मेरा नाम चारुलता है. में अच्छा जीवन कैसे जीना है इस विषय पे लोगो को सलाह देती हु.
कुछ दिनों पहले की बात है. मेरे पास एक माँ बैठे आये अपनी जीवन की परेशानी लेकर। वो मेरे ऑफिस आये. मेने उनको बैठने कहा. दोनों देखकर काफी मासून से लग रहे थे. शांत स्वाभाव और बहोत ही कम बात करने वाले।
उन्होंने बताया उनके पति की एक्सीडेंट में मौत होने के बाद उन्होंने अपना पुराण घर छोड़ दिया और अब वो इस शहर में रहने आये थे. बेटे की उम्र करीब १९ साल थी. दिखने में गोरा और अपनी माँ की तरह शांत स्वाभाव का था. माँ की उम्र ४२ थी.
सारि बाते होने के बाद मेने पूछा परेशानी क्या है.
तो उस औरत ने मुझे बताया के गांव में एक बाबा ने उनको कहा था के तुम माँ बेटे दोनों एकदूसरे के साथ सम्भोग करना सुरु करो. इससे तुम्हारे हालत बदलेंगे और तुम्हारी सारी परेशानी दूर होंगी।
उस बाबा के कहने पे दोनों माँ बेटे ने सेक्स करना सुरु किया। हर दिन रात को सोने के पहले दोनों सेक्स करते।
में उनकी ये बाते सुनकर चौक गयी. एक बेटा अपनी माँ को चोदता होगा ये सिर्फ मेने कहानियो में पढ़ा था. लेकिन अब एक माँ बेटे को प्रत्यक्ष सामने देखकर मेरे दिमाग में बहोत सारे विचार आने लगे.
मेने उनकी पूरी बात सुनी। आगे उन्होंने कहा की वो बाबा से हर हफ्ते मिलने जाते, बाबा उनको नयी नयी पोजीशन बताता और कहता आज रातको ये पोजीशन में सेक्स करना।
दोनों माँ बेटा इतने भोले थे के बाबा जैसे कहता, वो दोनों वैसे ही करते।
ऐसे ही बाबा ने दोनों माँ बेटे से सारी पोजीशन में सेक्स करवा लिया था.
उनकी बाते सुनकर मेरे शरीर में गर्माहट बढ़ने लगी. मेरे निचे कुछ होने लगा. चुत ने अपने दरवाजे खोलने सुरु कर दिए. में एक नजर उस औरत को देखती और फिर उसके बेटे की तरफ.
उनका बीटा दिखने में वैसे तो गोरा और खूबसूरत था. मजबूत बाजु और मासूम सा चेहरा।
उसको देखकर मेरे दिमाग में ख्याल आने लगा के कैसे ये अपनी माँ को चोदता होगा
उसकी माँ ने मुझे सारी बाते बताई।
आखिर में उन्होंने कहा के हमें इससे छुटकारा पाना है. हम दोनों को एक दूसरे की इतनी बुरी आदत लग गयी है के रात होते ही हम एक दूसरे के करीब आये बिना सो नहीं सकते
और एकबार करीब आये तो सेक्स हो ही जाता है.
मेरे बेटे की कुछ सालो में शादी करवानी है. ऐसे ही चलता रहा तो बहु कैसे घरमे आएगी।
हमें इससे छुटकारा कैसे मिलेगा?
मेने सारि बाते सुन ली. कुछ देर मेने सोचा के इनको क्या सलाह दू. मेरे लिए भी ये अजीब बात थी. ऐसे कस्टमर पहले कभी मेने देखे नहीं थे.
कुछ देर सोचने के बाद मेने उनको कहा.
एक तरीका है.
हमें पहले तो आपके बेटे को आपसे दूर करना पड़ेगा। दोनों मेरी बातें सुनकर थोड़ा सहम गए.
दूर करने से मेरा मतलब है जो रत को आप दोनों पास आते हो सोने के पहले। उससे छुटकारा पाना होगा।
मेरे पास एक रास्ता है, लेकिन उसके लिए आपको मेरी सारी बाते माननी पडेगी
मेरी बात सुनकर उस औरत ने कहा, हम कुछ भी करने के लिए तैयार है सिर्फ आप हमें इससे छुटकारा दे दो.
और एक बात जो भी हम यहाँ करेंगे वो बाते इस बंद कमरे में ही रहनी चाहिए, बाहर इसके बारेमे किसी को पता ना चले.
तो वो औरत मेरी बात ख़ुशी ख़ुशी मान गयी.
ठीक है.
तो अभी आप बाहर बैठो. में आपके बेटे से अकेले में कुश बात करना चाहती हु.
वो औरत उठी और कमरे के बाहर चली गयी.
वो जाते ही मेने अंदर से दरवाजा बंद किया।
उसके बेटे को कहा देखो हमें तुम्हारी इस आदत को छुड़वाना है. तुम्हारी माँ को होने वाली परेशानी से उनको छुटकारा दिलवाना है. तो अब में जैसा कहु वैसे करना। और अब यहाँ जो भी होगा इस बारेमे अपनी माँ को भी नहीं बताना। वो पूछे तो कहना हम बाते कर रहे थे.
मेरी बात सुनकर उस लड़के ने अपनी गर्दन हिलायी और हां कहा.
फिर में ख़ुर्शी से खड़ी हुई. उस लड़के को भी खड़ा किया। मेने उसे पूछा तुम अपनी माँ के करीब जब जाते हो तो पहले क्या करते हो.
तो उसने कहा में पहले उनको गले लगता हु.
तो मेने पूछा कैसे। मुझे कर के दिखाओ।
तो वो लड़का मेरे करीब आया और मुझे कसकर गले लगाया। गले लगाकर मेरी पीठ पे हात घूमने लगा. अह्ह्ह। सुननननन। अम्म्म हहहह
बहोत अच्छा लग रहा था एक २१ साल के लड़के को गले लगाकर।
फिर मेने धीमी आवाज में उसके कान में कहा, फिर आगे क्या करते हो.
तो लड़कने ने अपना एक हात मेरे स्तन पे रखा और वो स्तनों को दबाने लगा. आअह्ह्ह। मेरे शरीर में बिजली दौड़ने लगी. आह्हः।।।
अहह. मेरी सिसकने की आवाज सुनकर लड़का बोलै, मेरी माँ भी ऐसे ही आवाज करती है.
मेने सिसकते हुए कहा, फिर क्या करते हो. उसने दोनों हातो से मेरे स्तनों को दबाते हुए मेरे होठो पे चूमना सुरु किया। उससस अह्ह्ह्ह अह्ह्ह इस्स्स्सस्स आह्ह्ह्ह
दोनों के होठ एक दूसरे से रगने लगे. जबान रगड़ने लगी. मेने भी उसे कसकर पकड़ लिया और दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. अह्ह्ह अहहह।। उम्म्म्म
चूमते हुए वो दोनों हातो से मेरे स्तनों को दबाये जा रहा था. उम्म्म अम्मामा मां….
होठो को चूमकर उसके होठ मेरी गर्दन पे चूमने लगे. अह्ह्ह्ह यह.. मेरे शरीर की आग बढ़ने लगी. चूमते चूमते मुझे कहने लगा, फिर हम कपडे उतारते है.
तो मेने कहा फिर उतरो मेरे भी.
मेरी बात ख़तम हुई और उसने मेरा कुरता ऊपर उठा दिया और निकला के पास में फेक दिया। मेरी ब्रा दिखने लगी तो लड़के ने अपना मुँह मेरी ब्रा पे रखा और दिख रहे स्तनों को चाटने लगा. अह्ह्ह अहह
ब्रा के ऊपर से उसके पंजे स्तनों को दबा रहे थे. में भी अब पुरे मूड मे आ गयी थी. मेने उसे ब्रा खोलकर दे दी. जैसे ही ब्रा ढीली होकर निचे गिरी, मेरे स्तनों को देखते ही लड़के ने निप्पल को मुँह में ले लिया और स्तनों को दोनों हातो से दबाते हुए चूसने लगा. अहहह अहहह उम्म्म्म
अहम्म्म्म उम्म्म अअअअअम्मम्म उम्
उम्म्म्म अम्मम्म अम्म्मम्म्म्म
दोनों हात के पंजो को स्तनों पे रखकर दबाये जा रहा था. अह्ह्ह अहहह। उम्म्म।।।
स्तनों को चूसने के बाद मेने उसकी टीशर्ट उतर दी. उसके छाती को देखकर मुझे उसको छूने का मन किया तो मेने अपने होठ उसकी छाती पे रखकर चूमने लगी. उसके निप्पल को ऊँगली से दबाने लगी. आह्हः उम्म्म्म। अम्मम्म अम्मम्म
छाती से होकर में निचे जाने लगी. मुझे लंड को देखने की बहोत ही ज्यादा इच्छा हो रही थी. में निचे बैठी और उसकी पेंट को खोलने लगी. पेंट खोलकर निकल दी. मेरे सामने अब लड़का अंडरवेर में खड़ा था.
अंडरवेर के ऊपर उठाव देखकर पता चल रहा था के अंदर लंड खड़ा हो चूका है.
मेरी सासें फूलने लगी. डरते हुए मेने उसकी अंडरवेर को पकड़ा और निचे खींच दी. जैसे ही अंडरवेर निचे फिसली, उसका लम्बा सा लंड उछलकर बाहर निकला।
उसका लंड देखकर मेरे तो होश ही उड़ गए. मुझे समाज ही नहीं आया में क्या करू. हडबडात में मेने लंड को कसकर मुठी में पकड़ा और जोर जोर से हिलने लगी. उसके लंड को कठोरता इतनी अछि लगी के मेने लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी. अह्ह्ह अहहह अहह….
लंड का लम्बा आकर और कोमलता दोनों वैसे ही थे जैसे मुझे पसंद है. मेने बड़े प्यार से लंड को चूसना सुरु किया। उम्म्म मममम।।।।अम्मम्म।।।।
में वैसे ज्यादा लंड चूसना पसंद नहीं करती, लेकिन ये लंड इतना आकर्षक था के बार बार में मुँह में लेकर चूस रही थी, और फिर अपनी आखो के सामने निकाल के उसे मन भरके देख भी रही थी. लंड के सात खेलने में बहोत मजा आ रहा था.
मेने पुरा लंड ऊपर से निचे तक जबान से चाटकर गिला कर दिया। लौड़े के नोक से चिप चिपा पानी निकल रहा था उसे भी चाट लिया।
पहली बार मेने लंड के निचे लटके हुए गोटो को भी अछि से चाट लिया। गोटो को हातो में मसलते हुए लंड को चूस रही थी. लंड को कसकर मुठी में पकड़कर खींच रही थी.
बहोत देर तक लंड के साथ खेलकर जब कड़ी हुई. मेने लड़के के आखो में देखा। उसकी आँखे हवस से भरी थी. मुझे भी अब छुडवाने की आग लगी थी.
मेने अपना पजामा निचे से खोल दिया। पजामा हटा और पैंटी में खड़ी हुई.
लड़के ने मुझे कहा यही आपके टेबल पे लेट जाओ.
में लेटी वैसे उसने मेरी पैंटी को खींचकर निकल दिया और में अपने ऑफिस के टेबल पर पूरी नंगी सोइ थी.
मुझे नंगा करके लड़केने मेरे पैर फैलाये और सीधा मेरी चुत को चाटने लगा. अह्ह्ह। उम्म्म्म अम्म्म उम्म्म उफ्फ्फ्फ़।।।।
उसके कोमल होठ जैसे मेरी चुत को चूमने लगे. मेरे ते अंग अंग में आग लग गयी. उसकी जबान चुत के अंदर रगड़ने लगी. अह्ह्ह उम्म्म्म। अअअअअ उम्म्म्म
चुत को चाटते हुए एक ऊँगली को मेरी चुत के अंदर डालकर अंदर बाहर करने लगा. उससे और मजा आने लगा. अह्ह्ह अहहह अहह.. मेने उसका एक हात ऊपर लिया और मेरे स्तनों को दबाने कहा.
एक साथ चुत और स्तनों को होने वाला स्पर्श बहोत उत्तेजित करनेवाला था. उम्म्म्म अम्मम्म अह्ह्ह। में टेबल पे एक मछली की तरह तड़प रही थी.
चुत को चाटने के बाद, लड़के ने अपना लंड आगे किया, और धीरेसे मेरी चुत में डाल दिया। आअह्हह्ह्ह्ह। इतना बड़ा लंड चुत में अंदर जाते हुए महसूस करना एक अजीब ही अनुभव था. आह्हः अहह… उसका लौड़ा धीरे धीरे चुत में चला गया और फिर चुदाई सुरु हुई.
लड़कने मेरी जांग दोनों हातोंसे से पकड़के मेरी चुत में लंड को मरना सुरु किया अहह अहहह अहह. दोनों भी सिसकने लगे अहह अहहह अहह. उम्मम्मम अम्म्म
अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अहम्म्म्म्म ा
अहह अहह ह. उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह उम्मम्मम
इस लड़के ने तो मुझे अपने कॉलेज के दिन याद दिलाये। मेरा कॉलेज का बॉयफ्रेंड भी ऐसे ही चोदता था मुझे आह अहहह अह्ह्ह्ह
चुदाई के वक्त लड़के के चेहरे पे जो भाव दिख रहे थे, वो देखकर मुझे और भी ख़ुशी हो रही थी.
वो काफी जोश में मुझे चोदे जा रहा था. अहह अहहह अह्ह्ह्हह। . वही पे में एक बार तो झड़ गयी.
जब वो लड़का रुका, मुझे लगा अब हो गया.
लेकिन फिर उसने मुझे अपने दोनों हात आगे करने कहा. मेने हात आगे किये तो उसने मुझे उठाकर अपने कमर पे बिठा दिया।
उसका लंड अभी भी मेरी चुत में था.
कमर पे उठाकर मेरी गांड के निचे हात लेकर मेरी गांड कसकर पकड़ी और अपने लंड पे मुझे पटकने लगा. आअह्ह्ह अहहह। ये क्या है. अह्ह्ह में चौक गयी.
क्यूंकि लंड चुत में जोर जोर से पटका जा रहा था. मेरी गांड को भी जिस तरह से उसने दबाया था, उससे मेरी शरीर में एक अजीब सी खुसी महसूस होने लगी.
अहह अहहह अहह. मेने लड़के को कसकर गले लगाया था और वो निचे से मुझे चोदे जा रहा था. वो चुदाई मेरे लिए इतनी उत्तेजित करने वाली थी के चुत से निचे पानी टपकने लगा.
पूरा लंड मेरी चुत के पानी से गिला हो गया था. अह्ह्ह अहहह उम्म्म्म उम्म्म्म
उठके चुदाई होने के बाद, में निचे उतरी। लौडा चुत से बाहर निकला। मेने सोचा अब ख़तम हुआ लेकिन नहीं।
फिर लड़के ने मुझे पलट के खड़ा किआ. मुझे टेबल पे सर रखके झुका दिया। अब मेरी झुककर चुदाई होने वाली थी.
में झुकी वैसे लड़के ने मेरी गांड को चूमा। गांड को दबाने लगा. गांड को महसूस करने लगा. अहहह अह्हह्ह्ह। . मेरी गांड काफी बड़ी थी. और कोमल होने की वजसे शायद उसे दबाने ने में भी मजा आ रहा था.
गांड के साथ खेलकर उसने अपनी पोजीशन ले ली. मुझे गांड की बिच से लंड को घिसते हुए निचे जाते हुए महसूस हुआ.
लंड चुत के ऊपर रखकर धीरेसे लंड को अंदर धकेला। अहहह लंड फिर से चुत के अंदर था. अह्ह्ह उम्म्म्म अम्मम्म
पूरा लंड अंदर दबाकर मेरी कमर को दोनों हातोंसे से उसने पकड़ा और फिरसे चुदाई सुरु की. अह्ह्ह
अहह अह्ह्ह। फक अहह अहह अह्ह्ह
अहह ाहः. उम्म्म्म ामममम ामममम
इस लड़के में इतनी गर्मी थी के हर के शॉट मेरे लिए जन्नत के बराबर था. अह्ह्ह अह्ह्हम्म्म्म
अम्मम्म ामममममम
जोर जोर से चुदाई के बाद जब उसे लगा की अब पानी निकलने वाला है. तो उसने सिसकते हुए मुझे पूछा,, मैडम पानी निकलने वाला है. क्या करू.
मेने जैसे ही उसकी आवाज सुनी, मेने कहा बाहर खींचे जल्दी, जैसे ही उसने लंड को चुत से बाहर खींचा, में तुरंत मुड़ी और निचे बैठे उसके लंड को मुँह में ले लिया। मुँह में लेकर चूसने लगी.
चूसते चूसते लंड से पानी निकलने लगा जो में पि गयी. अह्ह्ह ाहः. उम् अम्माम्मा ा
पूरा पानी मेने पि लिया। ाहः हहह अहह ममममम
फिर जब दोनों भी शांत हुये। अपने अपने कपडे पहने लगे.
बाहर जाने के पहले मेने उसे फिर से याद दिलाया के तुम्हे अब अपनी माँ के सात ये सब करने की जरुरत नहीं। तुम हर रोज मेरे पास आना. और इस बारेमे किसी को बताना नहीं।
लड़के के साथ बाहर आयी. उसकी माँ बैठी थी. उससे मेने कहा की मेने आपके बेटे को सब बता दिया है. आज से सब ठीक हो जायेगा। कुछ दिन आपके बेटे को मेने यहाँ आने कहा है. उसे अकेले आने दो.
तो उसकी माँ ने गर्दन हिलाते हुए हां कहकर बात मान ली.
उस दिन के बाद से लड़का हर रोज मेरे ऑफिस आता. मेने उससे अलग अलग पोजीशन में चुदाई कर ली.
उसकी भी अपने माँ के पास जाने की इच्छा बंद हो गयी.
एक हफ्ते बाद उसकी माँ ने आकर मेरा धन्यवाद। उसने बताया अब मेरा बेटा मेरे करीब नहीं आता. हमारी ये आदत अब छूट गयी है.
में मन में सोच रही थी. धन्यवाद तो मुझे आपका करना चाहिए। आपके बेटे की वजसे मुझे नयी नहीं सेक्स पोजीशन में चुदने का मौका मिल रहा है.
ऐसे मेने एक माँ बेटे के जीवन को सुधारा।
कैसी लगी मेरी कहानी मुझे जरूर बताना।
