Hindisexstory ऑफिस की दोस्त को दिवाली के दिन चोदा कुछ दिनों पहले की बात है. ऑफिस में दिवाली का त्यौहार मनाया जाना था. सारे लोगो को हॉल में बुलाया बीवी मेरी बहोत प्यारी कैसे हो दोस्तों. आज की कहानी जो में सुनाने जानेवाला हु वो मेरे और मेरी बीवी के बारे में है. मौसी के साथ बस में सफर मेरा नाम ऋतुराज है. ये कथा मेरे निजी जीवन में घटी एक सच्ची घटना के आधार पर लिखी है. सुभह मेरी हवस में डूबी माँ मेरी माँ का नाम शशि है। हम कोयंबटूर में रहते हैं। वह 37 साल की हैं, लेकिन दिखने में उनसे पापा से चुदवाके आया बहोत मजा दोस्तो मैं अंकिता, अपने घर में मैं सब चुदवा चुकी हूँ. मैंने जब जवानी की दहलीज पर कदम रखा तब प्लंबर से चुदवा लिया सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश नौकरानी बनी मेरी दूसरी बीवी मेरी बीवी अपनी कपड़ो की दुकान चलाती थी. तो हमने सोचा घरके काम में हात बटाने के लिए हम एक सलमा दीदी को चोदने की ख्वाइश मेरा नाम अली है. बचपन से घर में गरीबी होने की वजसे ठीक से परवरिश हो नहीं पायी. पापा टैक्सी बीवी को अजनबी लडकेसे पहाडोमे चुदवाया मेरी शादी को अब १ साल हो गया था. मेरी बीवी सलोनी काफी दिन से कह रही थी कही बहार कल्पना दूसरे से चुदवाकर लेने लगी मजे “देखो कल्पना, मैं अब पचास का हो चला हूं। मेरे लिये अब औरत के जिस्म का कोई मतलब नहीं रह