हेलो दोस्तों में आज जो आपको अपनी घर की कहानी सुनाने जाने वाली हु वो पूरी तरह सत्य घटना पे आधारित। ये कहानी में और
Author: Raj Kumar
शाम का वक्त, में हमेशा की तरह दोस्त के सात घर पे पिने बैठने वाला था. मेने सारि तैयारियां कर ली थी. कुछ देर बाद
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जॉब करता
कुछ दिनों पहले की बात है. पड़ोस की आंटी दुपहर के करीब २ बजे छत पे आकर कपडे सुखाया करती थी. उनका छतपर हररोज इसी
मेरी बीवी अपनी कपड़ो की दुकान चलाती थी. तो हमने सोचा घरके काम में हात बटाने के लिए हम एक नौकरानी रख लेते है. मेरी
रितिका और में कुछ दिनों के लिए उसके मायके रहने आये थे. मेरी सास बड़ी हसमुख किसम की औरत है. उनके सात मेरी अछि बनती
मेरा नाम पंकज है. में और मेरी गर्लफ्रेंड साक्षी दोनों मेट्रो से जा रहे थे. कुछ देर बाद मेने देखा मेट्रो में हमारे आस पास
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा हु. में नया था और
पत्नी के मायके जाने के बाद, बेटी ने पत्नी की भूमिका संभाली। नमस्कार. मैं महेश हूँ। आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि कैसे
तो, हाय दोस्तों, मैं मुंबई से सूरज हूँ, हाइट 5.8, डिक 7 इंच और 3 मोटा, फिर से नई कहानी के साथ, इस बार यह
रातकी बस थी. माँ ने मुझे घरमे आवाज लगायी. सोनू बैग भरके तैयार रखना. मेने अपनी बैग भरकर रख दी थी. कॉलेज की भी छुट्टिया
दूसरे दिन में जैसे ही सुबह उठा पहले अपने लौड़े को ठीक किया। ठण्ड में सुभह सुभह खड़ा हो गया था. पैंट में हात डालकर
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी ने आकर मुझे गले लगा
मेरा नाम नमिका है. में दिल्ली की एक कंपनी की मालकिन हु. पापा का बिज़नेस था जो अभी में चलाती हु. पापा अब अमेरिका में
कुछ दिनों पहले की बात है. एक १२ मंजिला ईमारत में फ्लैट खरीदने गए थे. मेरे पति को फ्लैट बहोत ही पसंद आया था. घर
