सुभह करीब ११ बजे में गौरव के घर गया. गौरव मेरा दोस्त है. मेरा नाम गोपाल है. में २० साल का हु. गौरव के घर पोहचा तो देखा के घरपर कोई मेहमान आये थे.
गौरव की माँ ने मुझे अंदर बुलाया और बताया के वे सामने बैठे हुए गौरव के मामा जी है. उनका नाम सुभोद था. उर्म ३० – ३५ के बिच थी.
मेने मामा जी को नमस्कार किया और उनके पैर छूने निचे झुका तो मामा जी ने मुझे गले ही लगा लिया। मुझे अपने बारे में पूछने लगे. मेने सब बता दिया। वो बड़े खुशमिजाज़ इंसान लग रहे थे. चेहरे पे हसी, और आँखे मुझे प्यार से देख रही थी.
गौरव की माँ ने मुझे भी चाय नास्ता दिया। मेने नास्ता किया और में गौरव के साथ बाहर निकल रहा था. तो मामा जी ने हमसे पूछा कहा जा रहे हो. तो हमने कहा यही टहलने।
तो मामा जी बोले मुझे भी मार्किट जाना था, कुछ कपडे लेने थे. चलो में भी आता हु. हमने कहा ठीक है
हम मामा जी को मार्किट ले आये. आज छुट्टी थी तो मार्केट में काफी भीड़ थी. कुछ दूर अंदर मार्किट के आने के बाद भीड़ और बढ़ गयी. आगे सकरा रास्ता था. और उसी बिच ऑटो भी फस गयी थी. तो लोग किसी तरह रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ रहे थे.
हम भी उसी भीड़ में फस गए. आगे गौरव चल रहा था. में उसके पीछे और मामा जी मेरे पीछे।
अब तक तो सब ठीक चल रहा था. लेकिन कुछ देर बाद मामा जी ने मेरे कंधे पे दोनों हात रखे और मुझे चिपक के चलने लगे.
मेरी पीठ को पूरा चिपक गए थे. धीरे धीरे हम आगे बढ़ने लगे.
पीछे मामा जी बार बार मेरे शरीर को छू रहे थे. मुझे लगा के इतनी भी भीड़ नहीं है के इतना छूकर खड़ा रहना पड़े. लेकिन फिर भी मामा जी चिपक के चल रहे थे.
कुछ देर आगे चलने के बाद हमें रुकना पड़ा. भीड़ आगे ही नहीं जा रही थी.
उसी पल मुझे अपनी गांड पे कुछ छूने लगा. मेने पतले कपडे की ट्रैक पैंट पहनी थी. और ऊपर टीशर्ट।
मामा जी मुझे चिपक के खड़े थे और गांड पे कुछ घिस रहे थे. कुछ देर बाद वो चीज और भी बड़ी हो गयी. तभी मुझे लगा के ये तो मामा जी का लंड लग रहा है.
मामा जी ने भीड़ का सहारा लेकर मेरी गांड पे अपना खड़ा लंड दबाये रखा. और धीरे धीरे हिलते हुए मेरी गांड पे अपना लंड घिसने लगे. भीड़ में फसे होने के वजसे में कुछ कर भी नहीं पा रहा था. मुझे ऐसे ही खड़े रहने पड़ा. आगे गौरव को भी क्या बताता। तो मेने चुप रहना ही सही समजा।
लेकिन मेरे चुप रहने की सजा भी मुझे अगले पल मिली।
थोड़ी देर बाद, मामा जी ने मेरे कंधे पे रखा हात निचे लिया और मेरी कमर के ऊपर ले आये. मेरी कमर से होते हुए दोनों हात आगे की और ले आये और मुझे कसकर पकड़ लिया। आह्ह्ह्ह। … उम्म्म
कसकर भीड़ में पकड़े, मामा जी ने मेरी गांड पे अपना लंड दबा दिया। में समज ही नहीं पाया के ये क्या हो रहा है मेरे सात. मन में आ रहा था के मामा जी का हात छुड़वा दू, लेकिन मां जी का लंड जब गांड पे चूब रहा था, वो महसूस करके भी अच्छा लग रहा था. अह्ह्ह्ह। मामा धीरे धीरे चलते हुए, मेरी गांड पे अपना लंड मारे जा रहे थे. आह्हः अहह उम्मम्मम्म
जब तक हम उस सकरे रास्ते से आगे ना बड़े, मामा जी ने मुझे ऐसे ही पकड़े रखा था. अपने खड़े लंड को मेरी गांड में दबाये रखे थे.
फिर आगे जब जगा खुली। मामा जी मेरे बगल में चलने लगे. भीड़ अभी भी थी लेकिन चल पा रहे थे.
उसी वक्त चलते हुए मेने जब मामा जी के लंड की तरफ देखा तो आगे की तरफ उठाव साफ़ दिख रहा था.
फिर हम एक दुकान में गए, मामा जी ने वहा से अपने लिए कपडे लिए.
कपडे लेकर उन्होंने मुझे और गौरव को रेस्टुरेंट में ले जाकर खाना खिलाया। पुरे वक्त मामा जी मुजसे ही बाते कर रहे थे. मेरी तरफ ही देख रहे थे.
खाना खाकर हम घर की और निकले। जाते हुए मामा जी ने कहा की शाम को घर आना. तुम्हारे तुम दोनों के लिए भी कुछ खरीद लेंगे। मेने हां कहकर वहा से निकल पड़ा.
अब शाम को मिलना ही था. तो घर आकर थोड़ी देर सो गया.
शाम को करीब ७ बजे नहा धोकर, गौरव के घर पोहचा।
दरवाजे पे ताला लगा था. मुझे लगा कही बाहर गए होंगे इसलिए में वहा से निकलने वाला था के तभी ऊपर से मामा जी ने मुझे आवाज लगायी।
में पीछे के रास्ते से ऊपर चला गया.
वो मुझे देखकर तुरंत उठे और कहने लगे, में तुम्हारी ही राह देख रहा था. ऐसे कहते हुए उन्होंने पहले जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।
मेने मामा जी को पूछा के गौरव और सभी कहा है.
तो बोले, वो सभी मौसी के घर गए है. कल सुभह आएंगे।
में सोच में पड़ गया. तभी मामा जी आकर सामने की खुसी पे बैठे और कहने लगे यहाँ आयो गोपाल।
में नजदीक गया. तो मेरा हात पकड़के कहने लगे, गोपाल में तुम्हारे लिए कपडे लेने जाने वाला हु, मुझे तुम्हारा माप ठीक से जानना था.
महंगे कपडे में देख कर आया हु. और ऐसे कहते हुए मेरी टीशर्ट के अंदर हात डालकर देखने लगे. टीशर्ट ऊपर उठने लगी.
मुझे समज नहीं आ रहा था के मामा जी क्या कर रहे है. टीशर्ट ऊपरी ऊपर उठाकर निकाल ही दी. फिर मेरी छाती पे अपने हात घूमने लगे और कहने लगे के एक बार माप ठीक से पता चल जाये तो दुकान वाले को फोन करके भिजवाने को कह दू.
ऐसे कहते हुए मेरी छाती को दबाने लगे. अपने हात मेरी छाती पे रगड़ते हुए जैसे ही मामा जी ने मेरे निप्पल को ऊँगली में पकड़ के दबाया मेरी चीख निकल गयी. आअह्ह्ह आह्हः मामा जी आअह्ह्ह्हह।।।। दोनों निप्पल को दबाके क्या देख रहे थे मुझे समज ही नहीं आ रहा था. आअह्हह्ह्ह्ह
फिर मुझे और करीब लेकर मेरे पेट पे अपना मुँह रगड़ने लगे. मुझे कमर से पकड़कर अपने मुँह को मेरे शरीर पर रगड़ने लगे.
ऐसे करते हुए अचानक उठकर खड़े हुए. अपना पहना हुआ कुरता उन्होंने निकाला और मुझे कसकर गले लगा लिया और कहने लगे, तुम तो बहोत ही गरम हो चुके हो.
सचमे उस वक्त मेरा शरीर तपने लगा था. मुझे कसकर गले लगाकर मेरी नंगी पीठ पे अपने हात घुमाने लगे. ऐसे करते हुए उनका मुँह मेरे मुँह के करीब आया और मामा जी मेरी गर्दन को चूमने लगे. आआह्ह्ह्ह अहह. मेरे मुँह से आह की आवाज निकलने लगी. कुछ अजीब ही लग रहा था लेकिन मजा आने लगा.
मामा जी मेरी दायी और से गर्दन को चूमते हुए बाई और गए और फिर गालो को चूमते हुए मेरी आखो में देखने लगे. मुझे देखते हुए उन्होंने जैसे ही अपने होठ मेरे होठो पे लगाए, मेरे शरीर मि बिजली दौड़ने लगी. मामा जी ने मेरे होठो को चुम लिया। और ऐसे पागलो की तरह चूमने लगे के उनकी जबान मेरे मुँह में डालने लगे. उम्म्म्म उम्म्म्म उम्मम्मम अह्ह्ह्हह
जबान को जबान लड़ रही थी. आअह्ह्ह्ह अहह… मेरा पूरा शरीर कापने लगा. आह्ह्ह्हह्ह
चूमते हुए कसकर पकडे रखा था. तो मेरे भी हात मामा जी के पीठ पे रगड़ने लगे. काफी देर होठो को चूमने के बाद मामा जी पीछे हटे.
मेरी पहनी हुई ट्रैक पैंट को निचे उतार दिया। अब में सिर्फ अंडरवेर पे खड़ा था.
मामा जी ने मुझे वही खुर्सी पे बिठाया। मेरे सामने खड़े हुए, अपना पजामा खोलने लगे. में चौक गया. अब क्या होने वाला है.
मामा जी ने पूरा पजामा उतार दिया। सामने जब मेने मामा जी की अंडरवेर देखि, मेने देखा मामा जी का लंड काफी बड़ा हो गया है.
में देखकर ही डर गया. मामा जी ने मेरे सामने अपना पजामा उतार दिया। और जैसे ही वो मेरे मुँह के सामने आये, में थोड़ा पीछे हटा.
मुझे डर लग रहा था. इसके पहले के मेरा मन बदले, मां जी ने अपनी अंडरवेर उतार दी, और मुझे अपना लंबासा लंड दिखा दिया।
आह्ह्ह्हह। बहोत ही लम्बा लंड था. इतना लंबा लंड मेने कभी नहीं देखा था. पहली बार किसी आदमी का लंड देख रहा था.
लंड के निचे लटके हुए दो गोटे भी बहोत बड़े थे. मामा ने जबरदस्ती मेरे मुँह को पकड़ा और मेरे मुँह में अपना लंड दबा दिया. आअह्ह्ह आह्हः। आह
पूरा लंड तो में मुँह में ले नहीं पा रहा था. तो धीरे धीरे अपनी जबान लंड पे घिसते हुए चाटने लगा. आअह्ह्ह उम्म्म्म अम्म्म।। आगे से गुलाबी भाग निकल के सामने आया, तो मेने उसपे अपनी जबान टिकाई और चाटने लगा. अह्ह्ह्ह। मामा जी मुँह से आवाज करने लगे. आह्हः अह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म
में जोर जोर से मामा जी के लंड को मुठी में जकड़े हिलाने लगा अहह अहह हह। …….में लंड चूस ही रहा था के अचानक मामा जी ने मेरा सर कसकर दोनों हातो से पकड़ा, और मेरे मुँह के अंदर लंड को जोर जोर से मारने लगे अह्ह्ह्ह अहहहहह अहहह अहह
इतना बड़ा लंड मेरे मुँह में अंदर दबने लगा. आअह्ह्ह अहहह अह्ह्ह।।। मामा जी ने इतनी जोर से
अचानक
मुझे हात पकड़के सामने रखे पलंग पे ले गए. मुझे कहा ऊपर सो जायो। में वो जैसे कह रहे थे वैसे किये जा रहा था.
में पलंग पे लेटा तो मेरे ऊपर मामा जी सो गए. ऊपर सोकर मुझे चूमने लगे. मेरे होठो को चूमते हुए, गालो को काटते हुए गर्दन पे चूमने लगे. आह्ह्ह्ह आह्हः अहा.. उम्मम्मम अम्म्म।।।।
मामा जी का बदन मेरे बदन को छू रहा था. आअह्ह्ह्ह।।। चूमते हुए निचे जाने लगे. मेरी छाती पे चूमते हुए मेरे निप्पल को मुँह में लेकर चबाने लगे. आह्हः अहहह यह… चूस रहे थे. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह हह… जबान निप्पल पे घिसने लगे. आअह्ह्ह्ह अहहह अहहह।।। में तड़प रहा था. आह्ह्ह्हह
फिर निचे पेट पे चूमते हुए मेरी नाभि को चाटने लगे. आअह्ह्ह। गुदगुदी होने लगी. आह्ह्ह्हह
निचे निचे जैसे जा रहे थे, मेरे शरीर में अजीबसी झनझनाहट होने लगी. आअह्ह्ह्ह।।।
मेरे पैरो के पास गए, और मेरी जांग को चूमने लगे. दोनों जांग पे अपने हैट फैराते हुए चूमने लगे. अह्ह्ह्हह अह्ह्ह। अंडरवेर में मेरा लंड मचल रहा था. आअह्ह्ह्हह
मामा जी ने मेरी अंडरवेर दोनों हातो से पकड़ी और धीरेसे निचे खींच दी. अंडरवेर निकली तो मुझे शर्म आने लगी. मेने आँखे बंद कर दी. मां जी सिसकती हुई आवाज करते हुए मेरी जांग हात घुमा रहे थे. आह्हः।
अचानक मामा जी ने मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगे. आअह्ह्ह्हह अहाः। मां जी के मुँह में लंड जाते ही में पागल ही हो उठा. मेरा आंग ऐठ गया. आअह्ह्ह्ह अहहह। बदन में बिजली दौड़ने लगी मां जी जोर जोर से लंड हिलाते हुए चूस रहे थे. आअह्ह्ह अहह उम्मम्ममा आअह्ह्ह्हह।
उनकी हवस देख में डर गया था. जोर जोर से मेरे लंड को हिलाते, फिर मुँह में लेकर जबान से चाटते। फिर लंड को खींचकर ऊपर करते और मेरी गोटियों को चाटते। मुहं में गोटियों को लेकर खींच रहे थे. आअह्ह्ह अहहह।। आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह
पूरा लंड चूसने के बाद. मामा जी ने मुझे पलट के सुला दिया।
जैसे ही में पलटा, मां जी ने मेरी गांड के बिच अपना मुँह डाला। आहहहहह। . मामा जी मेरी गांड को चूमने लगे. आअह्ह्ह आह्हः यह… उनकी जबान मेरी गांड पे घूमती मुझे महसूस होने लगी. आअह्ह्ह्हह
में अपना मुँह तकिये पे दबाये अपनी आवाज को दबाये जा रहा था. उतने में मामा ने मेरी गांड दोनों हातो से फैलाई, और मेरी गांड के गड्ढे में अपनी जबान डालकर चाटने लगे. आह्ह्ह्ह आह्हः अहह मामा जी अह्ह्ह्हह।।। जबान को अंदर दबाये जा रहे थे. और चाट रहे थे. आह्ह्ह्ह अहह अहह……
चाटते हुए मामा जी ने एक ऊँगली मेरी गांड में डाली और रगड़ने लगे. आअह्ह्ह्ह ह.. ऊँगली ऊपरी अंदर तक डालकर घिस रहे थे. आह्ह्ह्ह अहहह अहहह। पहली बार गांड में कुछ डाला था. बहोत मजा आने लगा. आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह।।। जोर जोर से गांड में ऊँगली घिसने लगे. जबान से चाटने लगे. आह्ह्ह्ह
काफी देर तक मेरी गांड चाटने के बाद, मामा जी ने अपने हात मेरी गांड से हटाए। मुझे कहा घोड़ी बन जायो। मुझे समज नहीं आया मतलब कैसे, तो उन्होंने ही मेरी कमर को कसकर पकड़े ऊपर उठाया।
में घोड़ी बन गया. पीछे से मामा जी ने अपना लंड मेरी गांड पे टिकाया। लंड की नोक मेरी गांड के गड्ढे पे रगड़ने लगी. में डर गया. इतना बड़ा लंड गांड में कैसे जायेगा।
लेकिन मामा जी अब मुझे छोड़ने नहीं वाले थे. उन्होंने धीरेसे अपना लंड गांड में दबाया। धीरे धीरे लंड अंदर जाने लगा. आअह्ह्ह अहहह अहह उम्म्म कुछ ही पल में आधा लंड मेरी गांड में था.
मेरी सास फूल रही थी. गांड में इतना बड़ा लंड पहली बार में ले रहा था. आअह्ह्ह अहह. मां जी ने मेरी कमर पकड़ी, और धक्के देते हुए उन्होंने मेरी गांड मारना सुरु किया। अह्ह्ह अहह अहह.. .उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आअह्हह्ह्ह्ह
धक्के से साथ धीरे धीरे लंड और अंदर जाने लगा. आअह्ह्ह अहहहह अहह. मामा जी ने जैसे देखा के लंड अब आसानी से अंदर जा रहा है. तो जोर का धक्का देते हुए पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया आह्ह्ह्हह्ह में चिल्लाया। आअह्ह्ह्ह मामा जी…. आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़
मुझे पता नहीं था मेरी गांड इतनी बड़ी है. पूरा लंड गांड में चला गया था. आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्मम्मम्म
मामा जी जोर जोर से मेरी गांड मरने लगे. आह्ह्ह्ह आह्हः उम्म्म्म आह्ह्ह्हह बहोत मजा आ रहा था. आह्हः अहह उम्मम्मम उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह
काफी देर गांड मरने के बाद मामा जी ने झटकेसे लंड को मेरी गांड से बाहर खींचा। मुझे पलट के अपने लंड सामने बिठा दिया। और मुझे चूसने के लिए कह रहे थे.
मेने लंड की तरफ देखा तो लंड पूरा गिला हो चूका था. में हिचकिचा रहा था. आगे नहीं आ रहा था. तो मामा जी ने जबरदस्ती मेरा मुँह पकड़के मेरे मुँह में अपना लंड डाला और मेरा सर पकड़कर मेरे मुँह में लंड को दबाये रखा…..
कुछ ही पल में मामा जी के लंड से गरम पानी की बौछार मेरे मुँह में उड़ने लगी. आअह्ह्ह्ह। … लंड इतना अंदर दबाये रखा था के पानी सीधा मेरे गले में गिरने लगा. आह्ह्ह्ह।।।। उम्मम्मम्म।।।।।।
इतनी जोर से पानी निकल रहा था के मेरा मुँह पूरा भर गया. आह्ह्ह्ह उम्मम्मम उम्म्म।।।। में सारा पानी पि गया. मामा जी भी सिसक रहे थे. आअह्ह्ह अहह उम्मम्मम
जब मुँह से लंड बाहर निकला, तो मामा जी ने मुझे चाट कर उसे साफ़ करने कहा. मेने जबान से पूरा लंड साफ़ किया।
और थके हुए बदन से पीछे बेड पे सो गया. में सो ही रहा था. आँख बंद राखी थी, तभी मन जी ने मेरे लंड को पकड़ा और हिलने लगे. हिलाते हुए उन्होंने लंड को दोबारा मुँह में लिया और चूसने लगी. आअह्ह्ह्हह।। उनकी जबान मेरे लंड के गुलाबी भाग पे घिसने लगी. आह्हः अहहह अहहह
में ज्यादा देर तक अपने आप को संभाल नहीं पाया और मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया। मां जी ने जोर जोर से लंड को हिलाते हुए पूरा पानी निकाल दिया। सारा पानी लंड के आस पास फ़ैल गया. अह्ह्ह्ह अहहहहह अहहहहह।।।। पानी निकलते समय ऐसे लग रहा था मानो में स्वर्ग में पोहच गया हु. आह्ह्ह्ह अहहह
मामा जी ने मेरा भी पानी निकालने के बाद, वो मेरे बगल में चद्दर लेकर सो गए. मुझे अपने पास लेकर कसकर जकड के हम नंगे ही सो गए.
सुभह जब उठा तो मामा जी का लंड मेरी गांड में ही था.
आगे की कहानी पढ़ना चाहते हो तो जरूर कमेंट में बताना। जल्द ही मुलाकात होगी।
