Antarvashna

अन्तर्वासना कथा पढ़ने का आनंद लेने के लिए ६९कर को फॉलो करे. हमारी वेबसाइट आपको नए सेक्स अनुभवों का आनंद देगी. कई कथा वाचकोणे अपनी राइ दी है जिसको हम अपनी नयी सेक्स कहानियो के माध्यम से आपके सामने ले आते है. आपको भी अगर किसी विषय पे सेक्स कहानी लिखनी है तो हमें जरूर लिखकर बताये। इन कहानोयो के लेखक विभिन्न है. कई अन्तर्वासना कहानिया सच्ची घटनाओ पे लिखी गयी है. तो इसका आनंद ले.

मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
मेरा नाम विकास है और मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में मेनेजर हूँ, बात उन दिनों की है जब मैं
लड़कियों की चूत और गांड को चोदने का मजा ही कुछ और है। मुझे लड़कियों के निप्पल को चूसना बेहद
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीरा है और यह मेरी पहली सेक्स घटना है और जिसमें मुझे मेरे छोटे भाई ने
दोस्तों मेरा नाम अविनाश हैं और मैं आज आप लोगों के लिए एक मस्त हिंदी सेक्स कहानी ले के आया
जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अदिति है और मेरी उम्र 26 साल है। आज मैं एक ऐसी कहानी सुना रही हूँ
सुभह जब में उठा, निचे काफी शोर गुल चल रहा था. उठकर आया आया और झांककर देखा तो मौसी और
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
मेरा नाम शंकर है. में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. हमारा घर रास्तेके किनारे एक दुकान के ऊपर के
कुछ ही दिनों पहले की बात है. में अपने कंप्यूटर क्लास से ७ बजे घर आई. घर आके देखा तो
दोस्त की बर्थडे पार्टी में सब नाच रहे थे. अचानक पिछेसे किसी लड़की ने आवाज लगायी …..  विवेक. में धीरेसे
दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम नताशा है और मेरी उम्र 21 साल है. में भोपाल की रहने वाली हूँ. इस अन्तर्वासना
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी.