Hindi sambhog kahani

हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन
दो दिन पहले की बात है. संजना ने मुझे फोन किया और मिलने बुलाया। संजना और में कॉलेज के दोस्त
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
ससुर और बहू यह कहानी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव के एक परिवार की है। ननकू 45
मेरा नाम विकास है और मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में मेनेजर हूँ, बात उन दिनों की है जब मैं
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
जब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था. उसी बीच मैंने एक सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम दिया था। मैं उसका एग्जाम
भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की
दोस्त की बर्थडे पार्टी में सब नाच रहे थे. अचानक पिछेसे किसी लड़की ने आवाज लगायी …..  विवेक. में धीरेसे
सुबह का वक्त था मेने नाहा लिया और कॉलेज जाने के लिए निकल रहा था. अपनी बैग उठाई और सारी
रात के अँधेरे में मैंने लंड चूसा अपने पड़ोस के भैया का. वह मुझे चॉकलेट कैंडी लॉलीपॉप दिलाते थे. एक
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरा नाम ravi है। मैं 19 साल का हूं। मेरे परिवार में तीन लोग हैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और
मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी