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हेलो दोस्तों, मनोज तिवारी सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आपका बहुत बहुत स्वागत करता है. मैं कई इनो
मंजरी हमारे घर मैं काम करती थी। एक भोला सा बचपना था उसमे, पर उसका भरा जिस्म कुछ और ही
मेरा नाम जय है. में रोहतक में रहता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. में अपनी छोटी चाची के
दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है। मेरी ज़िंदगी में कहानियाँ बहुत कम हैं। मैंने सोचा था कि यह भी ज़िन्दगी
कुछ ही दिन पहिलेकि बात है. मेरी बड़ी दीदी ने मुझे बताया की वो सुभह अपनी किसी दोस्त की शादी
नमस्कार, मैं महेश हूँ। यह कहानी मेरी एक छात्रा और मेरे बीच प्रेम संबंध की है, जो बाद में शारीरिक
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
मेरे पति आशीष और उसके ३ दोस्त बहोत दिन से प्लान कर रहे थे की कही बहार घुमंजे जायेंगे. वैसे
हाई माय फ्रेंड, मैं ये स्टोरी पहली बार लिख रहा हु। अगर आप को मेरी चुदाई स्टोरी पसंद आये, तो
कैसेहो दोस्तों. मेरा नाम मनोज है. में उत्तरप्रदेश का रहनेवाला हु. अभी में १३वी कक्षा में पड़ता हु. कुछी दिन
मेरा नाम नैना है. में २४ साल की हु और माँ के साथ रहती हु. जब से मेरे माता पिता
लड़कियों की चूत और गांड को चोदने का मजा ही कुछ और है। मुझे लड़कियों के निप्पल को चूसना बेहद
कुछ ही दिनों पहले की बात है. में अपने कंप्यूटर क्लास से ७ बजे घर आई. घर आके देखा तो
मेरा नाम चारुलता है. में अच्छा जीवन कैसे जीना है इस विषय पे लोगो को सलाह देती हु. कुछ दिनों
दोस्तों मेरा नाम अविनाश हैं और मैं आज आप लोगों के लिए एक मस्त हिंदी सेक्स कहानी ले के आया
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और
मेरा नाम युसूफ है. में स्कूल में पढता हु. ये मेरे बचपन की कहानी है. अब्बू ने दो शादिया की
मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह
नमिका और में कॉलेज में दोस्त बने. मेरा नाम गिरिजा है. नमिका के पिता नहीं है. वो जब छोटी थी
लड़की की जवान चूत मारी मैंने जब एक लड़की को सिनेमा हॉल के बाहर बुक माय शो का प्रचार करती