आज में जो आपको कहानी सुनाने जा रही हु. ये एक कहानी नहीं तो मेरी जिंदगी की हकीकत है. पता नहीं में सही कर राहु हु या नहीं। लेकिन ये जो हकीकत है मेरे दिमाग से निकल ही नहीं रही है. इसलिए सोचा किसी को तो बताऊ।
सुरु करती हु कहानी को. मेरा नाम दिया है, मेरी शादी मानव से हो चुकी थी. मानव मेरे ही पापा के दोस्त का बेटा है. हम एक ही ऑफिस में जॉब करते थे. तभी हमारी अछि जान पहचान बॉस से हो चुकी थी.
हमें लगा था के हमारा बॉस हमसे कुछ है. हमारी बाते भी मानता है तो मानव ने मुझे कहा के में कंपनी से लोन लेकर हम अच्छा बड़ा घर लेते है. तब हम किराये के घर में रह रहे थे.
मुझे भी ये विचार सही लगा. तो मानव और मेने बॉस से ५५ लाख का लोन लेने का तय किया।
मानव ने कुछ ही दिन बाद बॉस से बात की. बॉस वैसे उस दिन मान ही गया था. लेकिन दूसरे दिन ऑफिस में मानव को बुलाकर कहने लगा. के वो कंपनी के नाम से पैसे तो दे देगा लेकिन बदले में मानव और मुझे दोनों को एक पेपर पे साइन करना होगा। जिसमे लिखा होगा अगर पैसे नहीं वक्त पे वापस नहीं किये तो दोनों के ऊपर केस किया जायेगा।
बॉस ने साफ़ साफ़ कह दिया था के ऐसी कोई नौबत नहीं आएगी। लेकिन पैसे का मामला है तो ये सब पेपर और साइन करना पड़ता है.
मानव ने दो दिन का वक्त लिया। हम दोनों ने बातचीत की और आखिरकार हम दोनों राजी हो गए. क्यूंकि इतने पैसे अगर बैंक से लेते तो उसपर ब्याज अलग से देना पड़ता।
हमने आखिर कार पेपर पे साइन कर दिए और हफ्ते भर में कंपनी से हमें लोन मिल गया. पैसे आते ही हमने घर ले लिया और सभी सही चल रहा था.
अचानक एक दिन रातको घर आते समय मानव बाइक से गिर पड़ा. उसके पैरो में चोट लग गयी. उसकी पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो चुकी थी. तो वो चल नहीं सकता था.
डॉक्टर ने उसे ३ महीने घर पर ही रहने की सलाह दे दी थी.
मानव अब ऑफिस नहीं जा पा रहा था. जिस वजसे जो लोन हमें बॉस को देना था वो अब मेरी कमाई से मुझे देना पड़ रहा था. करीब दो महीनो तक तो मेने किसी तरह चला लिया लेकिन फिर पैसो की दिक्कत आने लगी. मानव की भी तबियत बिघड रही थी. उसका पैर अभी भी ठीक नहीं हुआ था.
आखिरकार मानव से बात करके हमने तय किया के कुछ दिन तक हम लोन के पैसे नहीं देंगे ऐसे बॉस को बता देते है. ताकि थोड़े पैसे बच जाये तो आगे की सोच सकते है.
मेने दूसरे ही दिन बॉस से इस बारे में बात की, तो बॉस पहले तो शांत रहा लेकिन फिर कहने लगा के ये पैसे तो कंपनी के है. तुम्हे देने तो पड़ेंगे। बॉस आगे कहने लगा. तुम अगर कुछ और मेरे लिए कर सकती हो तो में तीन महीने की मोहलत दे सकता हु.
ऐसे कहते हुए बॉस मेरे स्तनों की और देखने लगा. मेने तब ऑफिस के शर्ट और पेंट पहनी थी. शर्ट के अंदर मेरे स्तन काफी बड़े दीखते थे. बॉस मेरी तरफ घूर घूर के देख रहा था.
पहले तो मुझे असहाय होने लगा. लेकिन फिर में सोचने लगी. बॉस को कुछ रखकर अगर कुछ दिन की मोहलत मिल जाती है तो क्या दिक्कत है.
मेने बॉस को कहा में सोचकर बताती हु. मुझे वैसे उसकी बात समज आ गयी थी. लेकिन मेने ऐसे दिखाया जैसे मुझे कुछ समज नहीं आया.
जैसे ही में केबिन से बाहर निकल रही थी, तो अचानक से बॉस ने पूछा, दिया। … कब तक बतायोगी। मुझे कल सुभह दुबई के लिए निकलना है.
तो मेने कहा आज शाम तक बता दूंगी।
बॉस मुझे ऊपर से निचे तक घूरने लगा.
में केबिन से बाहर निकली और अपने काम में लग गयी. मेने मानव को फोन करके कहा की बॉस मान गया है. तीन महीने की मोहलत दे रहा है.
मानव बहुत खुश हो गया. लेकिन मेने मानव की असली बात नहीं बताई।
जैसे जैसे शाम होने लगी, मेरी धडकन बढ़ने लगी. बॉस कभी भी बुला सकता था.
करीब शाम को ६ बजे मेने मानव को कहा के ऑफिस में काम है तो देरी से लौटूंगी।
मेने अपना सारा काम ख़तम किया। करीब ७ बजे सारे लोक ऑफिस से निकल गए थे.
ऑफिस में सिर्फ में और बॉस थे. कुछ देर बाद मेरे टेबल पे रखे फोन की घंटी बजती है. और वो बॉस का ही फोन था.
बॉस ने मुझे अपने केबिन में बुलाया।
बॉस का केबिन बड़ा था. उसकी खुर्ची और टेबल के आलावा एक बडासा सोफा भी था जिसपे एक ६ फिट का आदमी आरामसे सो सकता है.
में केबिन में आयी. बॉस ने मुझे पूछा तो क्या सोचा लोन के बारेमे, तो मेने कहा के मानव और मे तैयार है.
बॉस ने आगे कहा, मानव की बात नहीं कर रहा में तुम्हारी बात कर रहा हु.
तो में कुछ कह नहीं पायी।
बॉस खड़ा हो गया, और बात करते हुए मेरी तरफ बढ़ने लगा. कहने लगा के देखो जैसे तुम्हारी जरुरत है वैसे मेरी भी कुछ जरूरते है. मेने जैसी तुम्हारी जरुरत पूरी की वैसे तुम मेरी जरुरत पूरी करो तो दोनों को भी फायदा होगा।
ऐसे कहते हुए बॉस मेरे पीछे आया और धीरेसे मेरी पीठ पे हात घूमने लगा. उसके हात के स्पर्श से मेरे होठ खुल गए और में सिसकने लगी. आअह्ह्ह सशह्ह्ह्ह
बॉस ने मेरी सिसकने की आवाज सुनी तो वो अपना हात मेरी पीठ से रगड़ते हुए निचे ले गया. मेरी कमर को सहलाते हुए उसने पीछे से शर्ट के अंदर हात डाला और मेरी नंगी पीठ पे हात घूमने लगा. आआह्ह्ह्ह उम्मम्मम
मेरी सिसकने की आवाज बढ़ने लगी. शह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
जैसे ही बॉस का हात मेरी ब्रा की पट्टी को छुआ मेरे हात में पकड़ी अपनी बुक निचे गिर पड़ी.
बुक गिरते ही बॉस ने मुझे अपनी और खींचा और मेरी गर्दन पे चूमने लगा. आअह्ह्ह्ह आह्हः अहह..
में कुछ कर ही नहीं पाई. बॉस सीधा मेरे ऊपर चढ़ने लगा. मेरी गर्दन को चूमते हुए मेरे स्तनों को दोनों हातो से दबाने लगा. आह्हः उम्मम्मम आह्ह्ह्हह आह्हः
दबाते हुए चुम रहा था. जैसे ही वो मेरे होठो तक पोहचा, दोनों की आँखे मिली, बॉस के चेहरे पे मेने हवस देख ली.
डरते हुए में पीछे होने लगी, तो बॉस ने मुझे कसकर कमर को पकड़के अपने गले लगाया और मेरे होठो को चुम लिया आअह्ह्ह्ह आह्हः अहहह अहंमम अम्म्मम्म उम्मम्मम्म
मेरे होठो पे अपने होठ रगड़ते हुए अपनी जबान मेरे मुँह में रगड़ने लगा. दोनों की जबान एक दूसरे से रगड़ने लगी. आह्ह्ह्ह उम्म्म्म अह्ह्ह्हह
बॉस चूमते हुए पागल हो चूका था. जल्दबाजी में उसने मेरे शर्ट के बटन खोल दिए. मेरा शर्ट खुला और अंदर की ब्रा दिखने लगी. बॉस ने जैसे ही निचे देखा, मेरे ब्रा के अंदर उछलते स्तनों को देख वो आक्रोश में आग आया,
निचे झुककर उसने मेरे स्तनों को चूमना सुरु किया आह्ह्ह्हह अहहह।।।
मेरा शर्ट फट जाये इसलिए मेने शर्ट को निकाल दिया, ब्रा के ऊपर से बॉस मेरे स्तनों को चुम रहा था, दोनों हातो से स्तनों को दबा रहा था. आह्ह्ह्हह अहहह।।।
फिर दबाते हुए उसने ब्रा निचे ही खींच दिया और मेरे दोनों स्तन उछल के बाहर निकले। जैसे ही निप्पल सामने आये, बॉस ने सीधा मुँह में लेकर चूसना सुरु किया। आह्हः अहहह अहहह अहहह।।।।।
मेने ब्रा पीछे से खोल दी. ब्रा उतार के पास के टेबल पे राखी। यहाँ बॉस दोनों हातो से मेरे स्तनों को ऐसे दबा रहा था जैसे उससे जूस निकलने वाला है. इतनी हैवानियत उसमे दिख रही थी के उसने मेरे निप्पल को चबाना सुरु किया। आअह्ह्ह्ह में चीखने लगी. आह्हः अहह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आअह्हह्ह्ह्ह
चबाते हुए निप्पल को खींचने लगा. आह्ह्ह्हह उम्मम्मम्म
दोनों स्तनों को बारी बरी चूसने के बाद, बॉस पीछे हटा, उसने जल्दबाजी में अपना शर्ट उतारा और पैंट खोलने लगा. मेरी सास फूली हुई थी. में शांत खड़ी बॉस को अपने कपडे उतारते हुए देख रही थी. शर्ट उतारते ही बॉस का मोटा पेट सामने आया. छाती पे काफी बाल थे. ४७ की उम्र थी बॉस की.
बॉस ने अपनी पेंट निचे उतार दी और मेरे शरीर को लिपट गया. उसका अंडरवेर देखकर मुझे समज आ गया था के बॉस का लंड खड़ा हो चूका है.
आअह्ह्ह्ह अहहह।। ऐसे पराये मर्द से शरीर से शरीर रगड़ रही थी. अजीब सा लग रहा था. आह्ह्ह्हह अहह. मेरे स्तन बॉस की बालो वाली छाती पे रगड़ रहे थे. बॉस ने मेरी पेंट खोली, मेरी पहनी हुई पेंट निचे गिरने लगी. मुझे और शर्म आने लगी.
आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह अहहह उम्मम्मम
बॉस ने मेरे गालो को चूमते हुए होतो पे अपनी जबान घिसते हुए मुझे निचे दबाया। मुझे वो निचे बैठने कहने लगा.
में निचे बैठी ही थी. और थोड़ा डर रही थी. क्यूंकि मुँह के सामने एक बड़े पेट वाला अजनबी आदमी खड़ा है. और उस पेट के निचे अंडरवेर के अंदर लंड फसा हुआ.
में आगे बढ़ नहीं रही थी. तो बॉस ने मेरा मुँह पकड़ा और अपनी अंडरवेर मेरे मुँह पे रगड़ने लगा. आअह्ह्ह।।।
कमीने बॉस ने मान लिया था के में अब कुछ नहीं बोलूंगी। अपनी हवस को पूरा करने के लिए वो कुछ भी कर रहा था.
इसके पहले के और कुछ करे, मेने उसकी अंडरवेर पकड़ी और निचे खींच दी. अंडरवेर जैसे निकली, बॉस का लौड़ा बाहर निकला।
अह्ह्ह्ह।। ज्यादा लम्बा नहीं था. लेकिन मोटा था. मेने कसकर मुठी में बॉस के लौड़े को पकड़ा और हिलाने लगी. आह्हः उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह
बॉस के मुँह से सिसकने की आवाज आने लगी. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्मम्मम्मम्मम दिया आह्हः। ….
मेने धीरेसे अपना मुँह आगे किया और लौड़े को मुँह में लेकर चूसने लगी. आह्ह्ह्ह अहह.. काफी सख्त था लौड़ा। आह्ह्ह्हह्ह ममममममम
पूरा लौड़ा अंदर लेकर चाटने लगी. आह्हः अह्ह्ह नममम। बॉस की आवाज सुनकर पता चल रहा था के उसे मजा आ रहा है.
में लौड़े की चुसाई कर ही रही थी के अचानक बॉस ने मेरा सर दोनों हातो से पकड़ा और मेरे मुँह के अंदर अपना लंड मारते हुए मुँह को चोदने लगा. आह्हः आह्हः अहह उम्म्म्म उम्म्म आअह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह
जोर जोर से लंड को मेरे मुँह में दबाते हुए धक्के दे रहा था. अह्ह्ह।। मेरे होतो को रगड़ते हुए, जबान को घिसते हुए लंड मुँह के पूरा अंदर तक जा रहा था. आह्ह्ह्ह आह्हः अहह उम्मम्मम
काफी देर तक मुँह की चुदाई की, फिर जैसे ही लंड को बाहर खींचा, मेने देखा पूरा लंड लाल से भर गया था. लाल लंड से निचे टपक रही थी. आअह्ह्ह्ह अहह
बॉस ने मुझे खड़ा किया, और पास के सोफे पे ले जाकर सुला दिया। में लेटी ही थी के बॉस ने मेरी पैंटी खींचकर उतार दी.
में पूरी नंगी हो गयी. मुझे ऐसे बॉस के सामने सोफे पे नंगा सोते हुए देख बॉस की आखे चमकने लगी. उसने मेरी चुत की तरफ देखते हुए अपनी जीभ होठो पे घुमाई।
ऐसे देख रहा था जैसे खाना सामने पड़ा हो.
मेरी नजदीक आते हुए मेरी जांग को फैलते हुए सामने बैठा। मेरी चुत पे अपना मुँह रखकर चुत को चाटने लगा. आअह्ह्ह्ह अहहह अह्ह्ह
बॉस की जबान चुत पे रगड़ने लगी. आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह अहह.. मेरा शरीर तप गया था. में सोफे पे मछली की तरह तड़पने लगी. आअह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह
आँख खोलकर निचे देखा तो बॉस बड़े प्यार से मेरी चुत चाट रहा था. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह उम्मम्मम्मम
चुत चाटते हुए ऊँगली चुत में डालकर रगड़ने लगा. आह्ह्ह्ह अहहह में और उत्तेजित हो गयी. आअह्ह्ह्ह अहह…..
काफी देर तक चुत को चाटने के बाद जैसे ही बॉस पीछे हटा, उसने अपने लंड को पकड़ा, सोफे पे मेरे पैर फैलाके बिच में बैठा, और धीरेसे मेरी चुत में लौड़ा घुसेड़ दिया आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह।।।
जाड़ा लंड चुत के अंदर रगड़ते हुए, चुत के दरवाजे खोलते हुए अंदर जाने लगा. आअह्ह्ह्हह अह्ह्ह।। मेने अपने नाख़ून सोफे में गड़ा दिए आह्ह्ह्ह आह्हः अहह..
बॉस ने लंड पूरा अंदर घुसेड़ा और चुदाई सुरु हुई. आह्ह्ह्हह्ह।।। मेरी ऊपर लेटकर बॉस निचे से धक्के देने लगा. आह्ह्ह्ह अहह अहहह अहह.. पूरा सोफे हिल रहा था. आह्हः अहहह अहह यह.
दिया आह्ह्ह्ह अहहह।। कब से तुजे चोदना चाहता था आअह्ह्ह्ह अहहह अहह. क्या चुत है तेरी आअह्ह्ह आह्हः अहहह अहह……
तुजे तो में अपनी रखेल बनाके रखूँगा आह्हः आह्हः अहह उम्मम्मम्मम
पूरा लंड अंदर तक दबाते हुए मेरी तरफ देखते हुए चुदाई चल रही थी. मेरे स्तनों को चूसते हुए निचे से धक्के मार रहा था. आह्हः अहहह अहह अहह
बहोत देर बॉस ने मेरी चुत की चुदाई की. फिर उठकर मुझे उसने अपने टेबल पे सर रखकर झुका दिया। में अपना सर टेबल पर रखकर झुकी हुई थी. इतने में बॉस ने मेरी गांड को जोर से दबाया। मेरी मोटी गांड को दबाते हुए कहने लगा, ये तो में कबसे करना चाहता था. आह्ह्ह्ह
दिया तुम्हारी गांड तो बहोत बढ़िया है. ऐसे कहते हुए गांड पे चपेट मरने लगा. आअह्ह्ह्ह अहह.. इतने जोर से मार रहा था के मेरी चीख निकलने लगी आह्ह्ह्ह अहहहह ाःहाहा
गांड को दबाये जा रहत था. झुकारा चुम रहा था. फिर चपेट भी मार रहा था. आह्हः अहहह अहह उम्म्म्म
फिर धीरेसे आगे आकर उसने मेरी चुत में लंड धकेला। आह्ह्ह्हह फिर से लंड चुत में जाने लगा. आह्हः अहहह अहह उम्म्म्म उफ्फ्फफ्फ्फ़
जैसे जैसे लंड अंदर जाने लगा, मेरी चुत और खुलने लगी. आह्ह्ह्ह अहह.. बॉस ने लंड पूरा अंदर धकेला और पीछे से चुदाई सुरु हुई. आह्हः अहहह
मेरी कमर को कसकर पकडे चुदाई चल रही थी. आह्ह्ह्ह अहहहह अहह. पुरे ऑफिस में हमारी दोनों की आवाज गूंज रही थी. आह्ह्ह्ह अहहह अहह. अहह
कुछ ही पल में झड़ गयी. चुत के पानी ने लंड को भी गिला कर दिया था. आअह्ह्ह्ह हह….
बॉस ने अपनी तेजी बधाई। और जोर जोर से चोदते हुए आखिर में उसके लंड से पानी निकलने ही वाला था के लौड़े को बाहर खींचा।
मेरी तरफ आया और मुझे अपने सामने बिठाकर मेरे मुँह पे पानी उड़ाने लगा. आह्ह्ह्हह अहह… मुझे कहा मुँह खोलो तो मेने मुँह खोला।
जैसे ही मुँह खोला लौड़े से निकलता पानी सीधा मेरे मुँह में चला गया. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्म्म्म उम्मम्मम्म
उफ्फ्फफ्फ्फ़ आअह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्मम्मम
मेरे मुँह पे सारा पानी फ़ैल गया. जो मेरे मुँह में चला गया था, वो में पि गयी. आआह्ह्ह्ह अहह उम्म्म
लंड शांत हुआ. बॉस पीछे हटा तो में ऐस ही अपने कपडे पहने लगी. चेहरे पे लगा पानी टिशू लेकर पोछने लगी.
कपडे पहने और बॉस को कहकर निकल गयी.
बॉस कह रहा था के घर तक छोड़ देता हु. लेकिन मेने मन कर दिया।
घर पोहची तो मानव घर पर मेरा इंतजार कर रहा था. हमने साथ में खाना खाया। मेने मानव को ऑफिस में जो हुआ उसके बारे में कुछ भी पता नहीं लगने दिया।
हम सो गए.
उस दिन के बाद से बॉस ने मुझे काफी बार चोदा। अपनी लोन की ईएमआई में चुदाई करते हुए भर रही थी.
