Hindi xxx kahani

भल्ला सर हमारे कंपनी के नए सी ए थे और उनके आने से अच्छी खासी टाइटनेस हो गई थी सिस्टम
आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ। मेरा नाम कविता है और मेरी शादी हुए मात्र छह महीने हुए
मेरा नाम ravi है। मैं 19 साल का हूं। मेरे परिवार में तीन लोग हैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
मेरा नाम विवान है. में अभी स्कूल में पढता हु. कुछ ही दिनों पहले मेरी सबसे छोटी मासी घर आई
मेरे बीवी की बड़ी बहन यानि मेरी बड़ी साली का नाम कविता है, उसके पति संदीप जी दुबई में हैं,
मेरा नाम मीत (बदला हुआ नाम) है. मेरी उम्र 30 साल है और मैं अविवाहित हूँ.मैं पंजाब में रहता हूँ.
आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ. ये मेरी पहली कहानी  ये कहानी होली के दिन की
नैना आंटी के सिखाए गुर उनकी अपनी बेटी टीना पर आज़माने के बाद उसी परिवार की एक और चुदासी चूत
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
संत बाबा एक ऊची पद्दवी होती है लेकिन कुछ बाबा उसका गलत इस्तेमाल करते है और भोली भाली औरतों का
सुभह का वक्त था. मेरे पति नहाकर निकले और कमरे में आये. उन्होंने टावल पहना था. में बेड की चद्दर
शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल
मेरा नाम अखिलेश है. में एक कंपनी का मालिक हु. वैसे कंपनी कोई बड़ी नहीं लेकिन मुझे एक सेक्रेटरी की
मेरा नाम नविन है. में अभी कॉलेज के आखरी साल में पढ़ रही हु. मेरे घर में अभी मेरे पापा,
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
मेरी मां मेरा खूब ख्याल रखती थी। मेरा दिल करता था की मां को नंगा करके खूब प्यार करूँ। फिर