Ma ki gand chudai story भाभी की चुत चोदनेका अवसर मिला दोस्तों मेरा नाम ललित कौशल हैं और मैं हरीदापुर से हूँ। मेरे घर में मैं अपने मम्मी पापा और बड़े सुहागन की बढ़ती प्यास जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और भाभी की गोरी गांड मारी हाय, मेरा नाम प्रेम है और मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ, और जबलपुर में रहता हूँ। और जो कहानी मैं बीवी की अदला बदली मॉल में मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की मामू से चुद गई हेल्लो दोस्तों, ये मेरी जवानी की पहली कहानी है जिसमे मैं अपने बदन के मज़े ले रही थी लेकिन उसी सोते हुए भाई का खड़ा लंड देख लिया सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे पति के सामने गैर मर्द चोद रहा था मेरे पति की इच्छा थी कि मैं उनके सामने किसी गैर मर्द से चुदवाऊं, तो मैंने उनकी यह इच्छा पूरी लडकी बनने की चाहत दोस्तो, मेरा नाम है तो कुछ और लेकिन मैं खुद को उषा कहती हूँ. मैं एक 22 वर्षीय लडका हूँ शादीकेबाद पति निकला सेक्स पागल मेरी शादी को अभी १ साल होने आया है. लेकिन इन एक साल में मेरे पति ने जो मुझे पेला मौसी के लड़के ने मेरी गांड मारी बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि बीवी को मालिक से चुदवाके ५ लाख कम करवाए कुछ दिनों पहले की बात है. एक १२ मंजिला ईमारत में फ्लैट खरीदने गए थे. मेरे पति को फ्लैट बहोत बड़ी गांड से खिलवाड़ कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने लॉलीपॉप चूस के रसमलाई खाई रात के अँधेरे में मैंने लंड चूसा अपने पड़ोस के भैया का. वह मुझे चॉकलेट कैंडी लॉलीपॉप दिलाते थे. एक कल्पना दूसरे से चुदवाकर लेने लगी मजे “देखो कल्पना, मैं अब पचास का हो चला हूं। मेरे लिये अब औरत के जिस्म का कोई मतलब नहीं रह रुचिका और शुभम की सेक्स स्टोरी पार्ट 3 पार्ट २ के बाद से हर दिन ऑफिस में उसकी एक झलक भी मुझे पागल कर देती थी। वो जानबूझकर बेटी, दामाद और में डिवोर्स के बाद में अपनी बेटी को लेकर बड़े शहर चली आयी. जब डिवोर्स हुआ तब मेरी बेटी १२ साल भाभी की जवानी उफान पर में अपनी यूपीएसी की तैयारी कर रहा था. मेरा नाम युग है. परिवार के साथ हरियाणा में रहता हु. कुछ पति का काला सच सामने आया आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में आधी घरवालीके साथ रंगरलिया पत्नी कितनी ही खुबसूरत क्यूँ न हो, सालियों की जवानी पे जीजा का दिल आ ही जाता है. और जब चचेरे भाई के साथ रात गुजारी हाई फ्रेंड्स, मैं हूँ चुलबुली रेखा। आज में आपको अपनी लाइफ की सच्ची घटना बताने जा रही हूँ. मुझे उम्मीद