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शादी के पहले आखरी बार बॉयफ्रेंड से मिल लिया

सुभह का वक्त था. पापा अपने काम पे निकल गए. मेने माँ को कहा के में अपने सहेली स्नेहल के घर जा रही हु वह से शादी के लिए शॉपिंग के लिए हम मॉल में जा रहे है. शाम को में घर आउंगी।

माँ ने जैसे ही मेरी ये बात सुनी, कहने लगी में भी साथ आ रही हु.. तो मेने कहा तुम मत आयो मेरे साथ. मॉल में बहोत चलना पड़ता है. तुम्हे लेकर कहा में घूमती रहूंगी। माँ भी जिद करने लगी, फिर में ग़ुस्सा हुई और घर से निकल पड़ी.

बस स्टॉप पे जैसे पोहची, पहले मेने स्नेहल को फोन लगाया और कहा की मेरे घर से किसी का भी फोन आये तो कहना के में तुम्हारे साथ हु और हम मॉल में शॉपिंग के लिए आये है. मेरी माँ कुछ और पूछे उसके पहले कुछ भी कहकर बात काट देना।

मेने स्नेहल को बताया के में विक्रम से मिलने जा रही हु.

तब तक मेरी बस आ गयी. में बस में चढ़ गयी और विक्रम को फोन लगाकर बताया के में कॉलेज के गेट के पास खड़ी रहूंगी।

कुछ देर बाद में कॉलेज के पास पोहची। कुछ देर बाद विक्रम अपनी गाड़ी लेकर आया. में गाड़ी में बैठी। विक्रम मुझे होटल के रूम में ले जा रहा था.

विक्रम से मेने ही शादी से इंकार कर दिया था. वो मुजसे प्यार तो करता था लेकिन सिर्फ मेरे जिसम से. कमीना खुद ही कहता रहता के तुम्हे सिर्फ मेने चोदने के लिए गर्लफ्रेंड बनाया था. शादी नहीं करनी है. उसके साथ में काफी खुलकर बाते करती थी.

मेरी शादी हो रही है जब उसे मेने बताया तो कहने लगा के शादी के पहले एकबार जोरदार चुदाई करते है. हमेश एके लिए याद रहेगा दोनों को.

तो वो दिन आज ही था.

मेने सलवार कमीज पहनी थी. विक्रम ने सफ़ेद शर्ट और नीले रंग की जींस पहनी थी. हमारी गाडी जैसे हाइवे पे चलने लगी, उसका कमीनापन सुरु हो गया. गाड़ी चलाते हुए मेरे मम्मो को दबाने लगा. उसकी ये हरकत मेरे शरीर की गर्मी को बढ़ने लगी. अह्ह्ह अम्म। विक्रम क्या कर रहे हो. आस पास गाड़िया जा रही है. कोई देख लेगा।

को नहीं देखेगा। और फिर जोर जोर से में मम्मो को दबाने लगा. कहने लगा बहोत बड़े हो गए है.

मुजसे भी रहा नहीं गया और मेने भी अपना हात उसकी जांग पे रखा. उसकी नीली जींस पे हात घूमते हुए मेने उसके लंड को दबाना सुरु किया। हात लंड को लगते ही मुझे पता चला की अंदर विक्रम का लंड खड़ा होने लगा है. में प्यार से लंड को दबाने लगी तो विक्रम सिसकने लगा. अह्ह्ह जानू। अह्ह्ह्हह अह्ह्ह। अंशिका तुम्हारे मम्मो को दबाने ने बहोत मजा आ रहा है आह्हः अह्ह्ह। . आज तो तुम्हारे आम में पुरे खा जाऊंगा।

में भी तप गयी थी. मेरे चेहरे पे भी हवस साफ दिख रही थी. गाडी चली जा रही थी. और अंदर हमारी हरकते भी बढ़ी जा रही थी.

तभी विक्रम ने कहा के ड्रेस ऊपर करो ना.

मेने कुछ सोचा नहीं और दायी तरफ से ड्रेस ऊपर किया और मम्मो को बाहर निकालके विक्रम को दिखने लगी.

अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़। अंशिका, अह्ह्ह्ह।। मेरी चूचियों को दबाने लगा. आअह्ह्ह। उसके मजबूत पंजो से मेरे मम्मो को दबाने लगा तो मुजसे भी रहा नहीं गया. मेने उसकी जॉंच की तरफ दोनों हात लिए और जींस का बटन खोला, चैन निचे की और जैसे ही विक्रम का लम्बा मोठा लंड बाहर निकला।

लंड की लम्बाई देख मेरा जी मचलने लगा. और मुँह में पानी आने लगा. में तुरंत विक्रम के लंड की और झुकी और चलती गाड़ी में विक्रम का लंड चूसने लगी. आह्हः ाहः.उम्म्म अम्मा। होठो को पूरा खोलके लंड को अपने मुँह में ले लिया। चूसते हुए मुठी में लंड को पकड़े हिलने लगी. अह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह अह्ह्ह .

आज आखरी दिन था जब विक्रम का लंड चूसने का. इसके बाद तो पति का ही लंड रोज चूसना है. तो मन भरकर आज अपने बॉयफ्रेंड का लंड चूस रही थी.अह्ह्ह अह्ह्ह हाहुम्म। इमम्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह . उम्म्म उफ्फ्फ अह्ह्ह अहह

विक्रम के लंड को काफी देर मेने चूसा. फिर में पीछे हटकर ठीक से वापस बैठी। हम पोहचने ही वाले थे.

विक्रम इसबार काफी दूर ले आया था. आस पास जंगल और पहाड दिख रहे थे. रस्ते में कोने में गाड़ी रोककर पहले तो विक्रम ने अपने लंड को पैंट में डाला, ठीक से लंड को अंदर बिठा दिया। मेने भी ब्रा को अंदर ठीक किया और आगे कुछ दुरी पे होटल था.

काफी महंगा होटल लिया था विक्रम ने इस बार.

गाड़ी से उतरे। विक्रम ने मेरा हात पकड़ा और अंदर चले आये. अंदर आते ही रिसेप्शिन से चाभी ली. और ऊपर के कमरे की और चले आये.

दोनों भी हवस से भरे थे. कब कमरे में पोहचेंगे यही सोच रहे थे. होटल के स्टाफ ने हमें कमरा खोलकर दिया। अंदर आते ही ऐसी लगायी। कमरा ठंडा होने लगा.

जैसे ही होटल का स्टाफ कमरे से बाहर निकला, विक्रम ने जाकर दरवाजा ठीक से बंद किया। वो जैसे मेरी तरफ आया, दोनों ने कसकर एक दूसरे को गले लगे. और चूमने लगे. अह्ह्ह्ह ा… दोनों ने कसकर एक दूसरे को गले लगाया। चूमते हुए विक्रम मेरे पीठ पे हात घूमने लगा. आह्हः अहहह यह.. उम्मम्मम

दोनों की जबान एक दूसरे पे रगड़ने लगी. विक्रम के दोनों हात मेरे मम्मो को दबाने लगी. मेरी मदहोशी अब इतनी बढ़ गयी थी के मुझे अब कुछ भी ख्याल नहीं रहा. में सिर्फ विक्रम के प्यार में बहने लगी. विक्रम ने मुझे चूमना जारी रखा. मेरा नाम पुकारते हुए चूमने हुए निचे जाने लगा.

अह्ह्ह आह. अंशिका।। गर्दन पे चूमते हुए मेरे मम्मो को दोनों हातो से दबाने लगा. आह्हः अंशिका कहते हुए मेरी कमीज ऊपर उठा दी. मेने कमीज निकल के निचे फेक दी.

ब्रा दिखने लगी तो विक्रम मम्मो को दबाते हुए अपने मुँह को ब्रा पे दबाने लगा. अह्ह्ह अहहह उम्म्म।। अम्म्म। अंशिका, ब्रा में तो तुम बहोत हॉट लग रही हो.

ब्रा फाड् ना दे इसलिए मेने खुद ही ब्रा को खोलकर हटा दिया। ब्रा जैसे ही हटा, मेरे बड़े बड़े स्तन खुलकर बाहर आये. विक्रम ने मेरी चूचियों को मुँह में लिया और मम्मो को दबाते हुए चूसने लगा. अह्ह्ह अहहह। विक्रम को मेरी चूचियों को चूसते हुए देखने में मुझे बहोत मजा आता है. अह्ह्ह अहहह

मेरी चूचियों को होठो से पकड़के खींच रहा था. दबाते हुए पूरा आनंद ले रहा था. निचे मेरी चुत अंदर तड़पने लगी थी.

विक्रम ने दोनों चूचियों को चूस लिए. मेने विक्रम का शर्ट खोलकर उतार दिया। विक्रम ने फिर मेरे तरफ देखते हुए अपनी जींस उतार दी.

फिर मुझे पकड़ा उसने और उठाकर सामने के बेड पे लिटा दिए. जैसे ही में लेटी, मेरी सलवार उसने पकड़ी और खींचकर उतर दी. में सिर्फ चड्डी पे विक्रम के सामने सोइ हुई थी. मुझे बहोत ही शर्म लग रहे थी.

विक्रम ने फिर मुझे पकड़ा और अपनी कमर पे उठा लिया।

में विक्रम के कमर पे बैठ. विक्रम की दोनों हात के पंजे मेरी गांड को दबाते हुए और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. उम् अम्म्म अम्मामा। अम्मा अह्ह्ह। कसकर गले लगाकर में विक्रम को चुम रही थी. दोनों की भी सासे चढ़ी हुई थी.

काफी देर एक दूसरे के होठो को चूमने के बाद, विक्रम ने मुझे पास के सोफे पे बिठाया, मेरे मुँह की तरफ अपनी अंडरवेर ले आया. अंडरवेर के अंदर खड़ा लंड साफ दिखाई दे रहा था.

मेने देर ना करते हुए विक्रम की अंडरवेर को दोनों हातो से पकड़ा और खींचकर निचे उतार दी. अंडरवेर निकलते ही, विक्रम पूरा नंगा मेरे सामने खड़ा था

मेने विक्रम के लंड को मुठी में पकड़ा और कसकर पकडे हिलाने लगी. अह्ह्ह अहाः उम्म्म अम्म्म अम्म अह्ह्ह्ह अहहह। उम्म्म्म ओफ़्फ़्फ़्फ़ उफ्फफ्फ्फ़

मुँह में लंड को लेकर जोर जोर से चूसने लगी. मुँह में अंदर बाहर करते हुए उसकी निचे लटकी हुई गोटियों को भी दबाने लगी. विक्रम सिसकते हुए अपनी कमर को आगे पीछे करने लग. में चुस्ती रही.

कुछ देर बाद विक्रम से रहा नहीं गया तो उसने मेरा मुँह दोनों हातो से पकड़ा और मेरे मुँह में लंड को जोर जोर से मारते हुए मेरा मुँह चोदने लगा. अह्ह्ह ाहः. उम्म्म अम्म्मा।।

में बिना हिले लंड को अपने मुँह में अंदर बाहर होते हुए देख रही थी. विक्रम इतनी जोर से लंड को मेरे मुँह के अंदर मरने लगा, के लंड की नोक मेरे मुँह के अंदर गले तक पोहचने लगी. पूरा लंड मुँह की लाल से चिपचिपा हो चूका था. अहहह अहम उम्मम्मम। उम्. विक्रम जोर जोर से लंड को मारे जा रहा था.

कुछ देर बाद जब विक्रम रुका और लंड को मेरे मुँह से उसने बाहर खींचा तो चिपचिपा पानी लंड से टपक रहा था.

विक्रम ने मेरा हात पकड़ा, मुझे उठाया और सीधा बेड पे ले जाकर लिटा दिया।

फिर खुद बेड पर चढ़कर मेरी चड्डी को खींचकर उतार दी और मेरे पैर फैलाये। मेरी चुत को देखते हुए जैसे ही उसने अपने होठ मेरी चुत को छुए,, मेरे मुँह से निकला. आह्हः हहह. मम्मी आह्ह्ह्ह अहह. विक्रम ने अपनी जबान से मेरी चुत को चाटना सुरु किया अहह अह्ह्ह फ्फ्फफ्फ्फ़।

में बेड पे मछली की तरह बेड पे तड़पने लगी. अहहह अहहू मम. विक्रम अपनी जबान को जिस तरह चुत के अंदर घिस रहा था. चुत को और भी मजा आ रहा था. चुत से पानी टपकने लगा. पूरा शरीर काप रहा था. फिर जैसे विक्रम ने अपनी ऊँगली चुत में डाली और रगड़ने लगा. तब तो में सातवे आसमान पे थी. छूट को चाटते हुए जिस तरह उसकी ऊँगली चुत के अंदर बाहर हो रही थी. में पागल ही हो गयी थी. अहहह अहहह। उम्म्म विकर्म अह्ह्ह अहह. उम्म्म्म आआह्ह

विकर्म ने बहोत देर मेरी चुत को चाटकर आनंद दिया। फिर उसने अपना आगे किया। मेरे पैर और ज्यादा फैलाये और सीधा मेरे अंदर अपना बड़ा सा लौड़ा घुसा दिया। आह्हः अह्ह्ह। लंड को चुत में जाते हुए में महसूस कर रही थी. आह्हः अहाः उम्म्म।

मेरे दोनों पैरो को पकड़े जोर विक्रम ने मेरी चुदाई सुरु की. अह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़
विक्रम आज लग रहा था पूरा ग़ुस्सा निकल रहा है. सुरवात में बैठे बैठे चुदाई चल रही थी. फिर ऐसे ही मेरे ऊपर लेट गया और चोदने लगा. मुझे चूमने लगा. अह्ह्ह हहह अहह निचे से लंड को चुत में जोर जोर से पटकते हुए कहने लगा. शादी के बाद तू मेरी रंडी बनकर रहेगी। में शादी के बाद भी तुझे चोदता रहूँगा। अह्ह्ह्ह अहह अहह उम्म्म अह्ह्ह हम्म्म्म। उफ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह

मुझे भी चुदाई में बहोत मजा आ रहा था. मेने भी विक्रम को कहा. हां मुझे तेरी रंडी बनाकर रखना हहह अह्ह्ह। ऐसे ही चोदते रहना। अहहह उम्म्म।।
मेरी बात सुनकर विक्रम और जोर जोर से धक्के देने लगा. और लंड को और जोर जोर से मेरी चुत में मारने लगा.

अह्ह्ह अहहह उम्म्म। अह्ह्ह्ह

काफी देर चुदाई के बाद,

विक्रम ने मुझे अपने ऊपर बिठा दिया। फिर में विक्रम का लंड में रखे उसपर कूदने लगी. अह्ह्ह अह्ह्ह मेरे खुले बाल, मेरे ऊपर निचे उड़ते हुए मम्मो को देखते हुए विक्रम खुश हो रहा था.

निचे से विक्रम का लंड मेरी चुत को चोदे जा रहा था. पहले सामने देखते हुए चुदाई की. फिर लंड को चुत में रखकर ही पलटी और गांड विक्रम की आखो के सामने करते हुए लंड को अंदर लेने लगी. हाहाः अहहह अहहह ाःहाहा हहह उम्म्म।।।।।

उसके बाद विक्रम ने मुझे घोड़ी बनाया, मुझे बेड के पास खड़ा किया। मेरी गांड को देखने लगा. फिर जोर से उसने गांड पे चपेट मरी. में चिल्लाई अह्ह्ह अह्ह्ह

बहोत दर्द हो रहा था. लेकिन विक्रम रुका नहीं। उसने और जोर से दो से तीन चपेट गांड पे लगायी। मेने अपनी आवाज दबाने के लिए अपना मुँह बेड पे दबा दिया।

मेरी गांड को लाल करके उसे बहोत मजा आया. फिर उसपे ही अपनी जबान रगड़ने लगा. गांड को चाटने लगा.
अहह अहहह उम्म्म्म ामममम ाममम

गांड को चाटकर लंड को पीछे से मेरी चुत में डालकर जो उसने चुदाई सुरु की आह्हः अह्ह्ह ाहः

जंगली कुत्ते की तरह मुझे चोदने लगा. अहहह अह्हह्ह्ह्ह हाहाहा। गांड पे फटके पड़ रहे थे. लंड पूरा अंदर तक चुत में घिसते हुए जा रहा था और बाहर आ रहा था.

अहह हहह है विक्रम अहह अहहह अहहह।।

विक्रम भी जोश में मुझे चोदने लगा. चोदते हुए आगे झुककर मेरे मम्मो को दबाने लगा. आहहह।। मेरी गोरी पीठ को सहलाते हुए धक्के दे रहा था. अहहह अह्ह्ह उम्म्म्म।।।। उफ्फ्फफ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह

बहोत देर तक चुदाई के बाद विक्रम ने झटसे अपने लंड को मेरी चुत से बाहर खींचा और मुझे पलटाकर मेरे मुँह में दे दिया।

मुँह में दबाते ही लंड से गरम पानी की बौछार होने लगी. विक्रम ने लंड को मेरे मुँह में दबाये रखा और कहने लगा. पि जा पूरा पानी अंशिका अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म आह्हः उफ्फ्फ्फ़ अहहह ाःहाहा

उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्ह अहहहहह

पूरा पानी मुँह में छोड़ा, में पूरा पानी पि गयी.

जब लंड शांत होने लगा. तब उसने मेरे मुँह से बाहर खींचा।

जोरदार चुदाई के बाद कुछ देर हम बेड पे सोये रहे, लेकिन आज शाम होने तक विक्रम ने चुदाई जारी राखी। अपनी पूरी हवस आज उसने पूरी की.

क्यूंकि पता नहीं शादी के बाद वापस मुजसे मिलना होगा के नहीं।

कैसी लगी मेरी कहानी जरूर कमेंट करके बताना

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