Raj sharma hindi

मेरी मम्मी का नाम हैं दीपिका और मेरी मम्मी बहुत ही चुदासी औरत है, वो अक्सर पराये मर्दों को घर
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम. किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी.
मेरा नाम शंकर है. में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु. हमारा घर रास्तेके किनारे एक दुकान के ऊपर के
आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ। मेरा नाम कविता है और मेरी शादी हुए मात्र छह महीने हुए
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
रात के अँधेरे में मैंने लंड चूसा अपने पड़ोस के भैया का. वह मुझे चॉकलेट कैंडी लॉलीपॉप दिलाते थे. एक
सुभह का वक्त था. पापा अपने काम पे निकल गए. मेने माँ को कहा के में अपने सहेली स्नेहल के
मेरी ही सहमती से, मेरे दोस्तों ने मेरी मम्मी को सेड्युस करने और घनघोर चुदाई करने का प्लान बनाया. पर
मेरा नाम दीपाली है मैं इंदौर की रहने वाली हूँ। मैं आपको अपनी सेक्स कहानी सुनाने जा रही हूँ। ये
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर
कैसे हो दोस्तों. आज की कहानी जो में सुनाने जानेवाला हु वो मेरे और मेरी बीवी के बारे में है.
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
हाई फ्रेंड, मेरा परिचय तो आप जानते ही हैं. मैं आपकी संस्कृति हूँ. अन्तर्वासना पर मेरी पिछली दो कहानियाँअजीब दास्ताँ
हेलो दोस्तों मैं आपका प्यारा रवि. आप सभी के कमैंट्स और मेल के लिए थैंक्स. आप सभी ने मेरी पिछली
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनीत है और में जालंधर पंजाब का रहने वाला हूँ। यह कहानी मेरे पड़ोस में रहने
दोस्तों आज में जो कहानी सुनाने जा रहा हु उसका नाम हे “मकान मालकिन को चोदा और उसकी हवस मिटाई”
दोस्त की बर्थडे पार्टी में सब नाच रहे थे. अचानक पिछेसे किसी लड़की ने आवाज लगायी …..  विवेक. में धीरेसे
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने

राज शर्मा हिन्दी

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप राज शर्मा की पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानियां बिना किसी रोक-टोक या सेंसरशिप के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष और जिंदगी के हर कड़वे सच के साथ पढ़ सकते हैं। राज शर्मा की हिन्दी दास्तां कोई साधारण प्रेरणादायक कथा नहीं है। यह एक आम गांव के लड़के की वो कहानी है जो सपनों को हकीकत बनाने के लिए दिल्ली की क्रूर दुनिया से टकराया। बचपन में पिता की मौत का सदमा, मां के आंसू और खेतों में मजदूरी करते हुए राज ने कभी हार नहीं मानी। स्कूल के बाद भी काम करता, रात को किताबों में डूबकर बड़े-बड़े सपने देखता।

बीस साल की उम्र में दिल्ली पहुंचा तो जेब में सिर्फ कुछ सौ रुपये थे। स्टेशन की बेंच पर पहली रात काटी। सुबह चाय की दुकान पर काम शुरू किया, फिर होटल में वेटर, छोटी कंपनी में क्लर्क। लेकिन राज में कुछ खास था। वह चुपचाप सीखता गया, रातों को कंप्यूटर पर हाथ आजमाता, स्किल्स बढ़ाता। एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिली लेकिन बॉस की लालची नजरें और ऑफिस की गंदी राजनीति ने उसे तोड़ने की कोशिश की। राज ने सब झेला और जब ब्लैकमेल हुआ तो उसने सब एक्सपोज कर दिया। नौकरी गई लेकिन इज्जत बची।

फिर शुरू हुई असली जंग। अपना स्टार्टअप शुरू किया। पुरानी लैपटॉप, छोटी टीम और अनगिनत बिना सोए रातें। पैसे की तंगी में कई बार मौत के कगार पर पहुंचा। दोस्तों ने धोखा दिया, गर्लफ्रेंड प्रिया ने छोड़ दिया। राज टूटा, शराब पी, सिगरेट फूंकी, बारों में रातें बिताईं और जिंदगी की हर गंदगी को चखा। लेकिन हर गिरावट के बाद वह और मजबूत उठा। एक दिन मेहनत रंग लाई। बड़ा इन्वेस्टर मिला और कंपनी चल निकली। राज शर्मा अब शहर का जाना-माना बिजनेसमैन बन चुका था। महंगी गाड़ियां, बड़ा बंगला, लेकिन अंदर खालीपन।

फिर पुरानी पड़ोसन सीमा वापस आई। दोनों ने बिना औपचारिकता के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में जुनून था, लड़ाइयां थीं और समझ थी। सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। प्रतिद्वंद्वियों ने फंसाया, पुलिस केस लगे, मीडिया ट्रायल हुआ। राज ने गंदा खेल खेला और कहा, “जिंदगी गंदी है तो मैं भी गंदा बनकर लड़ूंगा।” आखिरकार वह जीत गया। आज राज शर्मा करोड़पति है लेकिन गांव जाता है, गरीब बच्चों को मदद करता है और कहता है – सपने देखो लेकिन हर कीमत चुकाने को तैयार रहो।

राज शर्मा की ये हिन्दी कहानियां टूटने, गिरने, गंदा होने और फिर खड़े होने की सच्ची दास्तां हैं। यहां आप इस पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानी को विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर धोखा, हर रात की अकेलापन, हर सफलता का जश्न और हर सबक। इसमें कोई झूठा नायक नहीं, सिर्फ एक इंसान है जो लड़ता रहा।

अगर आपको राज शर्मा जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली हिन्दी कहानियां पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। राज शर्मा की तरह कभी हार मत मानिए। जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन हो, लड़ाई जारी रखनी चाहिए।