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एयरहोस्टेस और ड्राइवर – Air hostess Hindi sex story

हेलो दोस्तों, मेरा नाम जोति है, में एक एअरहोस्टेस हु इंडिगो फ्लाइट में. मेरी उम्र २२ साल है. आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो कुछ दिनों पहले की है.

एयरहोस्टेस्ट के जीवन में आराम काफी कम होता है. सभी को लगता है, हमें प्लेन से घूमने मिलता है. ज्यादा काम नहीं होता। जीवन बहोत अच्छे से चलता होगा। लेकिन सच कहु तो हमारी हालत ऐसे होती है के काम भी ज्यादा और दोस्त भी कम. क्यूंकि इतने व्यस्त जीवन होता है के किसी से मिलने भी नहीं जा सकते।

इसलिए बहोत सी एरहोस्टेस्ट के बॉयफ्रेंड नहीं बन पाते क्यूंकि हम वक्त ही नहीं दे पाते अपने बॉयफ्रेंड को.

आज पुरे दिन के सफर के बाद शाम को करीब ६ बजे मुझे गेस्ट हॉउस जाने का मौका मिला। मि एयरपोर्ट से सीधे गेस्टहाउस की तरफ निकल पड़ी. इंडिगो कंपनी खुद रहने के लिए गेस्टहॉउस देती है.

इंडिगो का ड्राइवर मुझे एयरपोर्ट लेने आया था. ड्राइवर का नाम सुनील है. जब भी में दिल्ली ठहरती हु, हमेशा सुनील ही लेने आता है. तो इसबार भी यही आया था.

सुनील ने मेरा सूटकेस गाड़ी में रखा. में पीछे ही बैठी थी. और हम निकल पड़े गेस्टहॉउस की और.

गाड़ी चली जा रही थी. तब मेने देखा सुनील मुझे बिच के सीसे से देखे जा रहा है. पहले तो मेने ध्यान नहीं दिया लेकिन फिर मुझे ख्याल आया, आज वैसे भी गेस्टहॉउस में अकेली हु.

क्यूँ न में सुनील का आज इस्तेमाल कर लू. मुझे बहोत दिनों से किसी मर्द को गले लगाकर सोने का मन कर रहा था. चुत को कोई चाटने वाला चाहिए था.

में गाड़ी में पीछे बैठे, सुनील के बारे में सोचने लगी.

आखिरकार मेरी चुत ने कहा, कर ले कुछ नहीं होगा।

तो मेने मन बना लिया। और सुनील से बाते करने लगी. में उसे बताने लगी के पूरा दिन काम करके पूरा बदन दर्द करने लगा है. पीठ भी बहोत दर्द कर रही है.

पूरा दिन खड़े रहने की वजेसे पैर भी बहोत दर्द कर रहे है.

सुनील मेरी हां में हां मिला रहा था. फिर मेरी बाते सुनकर कहने लगा, आप चाहो तो में आपके पैरो का मसाज कर दू गेस्टहॉउस जाते ही.

में सुनिक की बात सुनकर मन ही मन खुश हो गयी. मुझे भी यही उम्मीद थी.

मेने हस्ते हुए सुनील को कहा, हां.. ये सही है. तुम थोड़ा पैरो का मसाज कर देना।

हम कुछ ही देर में गेस्टहॉउस पोहचे। हमारा गेस्टहॉउस एक बंगलो में था. में गाड़ी से उतरी और अंदर चली गयी. सुनील पीछे पीछे मेरी बैग लेकर अंदर आया.

अभी शाम के सात बज गए थे. अँधेरा हो ही गया था.

सुनील अंदर आते ही. उसने दरवाजा अंदर से बंद किया। पे फ्रिज से पानी की बोतल लेकर पानी पि रही थी.

सुनील बैग रखकर मुझे घूरते हुए दरवाजे के पास खड़ा था. सुनील की उम्र वैसे २० साल थी. वो मुजसे उम्र में छोटा था. आज जींस और टीशर्ट पहने था.

 मेने पानी की बोतल राखी, और उसकी तरफ देखते हुए मेने पास में रखा ड्रावर खोला और उसके अंदर मसाज करने की छोटीसी मशीन थी. वो निकाल के मेने सुनील के हात में थमाई, और पास की खुर्सी पे बैठी।

सुनील मेरे सामने निचे बैठा, और मेरे पैरो पे उस मसाज करने वाली मशीन से मसाज करने लगा. आह्ह्ह्ह आह. अच्छा लग रहा था.

सुनील एक हात मेरी गोरी टांगो पे घुमाते हुए ऊपर उठा रहा था और दूसरे हात में मशीन पकड़कर मसाज दे रहा था.

आह्हः अहह। …. बहोत दिनों बाद किसी लड़के का हात अपने पैरो पे महसूस कर रही हु. अह्ह्ह्ह उम्मम्मम आअह्ह्ह्हह

शरीर में अचानक उत्तेजना आ गयी. मेने एक नजर सुनील की तरफ देखा, वो बड़े प्यार से मेरे पैरो को मसाज कर रहा था.

मेने इंडिगो का ड्रेस पहना था. जिसमे निचे स्कर्ट था.

सुनील की तरफ देखते हुए अपने पैर धीरेसे खोल दिए. जैसे ही पैर दूर हुए, सुनील की नजर अंदर झाकने लगी.

अब पैरो पर मसाज करते समय सुनील की नजर अंदर देख रही थी. मेरी पैंटी उसे दिख रही होगी। वो बड़ो प्यार से मसाज करे हुए ऊपर आने लगा. मेने भी उसे आने दिया।

जब वो मेरी जांग की तरफ बढ़ रहा था में धीरे धीरे अपना स्कर्ट ऊपर उठा रही थी. मेरी जांग पहले थोड़ी दिखने लगी. सुनील और ऊपर आने लगा, तो मेने स्कर्ट और ऊपर खींच लिया।

देखते ही देखते स्कर्ट इतना ऊपर आया के अंदर पहनी मेरी लाल रंग की पैंटी भी दिखने लगी. आअह्ह्ह्हह। मेरी चुत पहले से फूली हुई थी. सुनील के आँखों से सामने मेरी लाल पैंटी थी. वो उसे टकटकी लगाए देख रहा था.

धीरे धीरे मसाज करते हुए उसके हात मेरी चुत की और बढ़ रहे थे.

सुनील ने मेरी गोरी जांग पे हात रखा और धीरेसे से चुत की और बढ़ने लगा. मेरे शरीर की गर्मी आसमान छू रही थी. एक बंद कमरे में हम दोनों।

अब कुछ भी हो सकता था.

सुनील का हात आगे बढ़ते हुए जैसे ही मेरी चुत को छूने ही वाला था, मेने उसका हात वही रोक लिया। सुनील ने मेरी तरफ देखा, मेने उसका हात पकड़े उसको उठाया।

उसने मसाज की मशीन पास के टेबल पे राखी। मे खुर्सी से खड़ी हुई. दोनों एक दूसरे के आखो में देख रहे थे.

पता नहीं मुझे तब क्या हुआ, मेने सुनील को कसकर गले लगा लिया। अह्ह्ह्हह्हह।। जैसे ही मेने गले लगाया, सुनील ने मेरी गर्दन पे कसकर चुम लिया।

कसकर पकड़े उसने मुझे अपने शरीर पे दबा दिया और जकड के मुझे चूमने लगा.

 गर्दन को चूमते हुए सीधा मेरे गालो को चूमने लगा. आअह्ह्ह आहहहह ओमममममम

आह्हः।।। में भी बहोत तप गयी थी. आअह्ह्ह।। सुनील ने मेरी पीठ से हात हटाकर सीधा मेरी गांड पे रख दिया और कसकर गांड पकड़े मेरी गांड दबाने लगा. आअह्हह्ह्ह्हह मेरी गांड को जैसे ही सुनील ने दबाया, में उत्तेजना में अह्ह्ह भरने लगी.

मेने अपना मुँह जैसे ही सुनील के सामने रखा, उसने अपने होठ मेरे होठो पे रख दिए और हम एक दूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे. आअह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम अह्ह्ह उम्मम्मम्म। आअह्ह्ह्हह

हम दोनों जल्द बाजी में एक दूसरे के कपडे उतारने लगे. आह्ह्ह्ह अहह. अहह. मेने सुनील की टीशर्ट उतार दी.

वही सुनील ने मेरा पहना हुआ इंडिगो का शर्ट खोल दिया।

पहले मेरा शर्ट निचे गिरा फिर सुनील ने मेरा स्कर्ट भी खोल दिया। स्कर्ट निचे गिरते ही में सिर्फ ब्रा और पैंटी पे आ गयी.

सुनील ने मेरे ब्रा को देखा और जोर जोर से मेरे स्तनों को दबाने लगा. आह्ह्ह्ह अहह हहहहह

गर्दन को चूमते हुए निचे गया और स्तनों को दबाते हुए ऊपर से चूमने लगा. आअह्ह्ह्ह अहह

मेने ब्रा खोली और जैसे ही दोनों स्तन खुल गए. सुनील पागल ही हो गया. उसने कसकर मेरे स्तनों को दबाया और चूमने लगा. अह्ह्ह्ह अहहहह

मेरे निप्पल को चूसने लगा. मुँह में पकड़े चबाने लगा. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्मम्मम उम्मम्मम

स्तनों को चूस चूस के उसने लाल कर दिए.

जैसे ही सुनील रुका, मेने उसका हात पकड़ा और उसे में अंदर कमरे में ले आयी. सामने बेड पे सुनील को लिटाया।

फिर मेने उसकी पैंट खोली और खींचकर निचे उतार दी.

अब सुनील सिर्फ अंडरवेर में बेड पे सोया था. में बेड पे चढ़ी, और धीरेसे सुनील की अंडरवेर निचे खींच दी आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

सुनील का लंड मेरी नजरो के सामने आया. आअह्हह्ह्ह्ह।। काफी लम्बा था. सुनील की अंडरवेर निकालके मेने उसे सामने फेक दिया।

सुनील के लंड को देखकर मुजसे रहा नहीं गया. मेने कसकर लंड को पकड़ा, प्यार से पहले देखते हुए ऊपर निचे हिलाने लगी. आअह्ह्ह्हह

 उम्मम्मम आह्ह्ह्ह। ….. फिर अपना मुँह लंड के करीब ले गयी और लंड के गुलाबी रसगुल्ले को मुँह में लेकर चाटने लगी आह्ह्ह्हह सुनील तड़पने लगा. आह्ह्ह्हह

यहाँ में उसके गुलाबी रसगुल्ले को जबान से चाट रही थी. आह्हः अह्ह्ह्ह अहह.. कसकर लंड को मुँह के सामने पकडे अपनी जबान लंड पे घिसने लगी. आह्हः अहह उम्मम्मम्मम

पूरा लंड मेने मुँह में खींचा और चूसने लगी. आह्ह्ह्ह उम्म्म्म अम्मम्म अम्मम्म उम्मम्मम

सुनील तड़प रहा था, और में चूसे जा रही थी।  आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह। ..

पूरा लंड अपने मुँह में लेकर पकडे रखा और निचे लटके गोटोंको प्यार से दबाने लगी. कसकर गोटोंको पकड़े खींचने लगी. आअह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम्म

कुछ देर लंड को चूसने के बाद, जब में पीछे हटी और सुनील की तरफ देखा, तो उसकी आखे नशीली हो चुकी थी

में उसके ऊपर सो गयी, और हम दोनों फिर से एक दूसरे को चूमने लगे. बेड पे एक दूसरे के ऊपर चढ़ने लगे.

दोनों भी हवस से भरे हुए थे.

फिर सुनील मेरे ऊपर आया और मेरे होठो को चूमते हुए निचे जाने लगा. निचे जाते हुए पुरे बदन को चूमते हुए जा रहा था. स्तनों को दबाके चूमा, फिर मेरी नाभि को चाटते हुए निचे गया और कुछ ही पलो में मेरी चुत तक पोहच गया.

जैसे ही सुनील ने मेरी पैंटी निचे खींची मेरा शरीर कपकपाने लगा. में अपने ड्राइवर लड़के के सामने पूरी नंगी हो रही थी.

सुनील ने कसकर चड्डी पकड़े निचे खींच दी और में पूरी नंगी हो गयी.

में शरमाते हुए अपने पैरो के बिच चुत को दबाये छुपाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन सुनील हवस से भरा हुआ था. उसने मेरे पैर जबरदस्ती फैलाये और मेरी चुत सामने दीखते ही उसपर टूट पड़ा. आअह्ह्ह अह्ह्ह्ह

अपना मुँह चुत में डालकर चाटने लगा. आअह्ह्ह्हह सुनील की जबान मेरी गीली चुत पे रगड़ने लगी. आह्ह्ह्हह अहहह। चुत भट्टी की तरह तप गयी थी. आह्हः हहहह अम्म्म

चुत में ऊँगली डालकर घिसने लगा. आअह्हह्ह्ह्ह अहहह हह में मछली की तरह बेड पे तड़पते आनंद ले रही थी. आह्ह्ह्हह्ह

फिर सुनील मेरे पैरो के बिच बैठा, मेरे पैर फैलाये और में कुछ आगे सोचती उसके पहले उसका लंड मेरी चुत में आधा घुस गया था. आअह्ह्ह्ह अहहह अहहह

सुनील मुझे चोदने के लिए इतना उतावल था के वो रुका ही नहीं। धक्के देते हुए लंड को पूरा चुत में डाल दिया और मेरे ऊपर लेटें मेरी चुदाई सुरु की. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहहह

सुनील का लम्बा लंड पूरा अंदर तक चला गया था. आह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम।। जोर जोर से चुदाई करने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह सुनील आअह्ह्ह्हह

मेने सुनील को कसकर बाहो में जकड लिया और चुदाई का आनंद लेने लगी. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहहहह

लंड को चुत के अंदर लेकर बहोत मजा आ रहा था. आह्ह्ह्ह अहहह अहह उम्मम्मम

पूरा लंड अंदर तक जाकर बाहर आ रहा था. आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ आअह्ह्ह्हह आह

सुनील ने जोर जोर से चुदाई सुरु की. मेरे होठो पे अपने होठ रखकर चूमने लगा. अह्ह्ह्ह. चोद सुनील आअह्ह्ह अह्ह्ह। बहोत दिनों से चुत प्यासी थी आह्हः आह्हः हहह…

मेरी बाते सुनकर सुनील और जोश में आ गया और जोर जोर से लंड को चुत में मरने लगा. आह्हः अहह. मेने कसकर सुनील को पकड़े रखा. आह्ह्ह्हह्ह अहहह

लम्बी चुदाई के बाद सुनील पीछे हुआ. मुझे तुरंत पलटके सुला दिया। मेरी गांड को देखकर पता नहीं उसे क्या हुआ, उसने जोर से मेरी गांड पे चपेट मारी आह्ह्ह्हह।।।

दोनों तीन चपेट मरकर मेरी गांड को चाटने लगा. आह्ह्ह्हह अहहह अहहह कमीना मेरी गांड के भीतर अपनी जबान डालकर चाट रहा था. आह्ह्ह्हह उम्म्म्म उफ्फ्फफ्फ्फ़

गांड चाटकर पीछे हुआ, मेरी कमर उठाकर मुझे घोड़ी बना दिया। पीछे से लौड़े को फिर से चुत में धकेल के चुदाई सुरु की. आह्हः आह्हः अहहह उम्म्म्म। अम्मम्म

आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह। .. जोर जोर से चुदाई होने लगी. आह्हः अह्ह्ह। लंड जैसे चुत में घिसना सुरु होता है, चुत पागल हो जाती है. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्मम्मम

पूरा लौड़ा अंदर जाकर बाहर आ रहा था. आह्ह्ह्ह आह्हः

काफी देर तक चुदाई चली, उस चुदाई में, मेरी चुत दो बार झड़ चुकी थी. आआह्ह्ह अह्ह्ह्ह अहह.. सुनील का लंड शांत नहीं हो रहा था. अभी भी जैसे के तैसे तना हुआ था. आह्ह्ह्ह आह्हः

सुनील ने अपना लंड चुत से बाहर खींचा, मेरे मुँह की तरफ आया और जबरदस्ती मेरे मुँह में अपना गिला लंड दबागे घिसने लगा. आअह्ह्ह्हह यह…

मुँह में लंड घिसना सुरु ही हुआ था के, अचानक लंड से जोर की पानी की पिचकारी मेरे गले तक उडी, आह्ह्ह्ह। गरमा गर्म पानी मुँह में रसने लगा. में सारा पानी पि गयी.

जबान को लंड रगड़ते हुए चाटने लगी. आह्हः उम्म्म्म अह्ह्ह

कुछ देर बाद सुनील शांत हुआ. उसने लंड को पीछे खींचा। लंड का आकर छोटा हो चूका था. में समज गयी के अब सुनील शांत हो रहा है.

थोड़ी देर में ऐसे ही बेड पे सोइ रही. सुनील ने उठकर अपने कपडे पहन लिए और वो जाने लगा. मेने चद्दर ओढ़ ली और उसे कहा जाते हुए दरवाजा खींच लेना बाहर का ताके वो बंद हो जाये। और सुनील को कहा किसी को आज जो हुआ उसके बारेमे बताना नहीं।

सुनील ने शरमाते हुए गर्दन हिलाई। और चला गया.

उस दिन चुत को चुदाई चहिये थी तो अपने ड्राइवर से चुदाई करके मन शांत कर लिया।

कैसी लगी मेरी कहानी जरूर कमेंट करके बताना

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