Bhatiji ki chut chudai

मेरा नाम सुनीता है. मेरी शादी को करीब ३ साल हो गए है लेकिन अभी तक मेरा पति मुझे बच्चा
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
दोस्तो, मेरा नाम है तो कुछ और लेकिन मैं खुद को उषा कहती हूँ. मैं एक 22 वर्षीय लडका हूँ
ये माँ-बेटे की सेक्स कहानी मेरी अपनी कहानी है. अपने सौतेले बेटे के साथ सेक्स करने के बाद मैं गर्भवती
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा
मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
मेरा नाम सुनीता है. में २१ साल की हु. शहर से काफी दूर एक गांव में रहते है. मेरे पापा
सुभह का वक्त था. पापा अपने काम पे निकल गए. मेने माँ को कहा के में अपने सहेली स्नेहल के
हम एक गांव में रहते हे. गांव में हमारी बड़ी कोठी है. वैसे गांव में ज्यादा लोग नहीं है. बहोतसे
जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
सुबह का वक्त था में घर से क्रिकेट मैच खेलने चला गया था. जब १० बजे के आस पास घर
मेरा नाम शुभम हे और मे अहिल्यानगर मे रहता हुं अगर किसी लडकी को या औरत को सेक्स चॅटिंग करणी
बाँडेज पोर्न स्टोरी में आप सबका स्वागत है. मेरी कंपनी में नये ट्रेनीज़ का बैच आया. उसमें एक भोला सा
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी