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Raj sharma hindi

सुभह का वक्त था. में कमरे में सोया था. बाहर से माँ ने आवाज दी, मोहन तुम्हारा दोस्त किशन आया
मेरा नाम कविता है. में कॉलेज में पढ़ती हु. में बहोत दिनों से इसी बात पे ध्यान दे रही थी
मेरा नाम विपिन है. में २४ साल का हु. आज जो में कहानी आपको बताने जा रहा हु वो मेरी,
मेरा नाम अखिलेश है. में एक कंपनी का मालिक हु. वैसे कंपनी कोई बड़ी नहीं लेकिन मुझे एक सेक्रेटरी की
मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
हेलो , आज जो बड़ा लण्ड और प्यासी चूत की कहानी बताने जा रहा हू वो मेरी प्यासी चूत की
हेलो दोस्तों में आज जो आपको अपनी घर की कहानी सुनाने जाने वाली हु वो पूरी तरह सत्य घटना पे
मेरा नाम कविता है. मेरा २२ साल का एक बेटा है. कुछ दिनों पहले मेरे पति ने ऑफिस से घर
मेरा नाम सुधीर है. में २६ साल का हु. एक बड़ी कंपनी में मैनेजर की जॉब करता हु. आज जो
कुछ दिनों पहले की बात है. ऑफिस में दिवाली का त्यौहार मनाया जाना था. सारे लोगो को हॉल में बुलाया
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
२० साल का हो गया हु. जब से लंड खड़ा हो गया है, रातको हिलाये बिना नींद ही नहीं आती.
हेलो दोस्तों, आज जो में आपको कहानी बताने जाने वाला हु. ये हमारे जीवन की एक ऐसी सच्चाई है जो
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
मेरा नाम रेनू है. मेरे पति नीरज काफी दिनों से हम बाते कर रहे थे की एक बार बीवियों की
सुभह करीब ११ बजे में गौरव के घर गया. गौरव मेरा दोस्त है. मेरा नाम गोपाल है. में २० साल
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
सावित्री 32 साल की विधवा थी। पति की मौत के बाद तीन साल से उसका शरीर सूखा पड़ा था। गाँव
मेरा नाम विनोद है. में स्कूल में पड़ता हु. ये कहानी कुछ महीनो पहले की है. मेरी नजर हमेशासे मेरी

राज शर्मा हिन्दी

आपका स्वागत है इस वेबसाइट पर, जहां आप राज शर्मा की पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानियां बिना किसी रोक-टोक या सेंसरशिप के, सच्चाई, गंदगी, संघर्ष और जिंदगी के हर कड़वे सच के साथ पढ़ सकते हैं। राज शर्मा की हिन्दी दास्तां कोई साधारण प्रेरणादायक कथा नहीं है। यह एक आम गांव के लड़के की वो कहानी है जो सपनों को हकीकत बनाने के लिए दिल्ली की क्रूर दुनिया से टकराया। बचपन में पिता की मौत का सदमा, मां के आंसू और खेतों में मजदूरी करते हुए राज ने कभी हार नहीं मानी। स्कूल के बाद भी काम करता, रात को किताबों में डूबकर बड़े-बड़े सपने देखता।

बीस साल की उम्र में दिल्ली पहुंचा तो जेब में सिर्फ कुछ सौ रुपये थे। स्टेशन की बेंच पर पहली रात काटी। सुबह चाय की दुकान पर काम शुरू किया, फिर होटल में वेटर, छोटी कंपनी में क्लर्क। लेकिन राज में कुछ खास था। वह चुपचाप सीखता गया, रातों को कंप्यूटर पर हाथ आजमाता, स्किल्स बढ़ाता। एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिली लेकिन बॉस की लालची नजरें और ऑफिस की गंदी राजनीति ने उसे तोड़ने की कोशिश की। राज ने सब झेला और जब ब्लैकमेल हुआ तो उसने सब एक्सपोज कर दिया। नौकरी गई लेकिन इज्जत बची।

फिर शुरू हुई असली जंग। अपना स्टार्टअप शुरू किया। पुरानी लैपटॉप, छोटी टीम और अनगिनत बिना सोए रातें। पैसे की तंगी में कई बार मौत के कगार पर पहुंचा। दोस्तों ने धोखा दिया, गर्लफ्रेंड प्रिया ने छोड़ दिया। राज टूटा, शराब पी, सिगरेट फूंकी, बारों में रातें बिताईं और जिंदगी की हर गंदगी को चखा। लेकिन हर गिरावट के बाद वह और मजबूत उठा। एक दिन मेहनत रंग लाई। बड़ा इन्वेस्टर मिला और कंपनी चल निकली। राज शर्मा अब शहर का जाना-माना बिजनेसमैन बन चुका था। महंगी गाड़ियां, बड़ा बंगला, लेकिन अंदर खालीपन।

फिर पुरानी पड़ोसन सीमा वापस आई। दोनों ने बिना औपचारिकता के साथ रहना शुरू किया। उनके रिश्ते में जुनून था, लड़ाइयां थीं और समझ थी। सफलता के साथ दुश्मन भी बढ़े। प्रतिद्वंद्वियों ने फंसाया, पुलिस केस लगे, मीडिया ट्रायल हुआ। राज ने गंदा खेल खेला और कहा, “जिंदगी गंदी है तो मैं भी गंदा बनकर लड़ूंगा।” आखिरकार वह जीत गया। आज राज शर्मा करोड़पति है लेकिन गांव जाता है, गरीब बच्चों को मदद करता है और कहता है – सपने देखो लेकिन हर कीमत चुकाने को तैयार रहो।

राज शर्मा की ये हिन्दी कहानियां टूटने, गिरने, गंदा होने और फिर खड़े होने की सच्ची दास्तां हैं। यहां आप इस पूरी अनफिल्टर्ड हिन्दी कहानी को विस्तार से पढ़ सकते हैं। हर संघर्ष, हर धोखा, हर रात की अकेलापन, हर सफलता का जश्न और हर सबक। इसमें कोई झूठा नायक नहीं, सिर्फ एक इंसान है जो लड़ता रहा।

अगर आपको राज शर्मा जैसी सच्ची, बिना फिल्टर वाली हिन्दी कहानियां पसंद हैं तो इस वेबसाइट पर और भी कई दास्तानें उपलब्ध हैं। पढ़िए, महसूस कीजिए, सीखिए और अपनी जिंदगी में हौसला भरिए। राज शर्मा की तरह कभी हार मत मानिए। जिंदगी चाहे कितनी भी कठिन हो, लड़ाई जारी रखनी चाहिए।