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Chudai ki kahaniya

सुभह का वक्त था. में कमरे में सोया था. बाहर से माँ ने आवाज दी, मोहन तुम्हारा दोस्त किशन आया
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
हेलो , आज जो बड़ा लण्ड और प्यासी चूत की कहानी बताने जा रहा हू वो मेरी प्यासी चूत की
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता
हेलो दोस्तों, आज जो में कहानी बताने जाने वाली हु वो एक सच्ची घटना पे आधारित है. कुछ दिनों पहले
सुभह करीब ११ बजे में गौरव के घर गया. गौरव मेरा दोस्त है. मेरा नाम गोपाल है. में २० साल
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है। मेरी ज़िंदगी में कहानियाँ बहुत कम हैं। मैंने सोचा था कि यह भी ज़िन्दगी
मेरा नाम सोहम है. में अपनी बीवी रीना के साथ जैसेलमेर घूमने आया था. रीना और में हम दोनों काफी
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरी बीवी अपनी कपड़ो की दुकान चलाती थी. तो हमने सोचा घरके काम में हात बटाने के लिए हम एक
कुछ दिनों पहले की बात है. शाम को दरवाजेकी घंटी बजती है. में अपने मोबाइल पे गेम खेल रहा था.
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
मेरा नाम रश्मि है. मेने अपनी शादी घरवालों के पसंद के लड़के से की थी. मेरे पति इंजीनियर है. इसलिए
मेरा नाम विवान है. में अभी स्कूल में पढता हु. कुछ ही दिनों पहले मेरी सबसे छोटी मासी घर आई
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
मेरा नाम शंकर है. में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. हमारा घर रास्तेके किनारे एक दुकान के ऊपर के
सुभह का वक्त था. पापा अपने काम पे निकल गए. मेने माँ को कहा के में अपने सहेली स्नेहल के
दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने