राहुल और प्रिया की शादी को तीन साल हो चुके थे। राहुल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, अच्छा कमाता था, लेकिन बेडरूम में वो हमेशा से थोड़ा कमजोर रहा। प्रिया खूबसूरत थी—गोरी, लंबे बाल, और एक आकर्षक बॉडी जिसे देखकर कोई भी पुरुष मुड़कर देख लेता। राहुल को ये बात पता थी, और अंदर ही अंदर उसे एक अजीब सा मज़ा आने लगा था जब दूसरे लोग उसकी पत्नी को ताड़ते थे।
एक दिन ऑफिस पार्टी में प्रिया ने एक नए जॉइन किए हुए मैनेजर विक्रम से काफी देर तक बात की। विक्रम लंबा, मसल्स वाला और बेहद कॉन्फिडेंट था। राहुल ने दूर से देखा कि विक्रम प्रिया की कमर पर हाथ रखकर हँस रहा था। उस रात घर लौटते हुए राहुल ने मजाक में कहा, “विक्रम को तुम बहुत पसंद आईं लगती हो।” प्रिया ने शरमाते हुए जवाब दिया, “तो? तुम्हें बुरा लगा क्या?” राहुल चुप रहा, लेकिन उसकी पैंट में हल्की सी उत्तेजना महसूस हुई।
धीरे-धीरे बात बढ़ती गई। राहुल ने प्रिया से खुलकर अपनी फैंटसी शेयर की—वो देखना चाहता था कि कोई और मर्द उसकी पत्नी को चोदे। प्रिया पहले तो चौंक गई, लेकिन फिर उसकी आँखों में भी एक शैतानी चमक आ गई। “अगर तुम सच में चाहते हो, तो मैं तैयार हूँ,” उसने कहा।
अगले हफ्ते विक्रम को घर पर डिनर के लिए बुलाया गया। खाने के बाद राहुल ने बहाना बनाकर कहा कि उसे थोड़ा काम है और वो स्टडी रूम में चला गया। लेकिन दरवाजा थोड़ा सा खुला छोड़ दिया। लिविंग रूम में विक्रम ने प्रिया को अपनी तरफ खींचा और जोरदार किस किया। प्रिया ने भी पूरा साथ दिया। विक्रम ने प्रिया की साड़ी की पल्लू नीचे सरका दी और उसके बड़े-बड़े स्तनों को मसलने लगा। प्रिया की साँसें तेज हो गईं।
राहुल छिपकर सब देख रहा था। उसका लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था, लेकिन वो छू भी नहीं रहा था। विक्रम ने प्रिया को सोफे पर लिटाया, उसकी साड़ी ऊपर उठाई और पैंटी उतार दी। प्रिया की चिकनी, गीली चूत देखकर विक्रम मुस्कुराया और अपना मोटा, लंबा लंड बाहर निकाला। प्रिया की आँखें फैल गईं। “इतना बड़ा…” वो फुसफुसाई।
विक्रम ने एक ही झटके में अपना लंड प्रिया की चूत में घुसा दिया। प्रिया जोर से चीख उठी—आधा दर्द, आधा मजा। विक्रम तेज-तेज धक्के मारने लगा। प्रिया की चीखें अब कराहनों में बदल चुकी थीं, “आह… हाँ… और जोर से… चोदो मुझे…!”
राहुल दरवाजे के पीछे खड़ा सब देख रहा था। उसकी पत्नी दूसरे मर्द के नीचे पड़ी चीख-चीखकर आनंद ले रही थी। विक्रम ने प्रिया को कई पोजिशन्स में चोदा—डॉगी स्टाइल में, फिर ऊपर बैठाकर। प्रिया कई बार झड़ चुकी थी। आखिर में विक्रम ने प्रिया के मुँह में अपना मोटा लोड छोड़ा। प्रिया ने बिना हिचकिचाए पूरा पिया।
जब विक्रम चला गया, प्रिया राहुल के पास आई। उसके बाल बिखरे हुए थे, होंठ सूजे हुए थे और चूत से अभी भी विक्रम का वीर्य टपक रहा था। उसने राहुल को चूमते हुए कहा, “देखा? तुम्हारी पत्नी कितनी रंडी बन सकती हूँ।”
राहुल का लंड अब भी खड़ा था। प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “अब तुम आओ… अपनी रंडी पत्नी की चूत साफ करो।” राहुल घुटनों के बल बैठ गया और अपनी पत्नी की चूत से दूसरे मर्द का वीर्य चाटने लगा। प्रिया उसके सिर को दबाते हुए बोली, “अच्छे लड़के… यही तो तुम चाहते थे ना?”
उस रात के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। प्रिया अब नियमित रूप से विक्रम और कभी-कभी उसके दोस्तों के साथ सेक्स करती। राहुल हर बार दरवाजे के पीछे या छिपकर देखता और बाद में प्रिया की “गंदी” चूत साफ करता। दोनों को इस नए रिश्ते में अजीब सा लेकिन गहरा संतोष मिलने लगा था।
प्रिया अब खुलकर कहती, “मैं तुम्हारी पत्नी हूँ, लेकिन मेरी चूत अब दूसरों की हो चुकी है।” और राहुल मुस्कुराकर जवाब देता, “बस यही तो चाहता था मैं।”

















