Sasur Bahu Chudai Kahani

कुछ दिनों पहले की बात है. ऑफिस में दिवाली का त्यौहार मनाया जाना था. सारे लोगो को हॉल में बुलाया
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
मेरा नाम कविता है. मेरा २२ साल का एक बेटा है. कुछ दिनों पहले मेरे पति ने ऑफिस से घर
मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ.
मेरा नाम विकास है और मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में मेनेजर हूँ, बात उन दिनों की है जब मैं
दोस्तों, मैं इस साइट का काफी पुराना रीडर हूँ, इसलिए मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी शेयर करूं। मैंने
मेरा नाम अखिलेश है. में एक कंपनी का मालिक हु. वैसे कंपनी कोई बड़ी नहीं लेकिन मुझे एक सेक्रेटरी की
ऑफिस गर्ल सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैं office के काम से बंगलूरु गया तो मेरी मुलाक़ात एक पुरानी सहयोगी
मुंबई की एक बड़ी कंपनी में में सिक्योरिटी गॉर्ड की जगह लगा हु. मेरा नाम सुरेंद्र है. उम्र २४ साल
निकुंज मेरे पति है. उनके चाचा कुछ ही दिन पहले शहर से गांव आये थे. उनका घर हमारे घर से
जीवन में कई बार ऐसी कठिनायोसे गुजरना पड़ता है जहा आपको समज नहीं आता की आप किस रस्ते पे चलना
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
सुबह का वक्त था मेने नाहा लिया और कॉलेज जाने के लिए निकल रहा था. अपनी बैग उठाई और सारी
मेरा नाम रानी है, उम्र 25 साल, और मैं एक ऐसी देसी भाभी हूँ जिसके हुस्न की चर्चा पूरे गाँव
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
शामको में जिम से आया, लिफ्ट के लिए रुका था, तभी हमारे बिल्डिंग के ७वी मंजिल पे रहने वाले अंकल
सर्दी का मौसम कई बार बहुत खास हो जाता है। जब आपको कुछ ऐसी चीजें सामने आ जाते हैं जो