Raj sharma hindi kahaniyan

कैसेहो दोस्तों. मेरा नाम मनोज है. में उत्तरप्रदेश का रहनेवाला हु. अभी में १३वी कक्षा में पड़ता हु. कुछी दिन
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
मेरे प्यारे दोस्तों, आज मैं आपके लिए एक बड़ी हॉट सी सेक्स कहानी जो की मेरी चचेरी बहन के बारे
बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि
डिवोर्स के बाद में अपनी बेटी को लेकर बड़े शहर चली आयी. जब डिवोर्स हुआ तब मेरी बेटी १२ साल
मैंने एक आंटी की मदद की उनका सामान उनके घर पहुंचाने में. उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया. उनके घर में
मेरा नाम अनिल कुमार है. मे कुछ दिनों पहले  गुरुग्राम में रहने आया था. उम्र २६ साल. मेरी कंपनी का
मेरे बीवी की बड़ी बहन यानि मेरी बड़ी साली का नाम कविता है, उसके पति संदीप जी दुबई में हैं,
पत्नी कितनी ही खुबसूरत क्यूँ न हो, सालियों की जवानी पे जीजा का दिल आ ही जाता है. और जब
मेरा नाम अनु है और मेरा फिगर 34-30-34 है, मेरी गांड बड़ी और स्तन भी काफी अच्छे आकार के है.
हॉट गर्ल्स की कहानी में एक लड़की को कई दिनों से नया लंड नहीं मिला, तो वह बाज़ार जाकर नया
मेरे पति की इच्छा थी कि मैं उनके सामने किसी गैर मर्द से चुदवाऊं, तो मैंने उनकी यह इच्छा पूरी
हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम अमन है और मै लखनऊ में रहता हु, शुरू से मुझे चुदाई की स्टोरी पढना पसंद
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
मेरा नाम सुनीता है. में २१ साल की हु. शहर से काफी दूर एक गांव में रहते है. मेरे पापा
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
मेरी ही सहमती से, मेरे दोस्तों ने मेरी मम्मी को सेड्युस करने और घनघोर चुदाई करने का प्लान बनाया. पर
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हंसिका है और मेरी उम्र 23 साल है. में कोलकाता कि रहने वाली हूँ और मेरा
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
ये माँ-बेटे की सेक्स कहानी मेरी अपनी कहानी है. अपने सौतेले बेटे के साथ सेक्स करने के बाद मैं गर्भवती

राज शर्मा हिन्दी कहानियाँ

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप राज शर्मा की पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानियाँ बिना किसी सेंसरशिप या छुपाव के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष और जिंदगी के हर कड़वे-सच्चे मोड़ के साथ पढ़ सकते हैं। राज शर्मा की कहानियाँ कोई फिल्मी सपनों की नहीं बल्कि एक आम गांव के लड़के की असली जिंदगी की दास्तां हैं जो सपनों को हकीकत बनाने के लिए दिल्ली की क्रूर दुनिया में लड़ता रहा। बचपन में पिता की मौत के बाद मां के साथ खेतों में मजदूरी करता राज, स्कूल के बाद भी काम करता और रात को चांद तारों को देखकर बड़े-बड़े सपने देखता। लेकिन किस्मत ने उसे बार-बार आग में झोंका।

बीस साल की उम्र में दिल्ली पहुंचा तो जेब में सिर्फ कुछ सौ रुपये थे। रेलवे स्टेशन पर पहली रात बिताई। सुबह चाय की दुकान पर काम शुरू किया, फिर होटल में वेटर बना, छोटी कंपनी में क्लर्क। राज चुपचाप सीखता गया। रातों को किताबें पढ़ता, कंप्यूटर सीखता और स्किल्स बढ़ाता। एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली लेकिन वहां बॉस की राजनीति और कामुक नजरों ने उसे परेशान किया। जब ब्लैकमेल हुआ तो राज ने सब कुछ एक्सपोज कर दिया। नौकरी गई लेकिन उसका आत्मसम्मान बचा। फिर शुरू हुई असली लड़ाई। राज ने अपना स्टार्टअप शुरू किया। पुरानी लैपटॉप, छोटी टीम और अनगिनत बिना सोए रातें। पैसे की तंगी में कई बार आत्महत्या के कगार पर पहुंचा। दोस्तों ने धोखा दिया, प्रेमिका प्रिया ने छोड़ दिया क्योंकि उसके सपने उसके लिए बोझ बन गए थे। राज टूटा, शराब पी, सिगरेट फूंकी, बारों में रातें काटीं और जिंदगी की हर गंदगी को चखा। लेकिन हर गिरावट के बाद वह और मजबूत उठकर खड़ा हुआ।

एक दिन उसकी मेहनत रंग लाई। बड़ा इन्वेस्टर मिला और कंपनी सफल हो गई। राज शर्मा अब शहर का जाना-माना बिजनेसमैन बन चुका था। महंगी कारें, बड़ा बंगला, लेकिन अंदर खालीपन बना रहा। फिर पुरानी पड़ोसन सीमा उसकी जिंदगी में वापस आई। दोनों ने बिना शादी के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में प्यार था, झगड़े थे, समझ थी और रातों में वो जुनून था जो दोनों को जीने की वजह देता। सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। प्रतिद्वंद्वियों ने फंसाने की कोशिश की, पुलिस केस लगे, मीडिया ने ट्रायल किया। राज ने गंदा खेल खेला और कहा, “जिंदगी गंदी है तो मैं भी गंदा बनकर लड़ूंगा।” आखिरकार वह जीत गया।

आज राज शर्मा करोड़पति है लेकिन वह कभी नहीं भूलता कि वह कहां से शुरू हुआ था। वह गांव जाता है, गरीब बच्चों को पढ़ाता है, मदद करता है और युवाओं को कहता है – सपने देखो लेकिन हर कीमत चुकाने को तैयार रहो। राज शर्मा की ये हिन्दी कहानियाँ प्रेरणा हैं लेकिन सच्ची प्रेरणा। इसमें टूटना है, गिरना है, गंदा होना है और फिर खड़े होकर लड़ना है।

यहां आप राज शर्मा की सभी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानियाँ विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर धोखा, हर रात की अकेलापन, हर सफलता का जश्न और हर सबक। अगर आपको राज शर्मा जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली जिंदगी की हिन्दी कहानियाँ पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। राज शर्मा की तरह कभी हार मत मानिए। जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन हो, लड़ाई जारी रखनी चाहिए।