Brother sister hindi sex stories

मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
मेरा नाम रश्मि है. मेने अपनी शादी घरवालों के पसंद के लड़के से की थी. मेरे पति इंजीनियर है. इसलिए
देसी हॉट चूत की कहानी में पढ़ें कि मेरी चाची घर में ब्यूटीशियन का काम करती थी. उनके पास आयी
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े
मेरा नाम मीत (बदला हुआ नाम) है. मेरी उम्र 30 साल है और मैं अविवाहित हूँ.मैं पंजाब में रहता हूँ.
मेरी मम्मी का नाम हैं दीपिका और मेरी मम्मी बहुत ही चुदासी औरत है, वो अक्सर पराये मर्दों को घर
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
हाय, मेरा नाम प्रेम है और मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ, और जबलपुर में रहता हूँ। और जो कहानी मैं
मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ और हमें अक्सर ट्रेनिंग्स और मीटिंग्स के लिए दुसरे शहरों में जाना
ये माँ-बेटे की सेक्स कहानी मेरी अपनी कहानी है. अपने सौतेले बेटे के साथ सेक्स करने के बाद मैं गर्भवती
मेरा नाम नंदिनी है. ये कथा कुछ दिनों पहले की है. में एक स्कल में टीचर हु. बड़े बच्चो को
हेल्लो दोस्तों, ये मेरी जवानी की पहली कहानी है जिसमे मैं अपने बदन के मज़े ले रही थी लेकिन उसी
मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
हेलों मेरे प्यारे सेक्स रीडर, आज हम आपको एक एसी रियल सेक्स स्टोरी बताने वाले हैं। जिसमें एक हसबैंड ने
जीवन में कई बार ऐसी कठिनायोसे गुजरना पड़ता है जहा आपको समज नहीं आता की आप किस रस्ते पे चलना
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हंसिका है और मेरी उम्र 23 साल है. में कोलकाता कि रहने वाली हूँ और मेरा
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो सच्ची घटना पे आधारित है. मेरा नाम नीमा है. में एक
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक

भाई-बहन की गुप्त रात

मेरा नाम रोहन है, उम्र २४ साल। मेरी छोटी बहन रिया १९ साल की है। दोनों मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में अकेले रहते थे। मम्मी-पापा गांव में रहते थे, इसलिए हम दोनों पर कोई नजर नहीं थी। रिया कॉलेज जाती थी और मैं ऑफिस। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हमारे बीच कुछ बदल गया था।

रिया अब बहुत सेक्सी हो गई थी। उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल गांड देखकर मेरा मन अक्सर बिगड़ जाता। रात को जब वो शॉर्ट नाइट सूट में घूमती, तो मेरे लंड में तनाव हो जाता। मुझे पता था ये गलत है, लेकिन कंट्रोल नहीं हो रहा था।

एक रात बारिश तेज हो गई थी। लाइट चली गई। हम दोनों एक ही कमरे में मोमबत्ती जलाकर बैठे थे। रिया ठंड से कांप रही थी। मैंने कहा, “आ जा, मेरे पास सो जा।” वो झिझकते हुए मेरे बगल में लेट गई। उसकी गरम सांस मेरी गर्दन पर पड़ रही थी।

थोड़ी देर बाद उसने कहा, “भैया, मुझे नींद नहीं आ रही।” मैंने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रख दिया। रिया ने कुछ नहीं कहा। धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके स्तनों की तरफ बढ़ गया। जब मैंने उसके एक स्तन को हल्के से दबाया तो वो सिहर गई, लेकिन दूर नहीं हटी।

“भैया… ये गलत है ना?” उसने फुसफुसाकर पूछा। “हां… लेकिन रुक नहीं पा रहा,” मैंने कहा और उसे जोर से किस कर दिया।

रिया पहले तो घबरा गई, लेकिन फिर उसने भी मेरी जीभ चूसनी शुरू कर दी। हम दोनों एक-दूसरे को चूमते हुए पागल हो गए। मैंने उसकी टॉप उतार दी। उसके गोरे, बड़े स्तन सामने थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। रिया कराह उठी, “आह… भैया… धीरे…”

मेरा हाथ उसकी शॉर्ट्स में घुस गया। उसकी चूत पहले से गीली थी। मैंने उंगलियां अंदर डालकर हिलानी शुरू कीं। रिया मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगी। “भैया… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है…”

फिर रिया ने मेरी पैंट उतारी और मेरा ७ इंच का खड़ा लंड हाथ में ले लिया। “इतना बड़ा है भैया…” कहकर वो उसे चूसने लगी। उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर नाच रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में धकेलने लगा।

कुछ देर बाद मैंने रिया को बेड पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं। उसकी छोटी-सी गुलाबी चूत चमक रही थी। मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डाला। “आह… भैया… दर्द हो रहा है…” रिया चीखी, लेकिन मैं रुका नहीं। पूरी तरह घुस जाने के बाद मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।

रिया अब दर्द भूलकर मजा ले रही थी। “हां भैया… और जोर से… फाड़ दो अपनी बहन की चूत…”

हम दोनों पसीने से तर थे। मैं उसे विभिन्न पोजीशन में चोद रहा था—मिशनरी, डॉगी, और फिर वो ऊपर आ गई। रिया मेरे लंड पर उछल रही थी, उसके स्तन हिल रहे थे।

आखिरकार मैं चिल्लाया, “रिया… मैं आने वाला हूँ…” “अंदर ही डाल दो भैया… मैं गोली खा रही हूँ।”

मैंने अपनी बहन की चूत के अंदर गर्म वीर्य उड़ेल दिया। रिया भी झड़ गई और मेरे सीने पर गिर पड़ी।

उस रात के बाद हमारी भाई-बहन वाली रिश्ता बदल गया। दिन में हम नॉर्मल भाई-बहन जैसे रहते, लेकिन रात को हम प्रेमी बन जाते। हम अक्सर शॉवर में, किचन में, बालकनी में सेक्स करते। रिया अब कहती है कि भाई का लंड ही सबसे अच्छा लगता है।

ये हमारी गुप्त खुशी है, जिसे हम कभी किसी से नहीं बताएंगे।