Antervasna family story

मैं शुरू से ही अपनी मौसी के पास रहता हूं, उन्हें मम्मी ही बोलता हूं. मम्मी की जवानी … उनका
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता
कुछ ही दिनों पहले की बात है. में अपने कंप्यूटर क्लास से ७ बजे घर आई. घर आके देखा तो
मेरा नाम विनोद है. में स्कूल में पड़ता हु. ये कहानी कुछ महीनो पहले की है. मेरी नजर हमेशासे मेरी
प्रीति के साथ मेरी दोस्ती कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के दौरान शुरू हुई. हम दोनों के बिच तब बाते होने
कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे हॉस्टल के फ्रेंड मनीष से मेरी फोन पे बात चल रही थी. मनीष
कुछ दिनों पहले की बात है. पड़ोस की आंटी दुपहर के करीब २ बजे छत पे आकर कपडे सुखाया करती
मेरी शादी को अब १ साल हो गया था. मेरी बीवी सलोनी काफी दिन से कह रही थी कही बहार
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
तो फ्रेंड्स बात है मेरी मौसी की लड़की है अदिति, उसकी शादी के टाइम की. मैं और मेरे मॉम-डैड वहाँ
दोस्तों, मैं इस साइट का काफी पुराना रीडर हूँ, इसलिए मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी शेयर करूं। मैंने
दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने
मेरा नाम सुनीता है. में २१ साल की हु. शहर से काफी दूर एक गांव में रहते है. मेरे पापा
हॉट गर्ल्स की कहानी में एक लड़की को कई दिनों से नया लंड नहीं मिला, तो वह बाज़ार जाकर नया
मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हंसिका है और मेरी उम्र 23 साल है. में कोलकाता कि रहने वाली हूँ और मेरा
“देखो कल्पना, मैं अब पचास का हो चला हूं। मेरे लिये अब औरत के जिस्म का कोई मतलब नहीं रह
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी