Hindi sambhog katha

दोस्तों, मैं सायली हूं। आज मैं आपको बताने जा रही हूं कि कैसे मैंने जोखिम उठाया और अपने पिता की
आज सुभह जल्दी उठ गई थी. सोचा काम करके दुपहर को थोड़ा आराम कर लुंगी. काम करनेही लगी थी तभी
हैलो दोस्तो, मैं आपकी संजना, मेरे पति की लुधियाना में साइकल पार्ट्स की फैक्ट्री है, अच्छा बिजनेस है, किसी बात
जब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था. उसी बीच मैंने एक सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम दिया था। मैं उसका एग्जाम
सुभह नास्ता करते समय पति ने मुझे कपडे पहनते हुए बुलाया. शीतल यहाँ आना जरा. पति ने बताया के आज
हेलो दोस्तों, मनोज तिवारी सभी का नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर आपका बहुत बहुत स्वागत करता है. मैं कई इनो
मेरा नाम सुनीता है. मेरी शादी को करीब ३ साल हो गए है लेकिन अभी तक मेरा पति मुझे बच्चा
मेरा नाम वैभवी है. मेरी शादी घरवालों ने करवा दी. मेरे पति आदित्य एक प्रायवेट कंपनी में जॉब करते है.
मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और
मेरा नाम कविता है. मेरा २२ साल का एक बेटा है. कुछ दिनों पहले मेरे पति ने ऑफिस से घर