Mom ki chut ki kahani पति ने दिल्ली ले जाकर अजनबी से चुदवाया मेरा नाम श्रुति है. में बिहार की रहने वाली हु. मेरे माता पिता दोनों भी अछि जॉब करते थे. पैसा पंजाबी भाभी को उठा उठाकर चोदा हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनीत है और में जालंधर पंजाब का रहने वाला हूँ। यह कहानी मेरे पड़ोस में रहने पति का काला सच सामने आया आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में चुत की आग को पडोसीने ठंडा किया हेलो दोस्तों, मैं Lena हूं, मैं आपको एक सेक्स कहानी सुनाने के लिए यहां आयी हूं, जिसका नाम है “मेरी नौकरी मिलनेकेलिए जवान लंड दिया बाँडेज पोर्न स्टोरी में आप सबका स्वागत है. मेरी कंपनी में नये ट्रेनीज़ का बैच आया. उसमें एक भोला सा पति ऑफिस जाते ही दोस्त को मिलने चली गयी सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक इंजीनियरिंग की पढाई में मिली दोस्त की रजाई मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ. गर्लफ्रेंड को मोबाइल की दुकान में पेला मेरा नाम राज कुमार है. प्यार से लोग मुझे राज कहते है. कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे चाचा दुबे ने मम्मी को घोड़ी बनाकर चोदा मेरी मम्मी का नाम हैं दीपिका और मेरी मम्मी बहुत ही चुदासी औरत है, वो अक्सर पराये मर्दों को घर किरायेदार भाभी को मालिश देकर चोदा हॉट भाभी डबल सेक्स का मजा दे गयी मुझे. वे मेरी किरायेदार थी. मैं उन्हें पटाने का यत्न कर रहा डिवोर्सी माँ ने की बेटे से चुदाई सुबह का वक्त था मेने नाहा लिया और कॉलेज जाने के लिए निकल रहा था. अपनी बैग उठाई और सारी भाभी की गोरी गांड मारी हाय, मेरा नाम प्रेम है और मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ, और जबलपुर में रहता हूँ। और जो कहानी मैं गांव के पंडित की रंगरलिया एक छोटे से गांव में मंदिर को सम्भालनेका काम गांव का एक पंडित किया करता था. गांव में ज्यादातर बुजुर्ग बहु की चुत और गांड ने आकर्षित किया ससुर को हेलो दोस्तों मैं आभा सिंह, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “ससुर जी अब्बू अम्मी को दूसरोंसे चुदवाते है मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की बीवी को आज खुलके चोदा हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा. बेटी, दामाद और में डिवोर्स के बाद में अपनी बेटी को लेकर बड़े शहर चली आयी. जब डिवोर्स हुआ तब मेरी बेटी १२ साल मौसी के साथ बस में सफर मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह लडकी बनने की चाहत दोस्तो, मेरा नाम है तो कुछ और लेकिन मैं खुद को उषा कहती हूँ. मैं एक 22 वर्षीय लडका हूँ बीवी को अपनी ही जिम में अजनबी लड़को से छुड़वाया नम्रता और मेरे बिच हमेशा ही एक दोस्ती का नाता रहा है. शादी के बाद हमने अपने खुले विचारोंका पूरा