Outdoor sex stories

आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही हूँ। मेरा नाम कविता है और मेरी शादी हुए मात्र छह महीने हुए
दोस्तों मेरा नाम ललित कौशल हैं और मैं हरीदापुर से हूँ। मेरे घर में मैं अपने मम्मी पापा और बड़े
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
मेरा नाम नविन है. में अभी कॉलेज के आखरी साल में पढ़ रही हु. मेरे घर में अभी मेरे पापा,
नमस्ते, मेरा नाम करण है। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड के साथ हुई एक खास घटना की कहानी सुनाऊंगा। मेरी
सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज
मेरी कहानी कुछ ऐसी है‌ कि बाकी कहानियों की तरह मेरी कहानी में कोई डायलॉग्स नहीं है। हम मां-बेटे के
मेरी शादी को अभी १ साल होने आया है. लेकिन इन एक साल में मेरे पति ने जो मुझे पेला
मेरा नाम तन्वी है. में २४ साल की हु. मेरे पापा एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बिज़नेस करते है. माँ डॉक्टर है. कुछ
आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम. किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी
कुछ महीनो पहले की बात है. में घर पे दुपहर को आया करता था. कुछ दिनों से मेने देखा के
मेरा नाम रेनू है. में एक गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में पढ़ती हु. कॉलेज की छुट्टियों में घर आयी थी.
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
मेरा नाम मालिनी है. में और मेरे पति हम दोनों एक बड़ी सोसाइटी में रहते है. में हमेशा घरका सामान
सुबह की बात थी. पापा ने मुझे बाहर से आवाज लगायी. अर्जुन स्कूल नहीं जाना. जल्दी उठो. में पापा से
दोस्तों आज में जो कहानी सुनाने जा रहा हु उसका नाम हे “गर्लफ्रेंड की माँ को चोदा और उनका अकेलापन
तो फ्रेंड्स बात है मेरी मौसी की लड़की है अदिति, उसकी शादी के टाइम की. मैं और मेरे मॉम-डैड वहाँ
मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
मेरा नाम अनिरुद्ध है. में बिहार से हु लेकिन अभी मुंबई में एक दुकान में काम करता हु. दुकान एक