सलमा दीदी को चोदने की ख्वाइश

मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी चलाते है. माँ बचमन में ही गुजर गयी थी. मेरी बड़ी दीदी सलमा हम दोनों ही घरमे होते थे.

माँ के गुज़रनेके कुछ सालो बाद अब्बू ने दूसरी शादी कर ली. शादी के बाद ज्यादातर वो दूसरे घर अपनी बीवी के साथ रहते थे. यहाँ कभी कभी ही आया करते थे. जैसे जैसे में बड़ा होने लगा. मेरी हरकते बदलने लगी. एकबार मेने अपनी स्कूल फ्रेंड शायदा के स्तनों को मजाक मजाक में जोर से दबा दिया था. उसके स्तनों का मुझे बहोत आकर्षण था. जब दबाया तभी पता चला की शायदा के स्तन काफी मुलायम भी हे.

मेने तो मजाक मजाक में दबा दिया था, लेकिन शायदा मुझपर ग़ुस्सा हो गयी. उसने सीधा जाकर मेरी बड़ी दीदी को बता दिया. दीदी ने वहींपर मुझे शायदा के सामने थप्पड़ जड़ दिया.

उस दिन दीदी को पता चला की में हात से निकल गया हु. उस थप्पड़ से मुझे कोई फरक नहीं पड़ा. जैसे दिन आगे बढ़ने लगे. मेरी हरकतों ने दीदी को भी परेशां कर दिया था. मेरी गर्ल फ्रेंड सात में घूमें जाया करता था. ये दीदी भी पता था.

बात इतने तक तो सही थी, लेकिन जैसे जैसे मेरा लंड बड़ा होने लगा. मुजसे अब रहा नहीं जा रहा था. मेरा लंड बहोत ही उछलने लगा था. रातको सेक्स वीडियो देखकर हिलाये बिना मुझे नींद नहीं आती थी. रात रात भर में सेक्स वीडियो देखा करता।

जब सुभह उठता, फिरसे लंड खड़ा मिलता. चोदने के लिए कोई लड़की तैयार हो नहीं रही थी. तो मेरी नजर सलमा दीदी पे पड़ने लगी. वो जब भी घरमे काम करते हुए दिखती, में आस पास रहकर दीदी को देखते रहता. दीदी के बड़े बड़े स्तनों को देख दबाने का मन करता. दीदी झुककर काम करती तो, पीछे से गोल दिखने वाली गांड देखकर ऐसा लगता के जाकर दीदी को चोद दू.

मेरा आकर्षण इतना बढ़ गया था के मि दीदी के करीब जाने लगा. मस्ती मस्ती में दीदी को पकड़ लेता. दीदी को कसकर पिछेसे पकड़कर प्यार जताता. जमीन पर बैठी दिखती तो उसकी जांग पे अपना मुँह रखकर सोता। सलमा दीदी का कोमल शरीर मुझे बहोत भाने लगा था. बहोत बार मेने दीदी के स्तनों को भी दबाया. दीदी मुझे मारती, लेकिन में सुधारा नहीं. जब भी मौका मिलता दीदी के स्तनों को दबाकर भाग जाता। दीदी को भी पता लग रहा था की में उसे चोदना चाहता हु.

धीरे धीरे बात इतनी बढ़ी के मेने एकबार दीदी की बाथरूम में पड़ी पैंटी ली और उसको लंड पे रगड़कर हिलना सुरु किया. बहोत मजा आने लगा सलमा दीदी की पैंटी को रगडनेमे। जोर जोर से लंड को हिला लिया और पानी दीदी के पैंटी में ही छोड़ दिया.

पैंटी रखते समय में उसे धोना ही भूल गया. कुछ देर बाद दीदी मेरे कमरे में चिल्लाते हुए आयी, उसके हातो में वही पैंटी थी. मेरा चिप चिपा पानी पैंटी पे साफ दिख रहा था. दीदी ने चिल्लाते हुए कहा, तूने मेरी पैंटी पे हिलाया।। कमीने।।। में निचे गर्दन कर खड़ा था और मुझे थप्पड़ जड़ दिया.

दीदी ने मुझे लकड़ी से बहोत मारा.

लेकिन में कुछ सुधारा नहीं. कुछ महीनो बाद दीदी की शादी हो गयी. शादी के बाद वो चली गयी. में अब घरमे अकेला. जॉब पे जाता और दोस्तों के सात आवारागीरी चलती रहती।

कुछ ही साल में मेरी हवस दो गुना हो गई थी. बहोत लड़कियों को चोदा था लेकिन मन शांत नहीं हो रहा था. हमेशा मुझे अभी भी दीदी को चोदने का ख्याल आता था. दीदी को तो अब एक बच्चा भी था.

बहोत दिनों तक मेने अपने आपको संभाला। लेकिन एक दिन में दीदी के घर उसको मिलने चला गया. दीदी ने जिस तरह मुझे देखा वो समज गयी के में कुछ करने के लिए ही आया हु.

दीदी का ४ साल का लड़का बेड पे सोया हुआ था. दीदी ने मुझे खाना दिया और वो अपने काम में लग गयी.

हमारी बाते चल रही थी. कुछ देर बाद दीदी सामने खड़ी होकर काम कर रही थी. उसकी पीठ मेरी तरफ थी.

सलवार कमीज में दीदी की गांड काफी बड़ी दिख रही थी. में दीदी को घूरने लगा. दीदी का बढ़ा हुआ शरीर देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हुआ. बातो बातो में दीदी ने कहा की उसका पति गांव गया है. कुछ दिन बाद आएगा.

मुझे ये मौका सही लगा. उस बंद कमरे में मेरी शरीर की गर्मी बढ़ने लगी. गाला सकने लगा. मुजसे रहा नहीं गया. में खड़ा हुआ और सलमा दीदी को पिछसे कसकर पकड़ लिया. कमर को पकड़कर दीदी की गर्दन चूमने लगा. दीदी मुझे चिल्लाई. अली ये तू क्या कर रहा है. दूर हट

लेकिन मेने बात नहीं मानी। दीदी के स्तनों को जोर जोर से दबाने लगा. पीछे से मेरा खड़ा लंड दीदी की बड़ी गांड पे घिसने लगा. अहहह अहःअहः अहह. उफ्फ्फ्फ़.

फिर दीदी को मेने सीधा किया और दीदी को कसकर पकड़कर दीदी के होठ चूमने लगा. दीदी अपने आपको छुड़वाने की बहोत कोशिश कर रही थी. लेकिन वो छुड़वा नहीं पायी.

में होठो पे चूमते रहा. स्तनों को दबाता रहा. सलमा दीदी का बड़ा कोमल शरीर काफी मुलायम था. होठो से होकर गालो को चूमा, फिर गर्दन को चूमने लगा.

दीदी का कमीज ऊपर उठाया। दीदी ने ब्रा नहीं पहनी थी. निप्पल सामने आते ही, मुँह में निप्पल लेकर चूसना सुरु किया. उम्म्म्म उम्म्म आम आहहहह अहहहह अहहहह अहहह. अहहह. अहहह

दीदी मेरा सर दूर करने लगी, लेकिन मेने सलमा दीदी के दोनों हात पकड़लिये और निप्पल को चूसने लगा. अह्ह्ह्हह अहःअहः. उम्म्म…

फिर दीदी को जबरदस्ती घुमाकर झुकाया. दीदी बेड पे झुककर खड़ी थी. कहने लगी, मत कर अली.. में तेरी सघी बहन हु.

मेरा लंड यहाँ चुत में जाने के लिए उछल रहा था. दीदी के बातो से मुझे घण्टा फरक पड़ रहा था.

मेने दीदी का कमीज पीठ से ऊपर उठाया, सलवार निचे खींची. दीदी की गोरी बड़ी गोल गांड दिखने लगी.

अपनी पैंट उतारी और खड़े लंड को सलमा दीदी की चुत पे टिकाया. और धीरेसे लंड को दीदी के चुत में धकेल दिया. लंड मक्खन की तरह दीदी की चुत में चला गया.

आहहहहहह. अहहहहहह.

सलमा दीदी को में चोदने लगा. आहहहहह अहहह. लंड चूत में अंदर तक जा रहा था. अहहहहह. दीदी भी सिसकने लगी. अह्ह्ह भरने लगी. अहहह अहहह अहहह

अली अहहह अहहहहह. अहह

में भी जोश में दीदी को चोद रहा था. अहहह अहहह. दीदी की कमर को कसकर पकड़कर लंड को चुत में घुसा रहा था. अहहहह. मेरी जांग दीदी के गांड पे पटकने की वजसे आवाज कर रही थी. पच पच पच

आहहहह अहाः अहह

लंड आज बहोत ही खुश हो गया था. में जोर जोर से चोद रहा था. तभी हमारी आवाज से दीदी का ४ साल का बेटा जो बेड पे ही सोया था वो जग गया और रोने लगा.

दीदी ने मुझे कहा तू रुक मत चोदते रह. दीदी ने अपने बेटे को ऐसे ही झुककर नजदीक लिया. अपना कमीज उतार के निप्पल बच्चे के मुँह में दे दिया. बच्चा आँख बंदकरके निप्पल चूस ने लगा.

वह दीदी बच्चे को दूध पिलाने लगी और यहाँ में दीदी को जोर जोर से चोदे जा रहा था. आहहह अहहह. दीदी की नंगी पीठ पे हात घूमते हुए चोद रहा था.

कुछ देर बाद मेरा लंड पानी छोड़ने के लिए तैयार था. मेने लंड को जोर जोर से चुत में पटका फिर झटके से लंड बाहर खींचा और सारा पानी दीदी की गांड पे उड़ा दिया. आहहहहहहहहह. अहहहह

अहहहह…

मन शांत हो गया. इतनी लड़कियों को चोदा था, लेकिन दीदी को चोदने का एक अलग ही मजा था.

लंड ने पूरा पानी छोड़ने के बाद, दीदी के गांड में लंड को घिसकर साफ किया. फिर में अपने कपडे पहनकर वहा से निकल गया.

ऐसे मेने सलमा दीदी को चोदने की अपनी ख्याइश पूरी की.

कैसी लगी कहानी जरुन कमेंट करके बताना.

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