भाई-बहन की गुप्त रात
मेरा नाम रोहन है, उम्र २४ साल। मेरी छोटी बहन रिया १९ साल की है। दोनों मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में अकेले रहते थे। मम्मी-पापा गांव में रहते थे, इसलिए हम दोनों पर कोई नजर नहीं थी। रिया कॉलेज जाती थी और मैं ऑफिस। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हमारे बीच कुछ बदल गया था।
रिया अब बहुत सेक्सी हो गई थी। उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल गांड देखकर मेरा मन अक्सर बिगड़ जाता। रात को जब वो शॉर्ट नाइट सूट में घूमती, तो मेरे लंड में तनाव हो जाता। मुझे पता था ये गलत है, लेकिन कंट्रोल नहीं हो रहा था।
एक रात बारिश तेज हो गई थी। लाइट चली गई। हम दोनों एक ही कमरे में मोमबत्ती जलाकर बैठे थे। रिया ठंड से कांप रही थी। मैंने कहा, “आ जा, मेरे पास सो जा।” वो झिझकते हुए मेरे बगल में लेट गई। उसकी गरम सांस मेरी गर्दन पर पड़ रही थी।
थोड़ी देर बाद उसने कहा, “भैया, मुझे नींद नहीं आ रही।” मैंने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रख दिया। रिया ने कुछ नहीं कहा। धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके स्तनों की तरफ बढ़ गया। जब मैंने उसके एक स्तन को हल्के से दबाया तो वो सिहर गई, लेकिन दूर नहीं हटी।
“भैया… ये गलत है ना?” उसने फुसफुसाकर पूछा। “हां… लेकिन रुक नहीं पा रहा,” मैंने कहा और उसे जोर से किस कर दिया।
रिया पहले तो घबरा गई, लेकिन फिर उसने भी मेरी जीभ चूसनी शुरू कर दी। हम दोनों एक-दूसरे को चूमते हुए पागल हो गए। मैंने उसकी टॉप उतार दी। उसके गोरे, बड़े स्तन सामने थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। रिया कराह उठी, “आह… भैया… धीरे…”
मेरा हाथ उसकी शॉर्ट्स में घुस गया। उसकी चूत पहले से गीली थी। मैंने उंगलियां अंदर डालकर हिलानी शुरू कीं। रिया मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगी। “भैया… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है…”
फिर रिया ने मेरी पैंट उतारी और मेरा ७ इंच का खड़ा लंड हाथ में ले लिया। “इतना बड़ा है भैया…” कहकर वो उसे चूसने लगी। उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर नाच रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में धकेलने लगा।
कुछ देर बाद मैंने रिया को बेड पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं। उसकी छोटी-सी गुलाबी चूत चमक रही थी। मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डाला। “आह… भैया… दर्द हो रहा है…” रिया चीखी, लेकिन मैं रुका नहीं। पूरी तरह घुस जाने के बाद मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
रिया अब दर्द भूलकर मजा ले रही थी। “हां भैया… और जोर से… फाड़ दो अपनी बहन की चूत…”
हम दोनों पसीने से तर थे। मैं उसे विभिन्न पोजीशन में चोद रहा था—मिशनरी, डॉगी, और फिर वो ऊपर आ गई। रिया मेरे लंड पर उछल रही थी, उसके स्तन हिल रहे थे।
आखिरकार मैं चिल्लाया, “रिया… मैं आने वाला हूँ…” “अंदर ही डाल दो भैया… मैं गोली खा रही हूँ।”
मैंने अपनी बहन की चूत के अंदर गर्म वीर्य उड़ेल दिया। रिया भी झड़ गई और मेरे सीने पर गिर पड़ी।
उस रात के बाद हमारी भाई-बहन वाली रिश्ता बदल गया। दिन में हम नॉर्मल भाई-बहन जैसे रहते, लेकिन रात को हम प्रेमी बन जाते। हम अक्सर शॉवर में, किचन में, बालकनी में सेक्स करते। रिया अब कहती है कि भाई का लंड ही सबसे अच्छा लगता है।
ये हमारी गुप्त खुशी है, जिसे हम कभी किसी से नहीं बताएंगे।

















