BDSM Sex Stories

यहाँ आपको बीडीएसम कहानिया पढ़ने मिलेंगी. इन कहींयो का वर्णन इस प्रकार किया गया है के पढ़ते समय आपका शरीर बीडीएसम करने के लिए उत्तेजित हो उठेगा. कथाओं का आनंद लेने के लिए पूरी कहानिया पढ़े. कई कहानिया एक से ज्यादा भागो में लिखी गयी है. उनको पूरा पढ़े और सेक्स कहिनियो का आनंद ले. आपकी प्रतिकिर्या कहींयो को लेकर हम सुनना पसंद करेंगे तो कृपया कमेंट में अपने विचार हमें जरूर बताये

मेरी कहानी कुछ ऐसी है‌ कि बाकी कहानियों की तरह मेरी कहानी में कोई डायलॉग्स नहीं है। हम मां-बेटे के
सतीश के साथ काफी दिनों से व्हाट्सप्प पे बात चल रही थी. कॉलेज के वक्त उसने मुझे पटा लिया था.
मेरा नाम मीत (बदला हुआ नाम) है. मेरी उम्र 30 साल है और मैं अविवाहित हूँ.मैं पंजाब में रहता हूँ.
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
प्रीति के साथ मेरी दोस्ती कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के दौरान शुरू हुई. हम दोनों के बिच तब बाते होने
दोस्तों आज में जो कहानी सुनाने जा रहा हु उसका नाम हे “मकान मालकिन को चोदा और उसकी हवस मिटाई”
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक
मेरा नाम गीता है. में अभी ११ वि में हु. कुछ ही दिन पहले मेरा रिजल्ट आया और में पास
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
एक छोटे से गांव में मंदिर को सम्भालनेका काम गांव का एक पंडित किया करता था. गांव में ज्यादातर बुजुर्ग
मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ.
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी
कैसे हो दोस्तों. आज की कहानी जो में सुनाने जानेवाला हु वो मेरे और मेरी बीवी के बारे में है.
हेलों मेरे प्यारे सेक्स रीडर, आज हम आपको एक एसी रियल सेक्स स्टोरी बताने वाले हैं। जिसमें एक हसबैंड ने
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
न्यूड लेडी वांट हॉट फक … मुझे भी ऐसी ही किसी चूत वाली की तलाश थी. मेरे ड्राईवर ने मुझे
बच्चो, ये मेरी यादगार sexi kahani है। मुझे अपनी आधी उम्र की एक नयी माँ का स्तनपान करने का सुअवसर
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज
हाय दोस्तों, ये कहानी मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा है जो मैं कभी किसी को बताना नहीं चाहता था, लेकिन