बड़ी बहन को रात में चोद दिया

मेरा नाम विनोद है. में स्कूल में पड़ता हु. ये कहानी कुछ महीनो पहले की है. मेरी नजर हमेशासे मेरी बड़ी बहन सुमन पर थी. सुमन कॉलेज जाती थी. दीखनेमे काफी गोरी चिट्टी, भरा हुआ मादक शरीर और नशीली आँखे ऐसे की आप एक बार अगर सुमन को देखोगे तो आप उसके प्यार में पड़ जाओगे.

में काफी बार सुमन के कपडे के ऊपर मुठ मार चूका हु. पहले तो मुझे उसकी चड्डी और ब्रा बाथरूम में मिल जाती थी. लेकिन जब से सुमन को पता चला है के में उसके कपड़ो पे मुठ मारकर चिप चिपा पानी छोड़ कर रखता हु, तबसे उसने अपने कपडे बाथरूम में रखना बंद कर दिया है.

ये सब के बिच एक बात बताना भूल गया जो की आज भी सुमन और में एक ही बेड पर सोते है. मम्मी पापा सामने के कमरे में और हम एक सात एक कमरे में. पापा मम्मी को लगता था की अभी भी में छोटा हु. लेकिन उनको क्या पता, यहाँ मेरा लंड तो कबसे बड़ा हो चूका है.

मुझमे इतनी हवस भर गयी थी के रातको अगर लंड खड़ा हो गया तो पास में सोई सुमन दीदी के होने के बावजूद चद्दर के अंदर मुठ मार लेता था.

रात को सोते समय जानबूझकर सुमन दीदी के ऊपर हात रख देता. काफी बार मेरा हात दीदी के ममो को छूकर निकला है. लेकिन कभी दबाने का मौका नहीं मिला. कभी कभी सोते समय सुमन दीदी को पिछेसे पकड़ करा उसकी गांड पे मेरा खड़ा लंड दबाकर मजा लेता था.

मेने उसकी जांग पे भी हात रखा है. लेकिन कभी चुत तक नहीं पहोच पाया था.

एक दिन की बात है. में अपने दोस्त के घर से सेक्स वीडियो देख कर आया. घर पोहचा तो मम्मी पापा अपने कपडे एक सूटकेस में भर रहे थे. मेने नजदीक आकर पूछा तो पापा बोले चाचा की तबीयत ख़राब है तो वो उनको देखने जा रहे है. में और सुमन दीदी नहीं जा सके क्यूंकि हमारी परीक्षा नजदीक आ रही थी.

कुछ ही देर में मम्मी पापा दोनों निकल गए. तब रत के ८ बज रहे थे. खाना लगा हुआ था. मेने और सुमन दीदी ने सात में खाना खाया. घरमे इतना सन्नाटा देख मेरा मन विचलित होने लगा था.

जो में सेक्स वीडियो देखकर आया था उसमे जो लड़की थी वो बिलकुल सुमन दीदी जैसे थी. उसके बड़े बड़े मम्मे अभी भी मेरे नजरो के सामने दिखाई दे रही थे. खाना खाते समय मेरी नजर बार बार सुमन दीदी के मम्मो पर ही जा रही थी.

खाना खाने बाद जब वो घर के कामो में व्यस्त थी. और मेरे सामने से जा रही थी. तब नजर सुमन दीदी के गांड पर ही घूम रही थी.

खाना खाकर में अपने कमरे में जाकर सो गया. मुझे लगा आज दीदी कमरे में नहीं आएगी. शायद वो मम्मी पापा के कमरे में सो जाएगी. में चद्दर ओढ़कर सोने की कोशिश कर रहा था. लेकिन मेरा लंड हिलाये बिना मुझे सोने नहीं देता.

इसलिए में बाहर की लाइट बंद होने का इंतजार कर रहा था. तब तक मेरा हात मेरी पेंट में ही था.

कुछ देर बाद अचानक सुमन दीदी कमरे में आयी और उसने अंदर से दरवाजा बंद किया. वो आकर बेड पर मेरे बगल में सो गयी.

मेने जैसे सोचा था उसका विपरीत ही हुआ. लाइट बंद हुई और में यहाँ खड़े लंड के सात बेड पर करवटे बदल रहा था.

सुमन दीदी मेरी तरफ पीठ करके सोई थी. में दीदी को ऊपर से निचे तक टटोलने लगा. अंधेरेमे धीरेसे मेरी पैंट निचे उतार कर लंड को बहार निकाला। और दीदी को देखते हुए लंड को मसलने लगा.

कुछ ही देर में मेरा लंड लकड़ी की तरह कठोर हो गया. ऐसे लगने लगा की दीदी को आज चोद ही दू. मन तो बहोत कर रहा था लेकिन डर भी उतना ही था. यहाँ मेरा शरीर तपने लगा था.

मुजसे रहा नहीं गया और मेने धीरेसे दीदी के पीठ पर हात लगाया और ऊपर से निचे तक घुमाने लगा. दीदी के कोमल बदन का स्पर्श अच्छा लग रहा था. धीरेसे मेरा हात दीदी के गर्दन से होकर निचे कमर तक जा रहा था. आच्छर्य की बात ये थी के सुमन दीदी ने कुछ कहा नहीं.

जिस वजसे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और में धीरेसे अपना हात और निचे खिसकाकर दीदी की गांड पे ले गया. धीरेसे गांड के ऊपर से घुमाते हुए गांड को दबाने लगा. जैसे मेने गांड को दबाना शुरू किया, सुमन दीदी की सिसकनेकी आवाज आने लगी. में समज गया की दीदी को भी मजा आ रहा है. मेने अपना पूरा हात का पंजा दीदी की बड़ी गांड पे रखा और जोर जोर से दबाने लगा. अहहह अहहह. काफी कोमल गांड थी दीदी की. काफी देर तक गांड को दबाने के बाद, में दीदी के नजदीक आया और दीदी को पिछेसे जकड लिया.

मेरा हात’सीधा दीदी के मम्मो पर रखदिये और धीरे धीरे मम्मो को दबाना सुरु किया. अहह. ष्ष्स शश। . अहहह अहहह. दीदी के बड़े मम्मे आखिरकार हातोंमे आ ही गए. मम्मो को दबाते हुए पिछेसे मेने अपने लंड को दीदी की गांड पे दबाना सुरु किया. दीदी की आह निकलने लगी. अहहह अहाः. मुझे भी मजा आने लगा. दोनों का शरीर एक दूसरे पे रगड़े ते हुए में मम्मो को दबा रहा था.

फिर मुजसे रहा नहीं गया और मेने दीदी को सीधा मेरी तरफ मुँह करके लिटाया और सुमन दीदी के होठोंको चूमना सुरु किया. दीदी भी बहोत तप गयी थी. उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया और जकड कर मुझे होठोंपे चूमते हुए आनंद लेने लगी. में दीदी के ऊपर लेटा और दीदी को मदहोश होकर चुम रहा था.

चूमते चूमते में निचे आने लगा. दीदी की गर्दन होकर निचे आया. दीदी की ड्रेस ऊपर उठा दी. दीदी ने कहा रुक में निकलती हु. में पास बैठा और दीदी ने अपना ड्रेस उतार दिया. अंदर का ब्रा दिखने लगा वैसे ही मे उसके ऊपर कूद गया. जोर जोर से मम्मो को दबाकर चूमने लगा. दीदी ने तुरंत ही ब्रा निकल दी और मेरे मुँह में चूचिया थमा दी.

फिर क्या, मेरी मदहोशी अब हवस का रूप ले चुकी थी. दीदी के मम्मे इतने बड़े थे की दोनों हातो में समां नहीं पा रहे थे. मेने जोर जोर से चूचियों को चूसते हुए ममो को दबाना सुरु किया.

फिर निचे सरकते हुए अपनी जीभ धोड़ी के किनारे ले आया और धोड़ी को चाटने लगा. दीदी सिसकने लगी. सष अहहहह. अहहह शशसस आहहहहह शशसस आहाहा

सुमन दीदी ने मेरी टीशर्ट उतार दी थी. निचे आधी निकली पैंट को मेने खुद ही उतार दिया था. तना हुआ लंड अब चोदने के लिए तैयार था.

धोड़ी को चूमने के बाद जैसे निचे खिसका, दीदी के पजामे की नाड़ी दिखी. धीरेसे नाड़ी खोल दी. पजामे को ढीला किया और निचे खींचकर उतार दिया. अंदर सिर्फ अब दीदी की चड्डी बची थी.

उसे भी दोनों हातोंसे पकड़ा और खींचकर उतार दिया.

जैसे ही सुमन दीदी की चुत मेरे सामने आयी, मेने सीधा अपना मुँह चुत पे रखा और चुत को चाटना सुरु किया.

दीदी की चुत’ काफी गीली थी. में अपनी जीभ को चुत पे रगड़ कर चाट रहा था. दीदी तड़पने लगी. फिर मेने अपनी एक ऊँगली चुत में डाली और हिलाने लगा. अहह अहहह ाहः हां. शशसस. अहःअहः. चुत का बढ़िया स्वाद था. काफी देर तक मेने चुत को चाटा और फिर पीछे खिसका.

अब में दीदी को चोदने ही जा रहा के दीदी हसते हुए झटके से उठी. मेरी तरफ मुड़कर निचे सोइ और मेरे दोनों पैरो के बिच मुँह रखकर सो गयी. दीदी ने मेरे लंड को पकड़ा और सीधा मुँह में ले लिया.

जैसे ही लंड दीदी के मुँह में गया तब मुझे एहसास हुआ की दीदी ६९ करना चाहती है. में फिर सुमन दीदी के ऊपर सोया और दीदी की चुत को फिर से चाटने लगा. वहा दीदी मेरे लंड को मुँह मे लेकर चूस रही थी. यहाँ में दीदी की चुत को चूस रहा था. आहहहह. अहहह. ये करने में बहोत ही मजा आ रहा था. दीदी की जबान जब लंड पर घूम रही थी. अहहहह. क्या सुन्दर अनुभव था वो. पहिली बार किसी लड़की के मुँह में लंड दिया था.

काफी देर लंड और चुत का मजा देने के बाद, में उठकर दीदी के पैरोंके पास गया. दोनों हातोंसे दीदी के पैर फैलाये और धीरेसे लंड को दीदी के चुत में धकेल दिया.

अह्ह्अहा…. लंड गीली चुत में अनदर तक धकेला और फिर सुमन दीदी के ऊपर सोकर दीदी को चोदने लगा… अहःअहः अहःअहः आहहहहहह अहहहाआ सशशश ष्षष आहाहाःहाहाःहाहाः। ..

लंड को चुत का स्पर्श होते ही लंड पागल सा हो गया था. में जोर जोर से दीदी की चुत को चोदने लगा. आज पहिली बार किसी चुत में लंड डाला था तो रहा नहीं जा रहा था. मेने जोर जोर से दीदी को चोदना सुरु किया.

दीदी चिल्ला रही थी. बसकर लेकिन मेरा मन अभी तक भरा नहीं था. में और जोर जोर से चोदने लगा.

काफी देर चोदने के बाद दीदी को पलटा. उसे घोड़ी बना दिया और फिर से चोदने लगा. अहहह अहहह अहहह सशष अहहहससष। ….. गांड पे चपेट मारते हुए दीदी को चोद रहा था. दीदी चिलाने लगी. अहह अहह अहा.. ष्ष्स. ष्ष्स विनोद बस कर अभी ाहः अहहह अहहह.

चोदते चोदते मेरे लंड से कब पानी निकल आया पता ही नहीं चला. सारा पानी दीदी के चुत में चला गया. में चोदता ही रहा जब तक पूरा पानी लंड से निकल न जाये।

लंड शांत होते ही चुत से निकला और हांफते हुए में बेड पर सो गया. दीदी भी ऐसे ही सो गयी. पूरी रात चद्दर के अंदर हम दोनों नंगे ही सोये थे.

चुत में पानी चला गया इसलिए दीदी ने दूसरे दिन गोली खा ली थी.

उस दिन के बाद से दीदी हमेशा मुजसे चुदवाती है. दीदी को भी मेरे लंड की आदत लग गयी है.

कैसी लगी हमारी भाई बहनकी चुदाई की कहानी जरूर कमेंट करके बताना

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