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Aunty ki chudai khani

मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की
हेलो दोस्तों, आज जो में आपको कहानी बताने जाने वाला हु. ये हमारे जीवन की एक ऐसी सच्चाई है जो
शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल
जीवन में कई बार ऐसी कठिनायोसे गुजरना पड़ता है जहा आपको समज नहीं आता की आप किस रस्ते पे चलना
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो एक सच्ची घटना पे आधारित ये. पहले में आपको कथा में
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
भारिश की वजेसे आज सुभह बहोत ही अँधेरा था. में सुभह करीब ६ बजे उठ गयी थी. मुझे जल्दी उठाने
मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ.
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
शीतल दीदी के घर आज में रहने आयी थी. शीतल दीदी मेरी मौसी की बेटी है. दोनों पति पत्नी बड़े
मेरा नाम रश्मि है. मेने अपनी शादी घरवालों के पसंद के लड़के से की थी. मेरे पति इंजीनियर है. इसलिए
रितिका और में कुछ दिनों के लिए उसके मायके रहने आये थे. मेरी सास बड़ी हसमुख किसम की औरत है.
सुभह करीब ११ बजे में गौरव के घर गया. गौरव मेरा दोस्त है. मेरा नाम गोपाल है. में २० साल
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो सच्ची घटना पे आधारित है. मेरा नाम नीमा है. में एक
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे हॉस्टल के फ्रेंड मनीष से मेरी फोन पे बात चल रही थी. मनीष
मेरा नाम कमल है. में २८ साल का हु और मध्यप्रदेश में एक किराये के माकन में रहता हु. पुराणी
मेरा नाम ईशान है. २२ साल का हु. आज दुपहर को पापा के दोस्त ने उन्हें ऑफिस में दो अरिजीत