Family group sex story

दोस्तो, मैं पंकज … आज आपके सामने जीवन की एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मैं एक कंपनी में
लड़कियों की चूत और गांड को चोदने का मजा ही कुछ और है। मुझे लड़कियों के निप्पल को चूसना बेहद
मैं पढ़ाई के लिए दिल्ली आया और एक कमरा लिया रहने के लिए. मकान मालकिन भाभी को देख कर लगा
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा
संत बाबा एक ऊची पद्दवी होती है लेकिन कुछ बाबा उसका गलत इस्तेमाल करते है और भोली भाली औरतों का
मेरा नाम अनुजा है. में अभी २७ साल की हु. आज में जो कहानी बताने जा रही हु वो मेरी
सुभह का वक्त था. माँ मंदिर चली गयी थी. पापा शहर से बाहर थे. में सुभह के करीब ७ बजे
मैंने एक आंटी की मदद की उनका सामान उनके घर पहुंचाने में. उन्होंने मुझे अंदर बुला लिया. उनके घर में
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
कुछ दिनों पहले की बात है. सुभह का वक्त था. बड़े भैया काम से जल्दी घर से निकल गए थे.
मेरा नाम रविंद्र है. लोग मुझे रवि के नाम से जानते है. में कॉलेज में पढता हु. आज जो स्टोरी
मेरा नाम गीता है. में अभी ११ वि में हु. कुछ ही दिन पहले मेरा रिजल्ट आया और में पास
बहोत दिनों बाद मेरे मौसी का लड़का हमारे घर आया था. उसका नाम अनुज है. अनुज के साथ मेरी अछि
प्रीति के साथ मेरी दोस्ती कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के दौरान शुरू हुई. हम दोनों के बिच तब बाते होने
सुभह का वक्त था. नहाकर निकली और कपडे पहनके ऑफिस के लिए निकल रही थी. कमरे से बाहर आई तो
कुछ दिनों पहले की बात है. पड़ोस की आंटी दुपहर के करीब २ बजे छत पे आकर कपडे सुखाया करती
मेरा नाम नीरज है. मेरी उम्र ३६ साल है. मेरी शादी हो चुकी है और २ बच्चे भी है. मेरी
जब पंकज की बीवी गर्भवती थी, तो उनको भी संयम रखना पड़ता था. पर एक दिन आखिरकार वो संयम टूटा
हाई फ्रेंड्स, मैं हूँ चुलबुली रेखा। आज में आपको अपनी लाइफ की सच्ची घटना बताने जा रही हूँ. मुझे उम्मीद