Hindi chudai story

दोस्तो, मैं पंकज … आज आपके सामने जीवन की एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मैं एक कंपनी में
यह सेक्स स्टोरी मेरी और मेरी प्यारी भाभी की टाइट चूत की चुदाई के बारे में है।मेरी भाभी का नाम
सडक पर खड़े खड़े अपनी तीसरी सिगरेट के बट को नवीन ने खिंच खिंच के उसके आखरी धुंए को भी
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
मेरा नाम नंदिनी है. ये कथा कुछ दिनों पहले की है. में एक स्कल में टीचर हु. बड़े बच्चो को
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ और हमें अक्सर ट्रेनिंग्स और मीटिंग्स के लिए दुसरे शहरों में जाना
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
कैसे हो दोस्तों. आज की कहानी जो में सुनाने जानेवाला हु वो मेरे और मेरी बीवी के बारे में है.
यहाँ घर पे मेरी बेटी की शादी की बात चल रही थी. हमने उसकेलिये एक लड़का धुंध लिया था. १
जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
नम्रता और मेरे बिच हमेशा ही एक दोस्ती का नाता रहा है. शादी के बाद हमने अपने खुले विचारोंका पूरा
हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम अमन है और मै लखनऊ में रहता हु, शुरू से मुझे चुदाई की स्टोरी पढना पसंद
पार्ट २ के बाद से हर दिन ऑफिस में उसकी एक झलक भी मुझे पागल कर देती थी। वो जानबूझकर
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी
कुछ दिनों पहले की बात है. एक १२ मंजिला ईमारत में फ्लैट खरीदने गए थे. मेरे पति को फ्लैट बहोत
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की
हेलो दोस्तों में आज जो आपको अपनी घर की कहानी सुनाने जाने वाली हु वो पूरी तरह सत्य घटना पे
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
मेरा नाम पंकज है. में और मेरी गर्लफ्रेंड साक्षी दोनों मेट्रो से जा रहे थे. कुछ देर बाद मेने देखा