दूसरे को छूने लगी. मेने भी अपने हात हेमंत जीजू की पीठ पर रगड़ना सुरु किया और प्यार से में हेमंत जीजू को चूमने लगी. उम्म्म ओमममम ाममम ाममम उम्म्म्म ाआममम
आह्हः अहहह अहहह
चूमते हुए हेमंत जीजू ने मेरे मम्मो को जोर से दबा दिया। जैसे ही उनके हात मेरे मम्मो को दबाने लगे. मेरे शरीर में बिजली दौड़ने लगी. अह्ह्ह अहह उम्म्म अह्ह्ह्हह।।। मेने कसकर हेमंत जीजू को पकड़ा और होठो को उनके होठो पे कसकर दबा दिया। अहह अहह उम्म्म ाअम्मम्म
चूमते चूमते में भूल ही गयी के उनकी पत्नी शीतल दीदी पास ही में होगी। जब मुझे याद आया. मेने अपने आप को छुड़वा लिया।
जैसे ही में पीछे हटी तो देखा के शीतल दीदी दारू का गिलास लेकर नाच रही थी. उसने हमें एक दूसरे को चूमते हुए देखा लेकिन उसने कोई भी प्रतिकिर्या नहीं दी.
हम फिर से नाचने लगे. नाचते नाचते शीतल दीदी ने अपना कुरता उतर दिया। अंदर ब्रा पहनी थी वो दिखने लगी. में चौक गयी ये क्या हो रहा है. शीतल दीदी को देखकर हेमंत जीजू ने भी अपना टीशर्ट उतार दिया। मुझे कुछ भी समज नहीं आ रहा था.
में नाचे जा रही थी. थोड़ी देर में शीतल दीद मेरे करीब आयी और उसने मेरा कुरता उठा के मुझे निकलने कहा. में पहले तो मना कर रही थी. लेकिन दीदी ने कहा, कुश नहीं है. निकाल दे.
और शीतल दीदी ने मेरा कुरता उठाकर निकाल दिया। अब मेरी भी ब्रा दिखने लगी. अह्ह्ह्हह।।। हेमंत जीजू मुझे देखने लगे. मुझे बहोत शर्म आ रही थी.
शीतल दीदी ने देखा के में अपने ब्रा को ठीक कर रही थी. मुझे शर्म आ रही है तो मेरे पास दारू का गिलास लेकर आई और जबरदस्ती मुझे और दारू पीला दी.
में पूरा गिलास पि गयी. हम नाचने लगे. कुछ देर बाद जब मुझे दारू चढ़ने लगी. मेरा डर निकल गया और हेमंत जीजू के करीब जाकर नाचने लगी. वो मेरी कमर पे हात रखकर नाच रहे थे.
मुझे करीब लेने लगे. मेने जाना के शीतल दीदी चाहती है के में हेमंत जीजू के करीब जाओ. अगर पत्नी को कोई दिक्कत नहीं तो मुझे क्यों दिक्कत होगी। में भी खुलकर हेमंत जीजू के करीब जाकर नाचने लगे. हमारे शरीर एक दूसरे को छूने लगे.
नाचते नाचते हेमंत जीजू ने मुझे करीब लिया और मेरी पीठ पे हात घूमते हुए मेरा ब्रा खोल दिया। में पीछे हटी वैसे ही मेरा ब्रा निचे गिरा और मेरे बड़े बड़े स्तन खुलकर सामने आ गए.
हेमंत जीजू खुश हुए और मुझे गले लगा दिया। मुझे पीछे से पकड़े नाच रहे थे तो सामने मेने देखा के शीतल दीदी ने भी अपना ब्रा निकाल दिया
हम दोनों के मम्मे उछल रहे थे. अब खेल सेक्सी होने लगा. हम सब अब धीरे धीरे कपडे उतरने लगे. पहले शीतल दीदी मेरे सामने नंगी होने लगी. उसने अपना पजामा निकाल दिया। हेमंत जीजू ने भी अपनी ट्रैक पैंट उतार दी. हेमंत जीजू अब मेरे सामने अंडरवेर पे खड़े थे. नाच रहे थे. दोनों ने मुझे भी पजामा निकालने कहा, मेने भी सोचा अब क्या शर्माना। और पजामा उतार दिया।
में अब सिर्फ पैंटी में खड़ी थी. हम तीनो भी दारू के नशे में मदहोश होकर एक दूसरे को गले लगाकर नाच रहे थे. हेमंत जीजू का खड़ा लंड अंडरवेर के ऊपर से साफ़ दिखाई दे रहा था. हेमंत जीजू मेरे करीब आकर अपना लंड मेरे शरीर को घिसे जा रहे थे.
अब तक तो सब धीरे धीरे चल रहा था लेकिन अचानक से हेमंत जीजू और शीतल दीदी को पता नहीं क्या हुआ. शीतल दीदी नाचते नाचते हेमंत जीजू के सामने निचे बैठी। उसने हेमंत जीजू की अंडरवेर निचे खींची और उनका लंबासा लंड बाहर निकालके सीधा मुँह में ले लिया। आह्हः में चौक गयी. मेने अपने मुँह पे हात रखा. मुझे समज नहीं आ रहा था ये क्या हो रहा है.
शीतल दीदी जोर जोर से लंड को हिलाते हुए मुँह में लेकर चूसने लगी. हेमंत जीजू को देखा तो वो अपने कमर को आगे देकर आअह्ह्ह अहह अहा की आवाज निकलते हुए दिखाई दे रहे थे. उनके चेहरे पे एक अजीब सा भाव उमट आया था. अह्ह्ह अहहह उम्मम्मम्म
ये सब देखकर मेरी चुत तपने लगी. शरीर गरम होने लगा. निप्पल तन गए… दीदी बड़े जोर जोर से लंड को मुट्ठी में पकड़कर हिला रही थी. जबान को लंड के गुलाबी भाग पे रगड़ रही थी. फिर लंड को चाटते हुए मुँह लेकर आगे पीछे किये जा रही थी. अहहह हहह अह्ह्ह।। में स्तब्ध होकर दोनों को देखे जा रही थी. आह्ह्ह्हह
कुछ देर बाद लंड को चूसते हुए दीदी ने मुझे इशारे से नजदीक बुलाया। में धीरेसे नजदीक गयी. मुझे निचे बिठाया। और लंड को पकड़े मुझे कहने लगी, तू भी ले मुँह में.
में डर रही थी. तो दीदी ने धीरेसे मेरा मुँह आगे किया और मेरे मुँह में अपने पति का लंड दे दिया। में धीरे धीरे लंड को चूसने लगी. आअह्ह्ह्ह। दीदी पास में बैठे मुझे लंड कैसे चूसते है बता रही थी. आह्हः अहह उम्म्म अम्म्म ामम…
धीरे धीरे मुझे भी मजा आने लगा. में जोर जोर लंड को चूसने लगी. जबान को लंड पे घिसते हुए पूरा लंड मेने चाट लिया। लंड के निचे दो गोटो को पकड़ा और मसलते हुए लंड को चूसने लगी. अह्ह्ह उम्म्म्म आह्हः अहह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़
पुरे लंड को चूसकर जैसे में पीछे हटी. हेमंत जीजू ने शीतल दीदी को निचे रखे गद्दों पे सुलाया, उसकी पैंटी खींचकर निचे खींची और दीदी को पूरा नंगा किया।
दीदी के पैर फैलाके जैसे ही हेमंत जीजू ने शीतल दीद की चुत चूसना सुर किया। में पागल ही हो गयी. हेमंत जीजू जीभ को चुत में डालते हुए चूस रहे थे. आह्हः अहह अह्ह्ह ाःहाहा।
में पास के खुर्सी पे बैठे दारू का गिलास हात में पकडे दोनों को देखे जा रही थी. हेमंत जीजू ने अछेसे शीतल दीदी की चुत चाटी। ….फिर जब वो पीछे हटे उन्होंने मेरी तरफ देखा। मुझे उनकी आखो में हवस साफ़ दिख रही थी. वो घुटनो पे बैठे मेरी तरफ आने लगे. ऐसे लग रहा था के जंगली जानवर मेरी तरफ बढ़ रहा है.
हेमंत जीजू मेरे तरफ आये. मी खुर्षी पे दारू का गिलास हात मी पकडी बैठी थी. जैसे ही हेमंत जीजू ने आकर मेरी गोरी जांग पे आँख रखा और पैर फैलाके मेरी चुत में अपनी जबान डाली आअह्ह्ह्ह। ….. मेरे अंग अंग में आग लग गयी. दोनों जांग को फैलाके, मेरी चुत को चाटने लगे. आह्हः अहहह यह उम्म्म्म। जीजू आठ अहहह अहअह्ह्ह।।।
हेमंत जीजू को कुत्ते जैसा जबान को मेरी चुत पे रगड़ते देखना एक अनोखा अनुभव था. में दारू पीते पीते चुत चटवाने का आनंद ले रही थी. अह्ह्ह अह्ह्ह अहह उम्म्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्मम्मम्मम आह्ह्हह्ह्ह्ह
चुत से पानी टपकने लगा. आह्हः अहह… गीली चुत को को चाटे जा रहा था. अह्ह्ह अह्ह्ह्हह हुम्म्म अम्मम्म अह्ह्ह्ह
सामने शीतल दीदी दारू पीते हुए अपने पति को मेरी चुत चाटते हुए देख रही थी. आअह्ह्ह उसे तो और भी मजा आ रहा था.
उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह्ह।।।
कुछ देर बाद जीजू मेरी चुत चाटकर पीछे हटे. उठकर अपना लंड मेरी चुत में डाला और वही पे जो चुदाई सुरु हुई मेरी। आह्ह्ह्हहह्ह अह्ह्ह्ह। जीजू ने जोर से धक्का देते हुए मेरी चुत को चोदना सुरु किया अहह अहह अहह अहह.. में खुर्सी पे पुरे पैर फैलाके बैठी हुई और मेरे जीजू मेरी चुत में लंड को मरते हुए. अहह अहह हहह अहह… गीली चुत में जीजू का लम्बा लंड घिसने लगा. उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह अहह अहह अह्ह्ह
बहोत देर चुदाई की, फिर जीजू ने मुझे हात पकड़के खड़ा किया। मुझे पलटा के झुकने कहा. में दोनों हात खुर्सी पे रखकर झुक गयी. पीछे से जीजू ने मेरी गांड को दबाया। आह्ह्ह्ह ा.. दोनों हातोंसे से मेरी गांड को दबाते हुए आनंद लेने लगे. वैसे भी मेरी गांड काफी मोटी मास्स से भरी हुई थी.
में झुककर खड़ी ही थी के जीजू ने जोर से मेरी गांड पे चपेट मरी. में चिल्लाई। आह्ह्ह्हह्ह।। बहोत जोर से जीजू का हात गांड पे पड़ा था. मुझे लगा एक ही चपेट होगी। लेकिन मेरी कहराती आवाज सुनते ही. जीजू को और जोश आया और दो चपेट और लगा दी. आह्हः अहह. दोनों गांड लाल की जीजू ने. अह्ह्ह अहहह ा हम्म्म्म्म
में दर्द से कहरा रही थी के शीतल दीदी पास में आई और उन्होंने अपने दारू के गिलास की बियर मेरी गांड पे डाली। चपेट लगने का बाद झणझणति गांड पे ठंडी ठंडी बियर डालकर शीतल दीदी खुश होने लगी.
दारू गांड पे डालकर पीछे हटी तो उनका पति हेमंत निचे बैठकर मेरी गांड चाटने लगा. आअह्ह्ह्हह। अपनी जबान को गांड पे घिसने लगा. आह्हः अहह। में पागल ही हो गयी थी. एक आदमी मेरी गांड को इतने प्यार से चाटेगा सोचा नहीं था. गांड पे गिरी बियर पूरी चाट गया. अह्ह्ह अहहह अहहहह उम्मम्मम
फिर उठकर खड़ा हुआ. मेरी गांड पे लंड को पटकते हुए निचे ले गया. चुत का छेद ढूंढकर लंड को फिर से अंदर डालकर मुझे चोदने लगा. अह्ह्ह अहह
जोर जोर से जीजू का लंड चुत में अंदर बाहर होने लगा. अहहह अहहह अहहह अहह. उम्म्म अम्म्मम्म आम
कमर को कसकर पकड़े जोर से अपने लौड़े को चुत में मार रहा था. हेमंत जीजू के झटके इतने जोर दार थे के में कूछ ही पल में झड़ गयी. मेरी चुत ने गरमा गरम पानी छोड़ दिया। आह्हः उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह
हेमंत जीजू ने काफी देर मेरी चुदाई की.
फिर वो पीछे हटे. लंड चुत से बाहर निकला तो गिला हो चूका था. मेरे भी तनमन शांत हो चूका था.
फिर जीजू निचे गद्दे पे लेट गए. में सीधी होकर जीजू की तरफ देख रही थी. तभी शीतल दीदी उठकर जीजू के ऊपर पैर फैलाके खड़ी हुई और उसके लंड पे बैठी गयी. लंड को पकड़के अपनी चुत में लिया और अपने पति के लंड पे उछलने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह। ..
हेमंत जीजू लेटे लेटे कहराने लगे. अहह अहहह अहहहह
शीतल दीदी उछल उछल के चुदाई कर रही थी. अह्ह्ह अहह अहह आह…. अह्ह्म्मम्म्म्म
चुदाई चली जा रही थी. तभी दीदी ने कहराने वाली आवाज की और उनकी भी चुत झड़ने लगी. अहहह अहह अहह अहहह। …..
खुश देर बाद वो उठी. उन्होंने मुझे नजदीक बुलाया। हेमंत जीजू खड़े होकर हमारे सामने आये. दोनों घुटनो पे बैठे जीजू का लंड एक सात चूसने लगे. उम्म्म्म अम्म्म मममम अम्मम्म
कभी में लंड मुँह में लेती तो कभी दीदी। दोनों मुठी में लंड को पकड़े हिलाते हुए लंड को पागलो की तरह चाट रहे थे. एक सात दोनों की जबान हेमंत जीजू के लंड पे घिसी जा रही थी. अह्ह्ह उम्म्म्म अम्मम्म आआअह्ह्ह
कुछ देर बाद हेमंत जीजू ने कहराने की आवाज की. दीदी समज गयी के पानी निकलने वाला है. उसने मेरा मुँह खोलने कहा. दोनों भी लंड के सामने मुँह खोलके बैठे थे. अचानक लंड से गरम पानी की पिचकारी उड़ने लगी. आह्हः अहह हहह ा
दोनों ने मुँह आगे किया और पानी को मुँह में लेने लगे. आह्हः अहहह। पानी इतनी जोर से निकलने लगा। के कभी मेरे चेहरे उडाता तो कुछ मेरे मुँह में गिरता। शीतल दीदी ने भी काफी पानी अपने कुछ में लिया और पानी को पि गयी. आह्हः अहह हहहह उम्मम्मम
पूरा पानी चूस लिया और लंड को चाटकर साफ किया। फिर हम तीनो ऐसे ही नंगे वही निचे गद्दे पे सो गए.
में और शीतल दीदी थक गए तो सोये रहे. लेकिन जीजू रात भर हमें चोदते रहे. रात को अँधेरे में मेरी नींद खुली तो देखा, जीजू मेरी टांगे फैलाकर मेरी चुत को चोदे जा रहे है. में नशे में भी थी और नींद में. में ऐसे ही लेटी रही.
पूरी रात चुदाई चली.
उस दिन जीजू और दीदी ने एक नया अनुभव मुझे दिया।
कैसी लगी हमारी कहानी मुझे कमेंट करके बताना
