Antervasna atory

दोस्तों ये जो कहानी में आपको सुनाने जा रहा हु ये मेरे जीवन का एक काला सच है जो मेने
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
कुछ दिनों पहले की बात है. सुभह का वक्त था. बड़े भैया काम से जल्दी घर से निकल गए थे.
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और
मेने घर में कैमरा लगा के रखा था ताके मुझे पता रहे के मेरे काम के जाने के बाद घर
मेरी माँ का नाम शशि है। हम कोयंबटूर में रहते हैं। वह 37 साल की हैं, लेकिन दिखने में उनसे
तो फ्रेंड्स बात है मेरी मौसी की लड़की है अदिति, उसकी शादी के टाइम की. मैं और मेरे मॉम-डैड वहाँ
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक
मैंने एक आंटी की मदद की उनका सामान उनके घर पहुंचाने में. उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया. उनके घर में
मेरा नाम दीपाली है मैं इंदौर की रहने वाली हूँ। मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये
मेरा नाम ravi है। मैं 19 साल का हूं। मेरे परिवार में तीन लोग हैं, मेरे पापा, मेरी मम्मी और
कैसे हो दोस्तों. मेरा नाम अदिति है. कुछी महीनो पहले मेरी शादी अशोक से हुई थी. अशोक एक गवर्नमेंट जॉब
मेरा नाम विनोद है. में स्कूल में पड़ता हु. ये कहानी कुछ महीनो पहले की है. मेरी नजर हमेशासे मेरी
हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
नैना आंटी के सिखाए गुर उनकी अपनी बेटी टीना पर आज़माने के बाद उसी परिवार की एक और चुदासी चूत
इकलौता लड़का होने के कारण मेरे घर के अमूमन हर काम का बोझ मेरे ही सर पर था और वैसे
आज मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ. ये मेरी पहली कहानी  ये कहानी होली के दिन की
मेरा नाम राज कुमार है. प्यार से लोग मुझे राज कहते है. कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे चाचा