बड़ी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड दोस्त को बेसमेंट में चोदा

मुंबई की एक बड़ी कंपनी में में सिक्योरिटी गॉर्ड की जगह लगा हु. मेरा नाम सुरेंद्र है. उम्र २४ साल है. बहोत बड़ी काच की बिल्डिंग में काफी सारे कंपनियों के ऑफिस है. मुझे अभी कुछ ही महीने हुए थे. इसलिए ज्यादा लोग मुझे नहीं जानते थे. धीरे धीरे मेरी पहचान बढ़ने लगी. पहले कभी मेने ऐसे बड़ी कंपनी में काम नहीं किया था. इसलिए मुझे सबकुछ अलग ही लग रहा था. अंदर का माहौल ऐसे मानो, आप किसी ऑफिस में नहीं, बड़े मॉल में आये हो. सब कुछ इतना साफ सूत्र.

मुझे बेसमेंट में आने वाली गाड़ियों सही जगह पार्किंग लगवानेका काम था. बेसमेंट भी इतना बड़ा था की १०० गाड़िया खड़ी रह सकती है. पूरा दिन में बेसमेंट में ही रहता था. कुछ ही महोनो में मुझे बेसमेंट का कोना कोना पता चल गया था. घूमते घूमते मेने ऐसी जगह बेसमेंट में ढूंढ ली थी जहा कोई आता जाता नहीं था. कोई कैमरा नहीं था. छोटे से अंदर के रास्तोसे जाना पड़ता था.

यही जगा कभी कभी में जगा अपना लंड हिला लेता था. मुझे नयी नयी जगह जाकर हिलना बहोत पसंद है तो में ऐसी जगह ढूंढते ही रहता था. दिन चले जा रहे थे. फिर कुछ दिन बाद दो सिक्योरिटी गार्ड औरतो से मेरी बातचीत हुई. वो गेट के पास खड़ी रहती थी. दोनों शादी सुधा थी. सिक्योरिटी गार्ड को काले रंग की पैंट  और  शर्ट पहनी पड़ती थी.

उन शर्ट और पैंट में दोनों भाभियाँ बहोत ही सेक्सी दिखती थी. पहली बार जब मेने उनको नजदीक से देखा तो मेरा ध्यान बार बार उनके मम्मो पर ही जा रहा था. कसके पहने हुए शर्ट में दोनों भाभियो के मम्मे बड़े और गोल दिख रहे थे. उन्हें देखकर किसी का भी मन उन मम्मो को दबानेके हो जायेगा. धीरे धीरे मेने दोनों से बातचीत सुरु की. उसमेसे एक के सात मेरी अछि बनने लगी. उनका नाम था मीरा है. मीरा और में साथ में दुपहर का खाना खाने लगे. उसे मेरी नजर से पता चल गया था की में उसके मम्मो को निहारता रहता हु. लेकिन वो हस के बात को घुमा देती थी.

एकदिन ऐसे ही हम बेसमेंट से होकर पहली मंजिल पर जा रहे थे. बाते करते हुए सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे. चलते चलते मेरा हात मीरा के हात को लग रहा था. उसे भी एहसास हुआ लेकिन उसने कुछ कहा नहीं. कुछ देर बाद मीरा ने खुद मेरा हात पकड़ा और हम दोनों हात पकड़ कर ऊपर चलते जा रहे थे. सीढ़ियों पे वैसे भी कोई कैमरा नहीं होता तो किसी के देखने का डर नहीं था. उस दिन माझे पता चला की मीरा भी मेरे तरफ आकर्षित हो रही है.

धीरे धीरे हम नजदीक आने लगे. जब भी मौका मिलता में उसके कंधे पे हात रखता, कभी उसकी कमर पर हात रखकर उससे बाते करता. उसने भी कभी मुझे मन नहीं किया.

हमारी नजदीकियां बढ़नेसे दोनों के एक दूसरे के प्रति देखने का नजरिया भी बढ़ने लगा. एकबार एक रेस्टुरेंट में खाना खाने बैठे थे तब मीरा ने खुद मेरा हात पकड़ा और अपने अपनी तरफ हात को खींच पकड़कर बैठ गयी. बड़े प्यार से मेरे हात को सहलाते हुए मुजसे बाटे कर रही थी. मेरे हात की उलटी तरफ मुझे उसकी जांग का स्पर्श हो रहा था.

मुझे उस दिन पता चला की मीरा भी मेरे नजदीक आना चाहती है. दूसरे ही दिन जब हम दुपहर को खाना खाने बैठे, हम दोनों बड़ी चाहत भरी आखो से एक दूसरे को देख रहे थे. उसने मुझे खाना कहते समय निवाला भी अपने हातोंसे खिलाया.

किसी तरह हमने खाना पूरा किया. फिर हर रोज की तरह सीढ़ियों से निचे उतरने लगे. सीडीओ पे कोई नहीं था. धीरे धीरे बात करते करते उतारते समय मेने अपना हात मीरा के कंधे पे रखा. लेकिन आज मेरा मूड कुछ और ही था. में बात करते हुए मीरा पीठ पर अपना हात ले आया. उसकी पीठ पर अपना हात घूमने लगा. मुझे शर्ट के अंदर उसकी ब्रा की पट्टी हातो को लगने लगी. मीरा थोड़ी सहम गई थी लेकिन मेने अपना काम जारी रखा. मेरा हात उसकी गर्दन से होकर उसकी कमर तक घूम रहा था.

फिर मेने देखा की में ही बोले जा रहा हु और मीरा कुछ बोल ही नहीं रही. तो मेने उसकी कमर को पकड़ा और उसको नजदीक लेते हुए पूछा, क्या हुआ, ऐसे शांत क्यों हो गयी. तो वो शरमाते हुए बोली कुछ नहीं. उसकी आँखे नशीली हो चुकी थी.

मेने सोचा यही मौका है चांस मार लेते है. मेने एक नजर ऊपर की देखकर पुष्टि के कोई आ नहीं रहा. निचेसे भी कोई नहीं आ रहा था. मीरा के कमर प्रे रखे हात को मजबूती से पकड़कर मीरा को अपने नजदीक लिया. वो डर गयी. कहने लगी कोई आ जायेगा. जैसे उसने कहना बंद किया, मेने अपने होठ उसके होठो पे रख दिए और चूमने लगा. मममम अहहं अहाहाः। .उम्मम्मम।  कसकर होठो पर चुम्बन लिया. फिर हम चलने लगे.

दोनो भी तप गए थे. थोड़े निचे आने के बाद रास्ता दाई और घूमता था. वह पे भी कोई नहीं था. बड़ी तंग जगह थी. हम जैसे ही वह से गुजरने लगे मेने फिर से मीरा को कमर पे हात रखकर पकड़ा और पास की दीवार पर टिकाके उसे चूमने लगा. मेरे दोनों हात मम्मो पे रखकर दबाते हुए उसे चुम्ब रहा था. अहःअहः ाहः अहःअहः. मीरा भी मुझे चूमने लगी.

जितनी जोर से दबा सकता था उतनी जोर से मेने मीरा के मम्मो को दोनों हातोंसे दबाया. काफी कोमल थे मीरा के मम्मे. चूमते हुए मेरा एक हात निचे की और फिसला और सीधा मीरा की चुत पे चला गया. अह्ह्ह अहहह. चुत के पास की जगह बहुत ही गर्म लग रही थी.

अब में मीरा को चूमते हुए एक हात से उसके मम्मो को दबा रहा था. दूसरे हात से चुत को सहलाने लगा. उसकी पेंट के उपरसेही चुत को मसल रहा था. मीरा के कोमल बदन के स्पर्श ने मेरे लंड ने उछाल मारना शुरू किया था. कुछ भी समज नहीं आ रहा था. मेने उसे कहा मुजसे रहा नहीं जा रहा अभी. कुछ करना पड़ेगा.

मीरा ने पूछा क्या करे फिर. मेने उसे कहा में १० मंजिल पर जा रहा हु. १० वि आखरी थी. ऊपर टेरेस था. तो वहा पे कोई नहीं आता जाता था. वो जगह सही थी.

मेने मीरा को कहा और लिफ्ट से १० वि मंजिल पर पोहच गया. ऊपर जाकर सीडीओ पे बैठ मीरा की राह देख रहा था. सोच सोच में मेरा लंड इतना तन गया था की कब लंड को बाहर निकलू ऐसे लग रहा था.

कुछ देर बाद लिफ्ट का दरवाजा खुलनेकी आवाज आयी. अंदर से मीरा बाहर निकली. मेने उसे ईशरसे ऊपर की और आनेको कहा.

वो मेरे पीछे पीछे ऊपर की और आयी. ऊपर टेरेस का दरवाजा था. जो की बंद था. हम वही पे रुके. मीरा पूछने लगी यहाँ कोई नहीं आता. में यहाँ भरा बैठा था. मेने जवाब देने के बदले सीधा उसको अपने गले से लगा लिया और होठोंको चूमने लगा. मीरा भी अंदर से तप रही थी. उसने भी मुझे कसकर पकड़ा और चूमने लगी. एक दूसरे की जीभ मुँह में रगड़कर हम चुम रहे थे. मेरे दोनों हात मीरा के पीठ से होकर सीधा उसकी बड़ी गांड पे पहोच गए. दोनों हातोंसे गांड को दबाते हुए मेने मजा लेना सुरु किया. उम् आअह्ह्ह अहहह आमम्मा अहहह उम्म्म्म। .. क्या होठ थे मीरा के. और गांड तो मानो रेशमी रुई से बनी इतनी कोमल के दबनेसे मन ही नहीं भरता.

काफी देर होठोंको चूमने के बाद मेने मीरा के शर्ट के बटन खोलना सुरु किया. वो भी हवस भरी नजरोसे मुझे देखते हुए अपना शर्ट निकलने लगी. जैसे शर्ट खुला अंदर के बड़े बड़े मम्मो के दर्शन मुझे हुए. ब्रा में जकड़े मम्मो को देख मुँह में पानी आ गया. मेने तुरंत अपना मुँह मम्मो के बिच की दरार पर दिखाया और चाटने लगा. दोनों हातोंसे मम्मो को दबा दबा कर मजे लेने लगा. मीरा ने मेरी हडबडात देखते हुए अपने मम्मो को ऊपर उठा दिया और चूचियों को मेरे मुँह में दे दिए. मेने तुरंत चूचिया होठोंसे पकड़कर चूसना सुरु किया. अहह. अहहह. उम्मम्मम. मीरा के मुँह से आवाजे आने लगी.

दोनों हातोंसे मम्मो को मसलकर चूस रहा था. मीरा के पति ने मम्मो को दबा दबा कर इन्हे काफी बड़ा कर दिया था. मम्मो का मजा लेकर में पीछे हटा. मेरे पेंट का बटन खोला और घुटनोटक पैंट को निचे उतारकर लंड को बहार निकाला

मेने मीरा की और देखते हुए कहा चुसो न इसे. मीरा कोने में निचे बैठी. में उसके मुँह के तरफ अपना लंड ले गया. मीरा ने लंड को मुठी में पकड़ा और हिलने लगी. आअह्ह्ह। . मीरा के कोमल हातोंका स्पर्श मेरे लिए बहोत ही ज्यादा था. लंड उछाल मारने लगा. मीरा ने मेरे लंड को हिलाते हुए अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

आहाहा। . मीरा की जबान लंड पर घिसने लगी तो मनो मेरी रूह ने अपना शरीर ही छोड़ दिया ऐसा लग रहा था. में आधी बेहोशी की हालत में पोहच गया था. कुछ समज नहीं आ रहा था के क्या हो रहा है. अब किसी भी चीज का डर नहीं लग रहा था.

मीरा जोर जोर से लंड को हिलाते हुए चूसने लगी. अहहह अहहह..

कुछ देर बाद जब मीरा ने लंड को छोड़ा मेने उसे खड़ा किया. मुझे अब उसकी चुत चाटनी थी. लेकिन वह जगा नहीं थी. तो मेने उसे कहा की सीडीओ पे बैठो और अपनी पैंट निचे कर दो. मुझे तुम्हारी चुत चाटनी है. वो बैठी और अपनी पेंट निचे खींच दी. में उसके फैले पैरो के बिच बैठ उसकी चुत पे अपना हात घुमाने लगा. चुत काफी बड़ी थी और गीली भी हो चुकी थी.

मेने बिना देर किये अपना मुँह चुत पर रखा और चुत को चाटने लगा. उम् उम्मम्मम अम्म्मम्म. अम्मामा. मीरा भी मदहोश होकर आवाजे करने लगी. अहहह ाअहह अहहहह

जीभ को चुत में पूरा डालकर में चाटने लगा. उम्मम्मम उम्म्म्म.. बिच की ऊँगली चुत में डालकर अंदर बाहर करने लगा. काफी देर चुत का पानी पिने के बाद अब चोदने का वक्त आ गया था.

मेने मीरा को वही सीढ़ियों पे घुमाकर खड़ा किया. मीरा ने अपने दोनों हात सीडीओ पे रखे और झुककर कड़ी हो गयी. आअह्ह्ह। .क्या नजारा था पिछेका.

मीरा की बड़ी गोरी गांड मेरे आंखोके सामने मटक रही थी. मेने प्यारसे गांड को दबाना सुरु किया. अपना मुँह गांड में डालकर चूमा. तब मीरा ने कहा बस करो अभी रहा नहीं जा रहा. चोदो मुझे जल्दी.

उसकी आवाज में वो मदहोशी देखकर मेने तुरंत अपना लंड आगे लिया और धीरेसे चुत में धकेल दिया. लंड गीली चुत में अंदर जाने लगा. पूरा लंड चुत में बैठाकर मेने उसकी कमर कसकर पकड़ी. फिर धीरे धीरे लंड को चुत के अंदर बाहर करते हुए मीरा को चोदना सुरु किया.

अहहहहह. चुत ने लंड को कसकर पकड़ा हुआ था. मजा आने लगा. चुत के अंदर लंड घिसनेकी वजसे और तपने लगा. मेने जोर जोर से धक्के देकर मीरा को चोदना सुरु किया…..अहहह आआह्ह्ह। .. उम्म्म्म आहहह. मीरा भी आवाज करने लगी. आहाहा। ..

दोनों की गर्मी चर्म सिमा तक पहोच गयी थी. आअह्ह्ह्ह आहहहहह।

मेने अपनी गति वधाई और अपनी कमर को मीरा की गांड पे जोर से पटकने लगा. गांड पे परकनेसे आवाज आने लगी। में रुका नहीं और चोदता रहा.. अहहहहहहह

कुछ देर चोदने के बाद जब पानी निकलने वाला था. मेने तुरंत लंड को बाहर खींचा और सारा पानी मीरा की गांड पे उडा दिया. अहहहहह.. लंड सफ़ेद पानी निकाले जा रहा था.

काफी देर बाद जब दोनों शांत हुए. हमने कपडे पहन लिए. जानेके पहले मेने फिरसे मीरा को कसकर गले लगाया. और पूछा दुबारा कब करेंगे. तो वो हसकर बात टालते हुए निचे की और चली गयी

उस दिन बाद से. मेने मीरा को कई बार चोदा है. अब ज्यादा बकवास बाते नहीं करते। सीधा चुदम चुदाई सुरु करते है.

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