Vidhwa sex story

जब मेरी शादी हुई तो मैं चुदने को बेताब थी, पर मेरा पति अपनी छोटी सी लुल्ली लेके आया और
सुबह की बात थी. पापा ने मुझे बाहर से आवाज लगायी. अर्जुन स्कूल नहीं जाना. जल्दी उठो. में पापा से
कैसे हो दोस्तों. मेरा नाम अदिति है. कुछी महीनो पहले मेरी शादी अशोक से हुई थी. अशोक एक गवर्नमेंट जॉब
आज सुभह जल्दी उठकर कॉलेज चला गया. दोस्तों से भी मिलना था और कुछ किताबे लेनी थी. लेकिन जैसे ही
प्रीति के साथ मेरी दोस्ती कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के दौरान शुरू हुई. हम दोनों के बिच तब बाते होने
मेरा सर्किल काफी बड़ा है लेकिन बेस्ट फ्रेंड सिर्फ एक थी उसका नाम है अनामिका पेट नेम एनी, हम लोग
घर में कोई नहीं था. मेरी बड़ी दीदी प्रीति कॉलेज से आयी. में पानी पिने उठा ही था के दीदी
आशीष, मेरे पति एक फैक्ट्री में काम करते थे. वही उनकी दोस्ती विकास से हुई. विकास आशीष से उम्र में
दोस्त की बर्थडे पार्टी में सब नाच रहे थे. अचानक पिछेसे किसी लड़की ने आवाज लगायी …..  विवेक. में धीरेसे
हाई माय फ्रेंड, मैं ये स्टोरी पहली बार लिख रहा हु। अगर आप को मेरी चुदाई स्टोरी पसंद आये, तो