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Bahen ki chudai stories

बहन को चोदना ये कई भाइयो का सपना है. आप जैसे ही कही बहियो ने अपनी बहन को चोदने का आनंद लिया है. उन्होंने अपना अनुभव कहानियो द्वारा इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया है. अगर आप भी अपनी बहन को चोदने का सपना देख रहे है. अपनी बहन के बड़े स्तनों से आकर्षित है. अपनी बहन की गांड मारना चाहते है. या बहन की चुत में अपना लंड अंदर जाते हुए देखना चाहते है तो निचे गयी कथाओ को पढ़े. आपको वही आनंद महसूस होगा जो एक भाई अपनी बहन को चोदते समय करता है.

मेरा नाम आशुतोष है. में बिहार का रहने वाला हु. कुछ ही दिन पहले मेरा इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन हुआ.
मेरा नाम श्याम है में कॉलेज में पढता हु. कुछ ही महीनो पहले हमारी फॅमिली अल्ल्हाबाद आ गयी थी. पापा
दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है। मेरी ज़िंदगी में कहानियाँ बहुत कम हैं। मैंने सोचा था कि यह भी ज़िन्दगी
एक छोटे से गांव में मंदिर को सम्भालनेका काम गांव का एक पंडित किया करता था. गांव में ज्यादातर बुजुर्ग
मेरा नाम श्रुति है. में बिहार की रहने वाली हु. मेरे माता पिता दोनों भी अछि जॉब करते थे. पैसा
में एक कंपनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट में जॉब करता हु. मेरे साथ और एक लड़की काम करती है. उसका नाम
आज जो में कहानी बताने जा रही हु वो सच्ची घटना पे आधारित है. मेरा नाम नीमा है. में एक
मेरा नाम अजय है. में उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहता हु. जबसे मेरा लंड खड़ा होना सुरु हुआ
मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती
हमारी शादी को १ साल हो गया था. अरेंज मैरेज थी इसलिए एक दूसरे को समझने में थोड़ा वक्त लगा.
मेरा नाम सोहम है. में अपनी बीवी रीना के साथ जैसेलमेर घूमने आया था. रीना और में हम दोनों काफी
कुछ दिनों पहले की बात है. सुभह का वक्त था. बड़े भैया काम से जल्दी घर से निकल गए थे.
बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि
मेरा नाम रश्मि है. मेने अपनी शादी घरवालों के पसंद के लड़के से की थी. मेरे पति इंजीनियर है. इसलिए
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी
मेरा बेटा अमरदीप ९ वि कक्षामे पड़रहा था. उसको बचपनसेही पढाई में कोई दिलचप्सी नहीं थी. हमेशा खेलता रहता था.
यहाँ घर पे मेरी बेटी की शादी की बात चल रही थी. हमने उसकेलिये एक लड़का धुंध लिया था. १
कुछ दिनों पहले की बात है. शाम को दरवाजेकी घंटी बजती है. में अपने मोबाइल पे गेम खेल रहा था.
सुभह का वक्त था. करीब ८ बजे थे. मेरे पति नहाकर आये और नास्ता करने बैठ गए. आज मेरे एक