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दीदी बनी मेरी गर्लफ्रेंड – भाग १ – Brother sister dirty sex story 1

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घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी ने आकर मुझे गले लगा लिया. कसकर गले लगाकर बोली. कैसा है मेरा जानू।

मुझे गले लगाकर मेरे गालो को चूमा. में दीदी को दूर करने लगा. दीदी को कहा मेरा गेम चल रहा है मोबाइल पे. जल्दी पानी पिने दो.

तो दीदी ने और कसकर मुझे गले लगाया और होठो पे चुम लिया.

होठो को चूमकर चली गयी. में पानी पीकर फिर से मोबाइल पे गेम खेलने लगा. दीदी के साथ मेरा दोस्तों वाला संबंद था. दीदी ने मुझे कहा था की हमारी आपस की बाते किसी को पता नहीं चलनी चाहिए. मम्मी पापा को भी नहीं।

में स्कूल जाया करता था. मेरा नाम अभिषेक है. लेकिन दीदी मुझे अभी कहकर पुकारती थी.

दीदी मुजसे काफी बड़ी थी. रोज सुबह कॉलेज जाया करती थी.

एक दिन की बात है. ठंड के दिन चल रहे थे. दीदी कॉलेज से आयी. पापा मम्मी दोनों जॉब पे गए थे. अब दोनों भी शाम को आएंगे। में अंदर के कमरे में पलंग पे लेट मोबिल पे गेम खेल रहा था. कुछ देर बाद दीदी आयी और सीधा मेरे ऊपर सो गयी.

मुझे कहने लगी, बहोत ठंड लग रही है. मुझे अपने बाहो में भरले. मेने कहा क्या पागल हो गयी है. तो कहने लगी. तू मेरा बॉयफ्रेंड है. ठण्ड में गर्लफ्रेंड को नजदीक लेना होता है. उसे प्यार करना होता है.

ऐसे कहकर मुझे गालो को चूमने लगी. में ध्यान नहीं दे रहा था. तो मुझे होठोंपे चूमने लगी. मुजसे मस्ती करने लगी. मस्ती मस्ती में दीदी ने मेरी टीशर्ट के अंदर हात दाल दिया और मेरे निप्पल पे अपनी उंगलिया घुमाने लगी.. आहहह. मुझे अजीब सा लगने लगा. दीदी ने दोनों निप्पल पे ऊँगली घुमाई।

फिर उठकर मेरे बगल में बैठी। मेने ज्यादा दीदी की तरफ ध्यान नहीं दिया. वो भी अपना मोबाईल लेकर बैठी. ठंड लग रही थी. तो मेने रजाई ओढ़ रखी थी. कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ दीदी ने अपना हात मेरे पेट पे रखा और वो मेरे पेट को सहलाने लगी. पेट से होकर फिर से मेरे निप्पल को सहलाने लगी. मेरी टीशर्ट को ऊपर तक उठा दिया था.

मुझे भी दीदी के कोमल हातोंका स्पर्श अच्छा लग रहा था. तो मेने दीदी को रोका नहीं।

कूछ देर तक दीदी मेरे निप्पल से खेलती रही। फिर धीरेसे उसका हात मेरे पेंट पे चला गया. मेने शॉर्ट पैंट पहनी थी. दीदी का हात मेरे लंड पे घूमने लगा. में थोडासा सहम गया. मन में सोचने लगा दीदी क्या कर रही है.

अजीब लग रहा था. लेकिन अच्छा भी महसूस होने लगा. दीद ने धीरे धीरे पेंट के ऊपर से मेरा लंड सहलाया. एक लड़की के हात का स्पर्श हो और लंड खड़ा ना हो ये कैसे हो सकता है. मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया. दीदी को भी पता चला की लंड तन गया है.

दीदी हातोंसे लंड का माप लेने लगी. जैसे ही दीदी को पता चला की लंड काफी तप गया है. दीदी ने अपना हात मेरी पेंट के अंदर डाल दिया और लंड को मुठी में जकड लिया.

जैसे ही लंड को दीदी का कोमल हात लगा. मेरे शरीर में बिजली दौड़ने लगी. एक अजीब सही ख़ुशी होने लगी. मेरा शरीर कपकपाने लगा. रजाई के अंदर दीदी मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगी. अहःअहः। इस अहहह उफ्फ्फ्फ़ आआ स्स्स्सह्ह्ह

में मजे ले ही रहा था की दीदी ने रजाई उठाई और रजाई की अंदर आकर बैठी. में चौक गया. दीदी क्या कर रही है.

रजाई के अंदर झाका तो दीदी ने अपने मोबाईल की लाइट लगायी और लंड के तरफ देखते हुए दीदी ने मेरी शार्ट पैंट अंडरवेर के साथ निचे घुटनो तक उतार दी.

आहहहह. मेरा खड़ा लंड पहली बार दीदी के सामने था. और पहली बार किसी लड़की को में अपना लंड दिखा रहा था.

दीदी ने जैसे ही मेरे लंड को मुठी में पकड़ा मेरे मुँह से आह की आवाज निकली. मेने रजाई निचे राखी। फोन निचे रखा और आँखे बंद कर दीदी के कोमल हातोंका स्पर्श का मजा लेने लगा. दीदी ने धीरेसे मेरा लंड हिलना सुरु किया.

आहहहह. दीदी के मुठी में जकड़ा हुआ लंड काफी आनंद दे रहा था. दीदी ने कुछ देर लंड को हिलाया. फिर रुक गयी.

मुझे लगा ऐसा क्या हुआ. मेने फिर से रजाई के अंदर झाका तो दीदी मोबाईल की लाइट लंड की तरफ करके लंड को नजदीक से देख रही थी. ऐसे लग रहा था मानो मेरे लंड का ऑपरेशन कर रही है.

लंड को पकड़कर ऊपर निचे कर रही थी. लंड का गुलाबी टोपा बाहर निकला तो गुलाबी टोपे को नजदीक से देख रही थी. गुलाबी टोपे पे अपनी उंगली लगाकर देख रही थी.

अहःअहः.. कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था. आहहहहह. उफ्फ्फ्फ़. आआ

लंड को एक हात से पकडे हुए दूसरे हात से मेरी गोटियों को मुठी में लेकर मसलना सुरु किया. जब मेरी गोटिया दबाने लगयी शरीर में झटके लगने लगे. में बिच बिच में अपना पैर पटकने लगा.

दीदी को वो देख और मजा आ रहा था. दीदी बार बार मेरी गोटिया दबा रही थी. दूसरे हात से लंड को हिला रही थी.

आहहहह.. अहहह. दीदी मत करो आहहह अहहह. उफ्फ्फ्फ़.

फिर मुझे एक जोर का झटका लगा. क्यूंकि दीदी ने मेरा लंड सीधा अपने मुँह में ले लिया. अहहहहहह आह अहहहहह अहहह.

दीदी मेरे लंड को चूसने लगी। अहहह अहह. उफ्फ्फ्फ़. अहह

लंड पूरा तन गया था. दीदी पूरा मुँह में लेकर अंदर बाहर करने लगी. अहहह. बहोत मजा आ रहा था. मेरा बदन ख़ुशी के मारे नाच रहा था. अहहह.अहह

पास की चद्दर को खींच रहा था. आहहह. उम्म्म्म

दीदी ने पूरा लंड गोटियों के सात चाटलिया। गोटियों को दबा दबा कर लंड को चूस रही थी. जबान को लंड के टोपे पे घुमा रही थी.

दीदी का पूरी जोश में लंड चाटना जारी था. कुछ देर लंड चाटकर दीदी ने रजाई को हटा ही दिया. में पलंग पे नंगा सोया हुआ और दीदी के हात में मेरा लंड।

दीदी मेरी तरफ देखते हुए जोर जोर से मेरा लंड हिलने लगी. मुजसे पूछने लगी. मजा आ रहा है ना अभी. मेने सिसकते हुए कहा. हां दीदी।।।।

अहहहह अहःअहः.

कुछ ही देर में पानी निकलने वाला था. में चिल्लाया. दीदी निकलने वाला है. आहहहह. अहःअहः. दीदी ने लंड को और जोर जोर से हिलाना सुरु किया और सारा पानी लंड से पिचकारी की तरह उड़कर बाहर निकला. कुछ मेरे पेट के ऊपर फ़ैल गया.

दीदी आखरी बून्द निकलने तक लंड को हिलती रही.

फिर उठकर गयी और बाहर से एक कपडा लेकर आयी और मेरा पेट पोछ लिया. और बोली. जा जाकर धो ले पानी से सब. कहकर दीदी बाहर निकल गयी.

मुजसे अब उठा ही नहीं जा रहा था. में कुछ देर ऐसे ही पड़ा रहा. फिर जाकर पानी से पेट और लंड धो लिया.

लंड को धोते हुए मन में आया दीदी ने बहोत मजा दिया आज.

कुछ दिन बाद रात को में अंदर के कमरे में कंप्यूटर चालू करके बैठा था. दीदी खाना खाकर आयी अंदर. पापा मम्मी बाहर थे, खाना खा रहे थे.

दीदी को मेने ईशारेसे पास बुलाया. दीदी मेरे बगल की खुर्सी पे बैठी. दीदी को मेने लंड की तरफ इशारा करके कहा देखो न फिर से खड़ा हो गया है.

कुछ करो न इसका.

दीदी मुस्कुरायी। बोली अभी नहीं। मम्मी पापा है बाहर। कल दुपहर को करते है.

मुजसे रहा नहीं जा रहा था. मेने दीदी को कहा अभी करलो न. नहीं रहा जा रहा.

दीदी ने हस्ते हुए मेरा लंड पैंट के ऊपर से दबाके देखा और बोली. अरे हां…. ये तो काफी बड़ा हो गया है.

मुजसे रहा नहीं गया. और मेने दीदी का हात पकड़ा और सीधा पैंट के अंदर डाल दिया.

दीदी ने भी लंड को कसकर पकड़ा और जोर जोर दो तीन बार हिलाया और लंड को छोड़कर बाहर भाग गयी.

जाते जाते मुझे चिढाके गयी.

में कुछ कर भी नहीं सकता था. पापा मम्मी जो थे घरपे.

कल दुपहर तक रुकने के आलावा और कोई चला भी नहीं था.

उस पूरी रात मुझे नींद नहीं आयी.

अगले भाग में हम आगे क्या हुआ वो जानेंगे।

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