Brother sister hindi sex stories

देसी हॉट चूत की कहानी में पढ़ें कि मेरी चाची घर में ब्यूटीशियन का काम करती थी. उनके पास आयी
मेरी माँ का नाम शशि है। हम कोयंबटूर में रहते हैं। वह 37 साल की हैं, लेकिन दिखने में उनसे
मेरा नाम अखिलेश है. में एक कंपनी का मालिक हु. वैसे कंपनी कोई बड़ी नहीं लेकिन मुझे एक सेक्रेटरी की
मेरा नाम अर्जुन। अभी में एक कॉलेज में पढता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. हमारे पड़ोस में एक
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
जिस दिन से मैंने इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया था मेरी नज़र अवनी भाभी पर बनी हुई थी, उनके
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हंसिका है और मेरी उम्र 23 साल है. में कोलकाता कि रहने वाली हूँ और मेरा
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
मेरी शादी की रात मुझे महसूस हुआ कि मेरी पत्नी एक मस्त माल थी और वह पहले भी कई बार
दोस्तों, मै आज आप सभी को अपने सच्ची चुदाई की महागाथा नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था.
हॉट गर्ल्स की कहानी में एक लड़की को कई दिनों से नया लंड नहीं मिला, तो वह बाज़ार जाकर नया
मेरा नाम दीपाली है मैं इंदौर की रहने वाली हूँ। मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
मेरा नाम अनिरुद्ध है. में बिहार से हु लेकिन अभी मुंबई में एक दुकान में काम करता हु. दुकान एक
बाँडेज पोर्न स्टोरी में आप सबका स्वागत है. मेरी कंपनी में नये ट्रेनीज़ का बैच आया. उसमें एक भोला सा
मैं पढ़ाई के लिए दिल्ली आया और एक कमरा लिया रहने के लिए. मकान मालकिन भाभी को देख कर लगा
मेरे बीवी की बड़ी बहन यानि मेरी बड़ी साली का नाम कविता है, उसके पति संदीप जी दुबई में हैं,

भाई-बहन की गुप्त रात

मेरा नाम रोहन है, उम्र २४ साल। मेरी छोटी बहन रिया १९ साल की है। दोनों मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में अकेले रहते थे। मम्मी-पापा गांव में रहते थे, इसलिए हम दोनों पर कोई नजर नहीं थी। रिया कॉलेज जाती थी और मैं ऑफिस। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हमारे बीच कुछ बदल गया था।

रिया अब बहुत सेक्सी हो गई थी। उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल गांड देखकर मेरा मन अक्सर बिगड़ जाता। रात को जब वो शॉर्ट नाइट सूट में घूमती, तो मेरे लंड में तनाव हो जाता। मुझे पता था ये गलत है, लेकिन कंट्रोल नहीं हो रहा था।

एक रात बारिश तेज हो गई थी। लाइट चली गई। हम दोनों एक ही कमरे में मोमबत्ती जलाकर बैठे थे। रिया ठंड से कांप रही थी। मैंने कहा, “आ जा, मेरे पास सो जा।” वो झिझकते हुए मेरे बगल में लेट गई। उसकी गरम सांस मेरी गर्दन पर पड़ रही थी।

थोड़ी देर बाद उसने कहा, “भैया, मुझे नींद नहीं आ रही।” मैंने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रख दिया। रिया ने कुछ नहीं कहा। धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके स्तनों की तरफ बढ़ गया। जब मैंने उसके एक स्तन को हल्के से दबाया तो वो सिहर गई, लेकिन दूर नहीं हटी।

“भैया… ये गलत है ना?” उसने फुसफुसाकर पूछा। “हां… लेकिन रुक नहीं पा रहा,” मैंने कहा और उसे जोर से किस कर दिया।

रिया पहले तो घबरा गई, लेकिन फिर उसने भी मेरी जीभ चूसनी शुरू कर दी। हम दोनों एक-दूसरे को चूमते हुए पागल हो गए। मैंने उसकी टॉप उतार दी। उसके गोरे, बड़े स्तन सामने थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। रिया कराह उठी, “आह… भैया… धीरे…”

मेरा हाथ उसकी शॉर्ट्स में घुस गया। उसकी चूत पहले से गीली थी। मैंने उंगलियां अंदर डालकर हिलानी शुरू कीं। रिया मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगी। “भैया… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है…”

फिर रिया ने मेरी पैंट उतारी और मेरा ७ इंच का खड़ा लंड हाथ में ले लिया। “इतना बड़ा है भैया…” कहकर वो उसे चूसने लगी। उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर नाच रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में धकेलने लगा।

कुछ देर बाद मैंने रिया को बेड पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं। उसकी छोटी-सी गुलाबी चूत चमक रही थी। मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डाला। “आह… भैया… दर्द हो रहा है…” रिया चीखी, लेकिन मैं रुका नहीं। पूरी तरह घुस जाने के बाद मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।

रिया अब दर्द भूलकर मजा ले रही थी। “हां भैया… और जोर से… फाड़ दो अपनी बहन की चूत…”

हम दोनों पसीने से तर थे। मैं उसे विभिन्न पोजीशन में चोद रहा था—मिशनरी, डॉगी, और फिर वो ऊपर आ गई। रिया मेरे लंड पर उछल रही थी, उसके स्तन हिल रहे थे।

आखिरकार मैं चिल्लाया, “रिया… मैं आने वाला हूँ…” “अंदर ही डाल दो भैया… मैं गोली खा रही हूँ।”

मैंने अपनी बहन की चूत के अंदर गर्म वीर्य उड़ेल दिया। रिया भी झड़ गई और मेरे सीने पर गिर पड़ी।

उस रात के बाद हमारी भाई-बहन वाली रिश्ता बदल गया। दिन में हम नॉर्मल भाई-बहन जैसे रहते, लेकिन रात को हम प्रेमी बन जाते। हम अक्सर शॉवर में, किचन में, बालकनी में सेक्स करते। रिया अब कहती है कि भाई का लंड ही सबसे अच्छा लगता है।

ये हमारी गुप्त खुशी है, जिसे हम कभी किसी से नहीं बताएंगे।