बॉस के साथ रंगरलिया

मेरा नाम सुनीता है. मेरी शादी को करीब ३ साल हो गए है लेकिन अभी तक मेरा पति मुझे बच्चा नहीं दे पाया है. बहोत बार मेने सोचा की किसी और से बच्चा करवालु क्यूंकि मेरे पति से तो हो नहीं रहा लेकिन उसका रोता हुआ मुँह देखकर विचार बदल ले लेती थी.

लेकिन जैसे जैसे दिन आगे बढ़ रहे थे, मेरी जवानी भी उछाल मरने लगी थी. कम उम्र में शादी होने की वजसे सेक्स का बहोत मन करता था. काफी बार तो में खुद अपने पति के पास जाकर बोलती थी के आज बहोत मन कर रहा है. लेकिन कम्बख़त मेरा पति कुछ ना कुछ बहाना दे कर सो जाता था.

क्या फायदा शादी का अगर ठीक से सेक्स ही न मिले. चुत को निराश होकर सोना पड़ता था.

उन दिनों हम दिल्ली से कुछ दूर एक शहर में रहते थे. में भी एक कंपनी में काम करती थी. कंपनी छोटी ही थी. मेरे आलावा एक आंटी भी काम करती थी. वो आंटी अकाउंट का काम देखती थी.

मेरा काम था चीन से आने वाले सामान को लोगो को कहकर गोडाउन में रखवाना और सारे सामान का हिसाब रखना. मेरा जो बॉस था, वो काफी ठरकी था. ४५ साल का था लेकिन बॉडी अछि बनायीं थी. दिखने ने में भी काफी अच्छा था. जब भी आता था काम के सिलसिले बात करने केलिए। में कंप्यूटर पे काम कर रही होती थी. आकर सीधा पहले तो मेरी बाजु पे हात लगाकर पूछता कैसे काम चल रहा है.

फिर हसकर बाते करते हुए हाल चाल पूछता। उसकी एक आदत थी. हमेशा किसी न किसी बहानेसे मेरे शरीर को छूता था. कभी बाजु पे हात लगता, तो कभी जानबूझकर पीछे से जाते समय मेरी पीठ पर हात लगाकर पीछे से जाता. ऑफिस में सामान पड़ा रहता तो जगा भी कम थी, तो जैसे उसे मौका मिले मेरे पिछेसे जाते समय मुझे छूने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता था.

एक बार तो में अपनी जगह पे बैठकर काम कर रही थी. बॉस अपनी क्याबिन से फोन पे बात करते हुए मेरे पास आया. मुझे एक फाइल खोलकर दिखने को कहा. और तभी फोन पे बात करते करते अपने लंड को मेरे मुँह के बहोत ही करीब ले आया. उसने फॉर्मल पैंट पहनी थी. ऊपर से नजर आ रहा था की उसका लंड बड़ा हो रहा है. जानबूझकर मेरे मुँह के करीब लंड को लाकर मुझे उकसाने की कोशिश कर रहा था. काफी देर तक वो फोन पे बात करते हुए ऐसे ही मेरे मुँह के करीब अपना लंड दिखते हुए घूमता रहा.

जैसे जैसे महीने बीतते गए, मुझे महसूस होने लगा की बॉस की गर्मी भी बढ़ती जा रही है. वो मेरे करीब आने की पूरी कोशिश कर रहा था. में जानबूझकर उसको अनदेखा करती थी. लेकिन इस बात कर भी मेने ख्याल रखा की बॉस को बुरा न लगे. इसलिए मेने बॉस को अपने बदन को हात लगाने से कभी रोका नहीं

एक दिन में ऑफिस में पड़े एक बड़े बॉक्स में रखे सामान को गईं रही थी।  बॉस अपने केबिन में थे. मि बॉक्स के अंदर झाकते हुए झुककर खड़ी थी. तभी अचानक पिछेसे बॉस गुजरा और बॉस ने अपना लंड मेरी गांड पे घिसते हुए आगे बढ़ा. और असा भी नहीं की सीधा पीछे से गुजरा, बॉस पिछेसे आकर उसने अपना लंड टिकाया मेरी गांड पे और लंड को दबाकर फिर आगे गया. मुझे समज आया की बॉस ने क्या किया अभी. लेकिन मेने कुछ नहीं कहा.

में फिर से अपने काम पे लग गयी. ऑफिस में सब बॉक्स पड़े हुए थे. आज ऑफिस में जो बिच की चलने की जगा थी वह पर भी भरे हुए बॉक्स पड़े हुए थे. सरे बॉक्स में कपडे, चद्दर, तकिया ऐसे सामान से भरे पड़े थे. और ऑफिस में में और बॉस ही थे. काम करते करते शाम हो गयी. करीब ७ बज रहे थे. मेने सोचा थोड़ी देर में निकलूंगी। तभी बॉस ने केबिन से आवाज दी.

में अंदर चली गयी. बॉस सामने खुर्सी पर बैठे अपने बड़े से कंप्यूटर में देखते हुए मेरे से बात कर रहा था. में दूसरी तरफ थी तो मुझे कंप्यूटर पे क्या चल रहा है वो  दिखाई नहीं दे रहा था. बॉस मुजसे बात करते करते अपने लंड को सहला रहा था. मुझे बॉस ने पूछा की सब सामान को गिन लिया ना. तो मेने कहा हा मेने गिन लिया.

फिर बाते करते करते बॉस ने बगल में पड़ी कुछ फ़ैल उठायी, और खोलकर पढ़ते हुए दो फाइल मुझे दी और कहा की इस निचे वाले अलमारी में फाईले रख दो. मेने काम समजकर अपने पास वो फाईले ले, और बॉस के पास वाले निचेवाली अलमारी में बैठे बैठे फाईले रख दी. जैसे में फाईले रखकर बॉस की तरफ मुड़ी, मुझे मानो जोर का झटका लगा. धड़कने तुरंत बढ़ गयी. आखो के सामने एक वक्त केलिए अन्धेरासा छा गया.

क्यूंकि मेरे सामने बॉस अपना लंड पैंट के बाहर निकालके सहला रहा था. उसके बड़े कंप्यूटर पर नजर पड़ी तो उसपर एक सेक्स वाला वीडियो चल रहा था. जिसमे दोनों लड़का लड़की नंगे थे और लड़की झुककर खड़ी थी और लड़के ने अपना लंड पिछेसे लड़की के चुत में डाला था और वो लड़का उसे जोर जोर से चोद रहा था.

मुझे तो समज नहीं आया में क्या करू. जैसेही में कड़ी हुई बॉस ने मेरा हात पकड़ा और मेरा हात अपने लंड पर रखके बोलै थोड़ी देर हिलाओ ना. में तब सहम गयी थी. दिमाग ने काम करना बन कर दिया था. हात में जैसे बॉस का लंड आया अजीब सा महसूस होने लगा. मेने बॉस के लंड को पकड़ा और उसे सहलाते हुए कभी बॉस को देखती तो कभी बॉस के लंड को. बहोत दिनों बाद आज किसी के लंड को हात में लेने का मौका मिला था.

बॉस ने मेरी कमजोरी को भाफ लिया और मेरे करीब आकर मेरे मम्मो को दबाने लगा. जैसे उसके हात मम्मो को दबाने लगे, मेरी आह निकल गयी. मेरे शरीर ने आनंद लेना सुरु कर दिया. बॉस ने दोनों हातोंसे मेरे मम्मो को पकड़ा और दबाने लगा. अहह आआह. आहहसषहस. आहहह. स्स्स्सह्ह्ह. आह.

मेरे हातोंमे में जो बॉस का लंड पकड़ा था उसे में मुट्ठी में जकड लिया. और आगे पीछे लंड को हिलाने लगी. जैसे ही बॉस मेरे मम्मो को जोर से दबाता में भी उसका लंड कसकर पकड़कर हिलती.

बॉस मम्मो को दबाते हुए आगे बढ़ा और मेरे मुँह को दोनों हातोंसे से पकड़कर चूमने लगा. गालोको चूमते हुए उसके होठ मेरे होठोंपे पोहचे और उसने मुझे होठोंपे चूमना सुरु किया. दोनों हतोसे पकड़कर मुझे चूमने लगा. ये वो वक्त था जब मेने अपना आपा खो दिया और मेने बॉस को अपने गलेसे लगा लिया. में भी प्यार से बॉस को चूमने लगी. दोनों की जीभ एक दूसरे के मुँह में लड़ने लगी. बॉस ने मम्मो को दबाते हुए चूमना सुरु किया. अहःअहः. अहह सस्शह्ह्ह. काफी दिन से में भरी बैठी थी. किसी मर्द के बदन को तरस रही थी.

बॉस ने अपनी पैंट खोलकर निचे छोड़ दी. फिर मेरा कुरता ऊपर उठा दिया. कुर्ता निकलते ही, मेरे ब्रा से दोनों मम्मे बाहर आने लगे. बॉस ने जरा भी देर न की और मम्मो पर टूट पड़ा. ब्रा के ऊपर से मम्मो को दबाते हुए चाटने लगा. मेने भी उसका शर्ट के बटन खोलना सुरु किया. कुछ ही देर में शर्ट भी निकल दिया और बॉस पूरा नंगा मेरे सामने था.

मेरा ब्रा निकलने की जल्दी में बॉस ने मेरी ब्रा की ऊपर की पट्टी ही तोड़ दी. उसमे हवस भर गयी थी. जैसे ही ब्रा हटा, बॉस ने चूचियों को पकड़कर दबाया. मेरे मुँह से करारनेके आवाज आयी आआह्ह. स्सश्श्श. सससस.. मेरी चूचियों ऊँगली में पकड़कर मसलने लगा. मेरा शरीर तड़पने लगा।  चूचियों को दबाते हुए मम्मो को चाटने लगा. चूचियों चूसने लगा.

जोर  जोर से मम्मो को दबाकर चूस रहा था. मेरे भी बदन में आग लगी थी. में बॉस की पीठ पर अपने दोनों हात घुमाकर आनंद लेने लगी. काफी देर बाद जब चूचियों से बॉस का मुँह हटा मेरा ध्यान सीधा उसके बड़े खड़े लंड पर गया. काफी बड़ा हो चूका था. ऊपर निचे हिल रहा था. बॉस ने मुझे अपने लंड की तरफ देखते हुए देखा।

वो समज गया. पीछे की खुर्सी पर बॉस बैठा और लंड को हिलाते हुए मुझे चूसने का इशारा किया. मेने भी कुछ सोचा नहीं सीधा उसके पैरो के बिच बैठी और बॉस का बड़ा लंड मुँह में लेकर चूसना सुरु किया.  उम् आह्ह्म्म हम्म्म आम आह्हः बहोत दिन बाद मुँह में लंड आया है तो बड़े चाव से चूस रही थी. जीभ को अंदर तक  मुँह में लेकर चूसने लगी. हिलाते हुए जो मजा आ रहा था चूसने का में मनो पागल हो गयी थी. उम्म्म आमम्मा आहहा

लंड को चूसने के बाद जब पीछे हटी तो देखा लंड पूरा गिला हो चूका है. में पीछे हटी और बॉस खड़ा हो गया, उसने सीधा मुझे पास के टेबल पे झुका दिया. पीछे गया और मेरा पैजामा उतर दिया. अंदर गुलाबी चड्डी देख पागल सा हो गया. उसने चड्डी उतर दी और सीधा दोनों पैरो के बिच अपना मुँह घुसकर चुत को चाटने लगा. आहहह. उफ्फ्फ्फ़ आहहह  आहहहह. में टेबल पर झुककर अपने हातो को पटक रही थी.

बॉस ने सीधा मेरी चुत में जबान डालकर कुत्ते की तरह पीछे से चाटने लगा. जबान को चुत में डाल घिस रहा था. अहहहह क्या मजा आ रहा था. चुत को चाटने के बाद मेरी गांड पे चूमने लगा. गांड को दबाकर गांड पे मारने लगा. अहहाहा आहहह सस्शह्ह्ह। … उफ्फफ्फ्फ़

फिर खड़ा हुआ और पिछेसे मेरी चुत में लंड दबाकर धक्का देने लगा. आआह्ह्ह. आह्ह्ह्ह आह्हः उफ्फ्फ्फ़

उसका बड़ा लंड चुत को रगड़ते हुए अंदर जाने लगा.  जोर जोर धक्के देकर मुझे बॉस चोदने लगा, आहहह अहःअहः. इतना बड़ा लंड चुत में लेकर बहोत मजा आ रहा था. अहहहहह। .. दोनों हातोंसे मेरी कमर को पकड़कर मुझे चोद रहा था.

गांड पे फटके पड़ रहे थे. में चिल्ला रही थी. अहहहह ाःहाहा. अहहहह सुसुष्ठे अहहहह। .

बॉस चले ही जा रहा था. चोदते चोदते बॉस। . आआह्ह भरने लगा. अहःअहः. अहहहहह. उसी दौरान में झड़ गयी. बॉस अभी भी लगा हुआ था.

कुछ देर बाद जोर से चिल्लाते हुए उसने लंड चुत से बाहर खींचा और अपना पानी मेरी गांड पे उड़ा दिया।

फिर बॉस शांत हुआ. हम दोनों ने अपने कपडे पहने। बॉस काफी खुश था. मुझे कहने लगा. सुनीता तुमने मेरी जरुरत को समजा और साथ दिया इसलिए धन्यवाद। ऐसे कहते हुए बॉस ने अपने पॉकेट से ५०० की एक गद्दी निकाली और मेरे हातो में थमा दी.

मेने हस्ते हुए बॉस को धन्यवाद कहा. में केबिन से बहार निकली. और सीधा जाकर वो पैसे की गद्दी को अपने बैग में रख दिया. घर जाकर अपने कमरे बैठे पहले मेने उस पैसे की गद्दी को गिना तो में चौक गयी. गद्दी में पुरे १० हजार रूपये थे. में पैसो को देख बहोत खुस हुयी।

उस दिन बादसे बॉस और मेरे बिच की जो दुरी थी वो कम होते गयी. अब जब भी बॉस का मन करता है, मुझे अपने केबिन में बुलाता है. और मेरे शरीर का पूरा आनंद लेता है. में भी उसे सब करने देती हु. बदले में बॉस मेरा ख्याल रखता है.

मेने इस बारे में कभी अपने पति को नहीं बताया

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