सीधा जवाब: बढ़ जाता है। बहुत बढ़ जाता है। कम बिल्कुल नहीं होता। जितना तुम अपनी चूत को सहलाती हो, क्लिट रगड़ती हो, योनि में उंगलियाँ डालकर G-spot दबाती हो और ज़ोर-ज़ोर से ऑर्गेज्म लेती हो, उतना ही तुम्हारा सेक्स ड्राइव हाई होता चला जाता है। मैंने खुद देखा है, मेरी बहुत सी सहेलियाँ भी कहती हैं – हस्तमैथुन करने के बाद चूत दिन-रात गीली रहती है, मन करता है कि कोई मोटा लंड अंदर घुसा दे। ये कोई कहानी नहीं, ये रियलिटी है।
जब तुम अकेले में नंगी लेटकर क्लिट पर दो उंगलियाँ तेज़-तेज़ घुमाती हो और योनि में मिडिल फिंगर डालकर ऊपर की तरफ़ दबाती हो, तो दिमाग़ में डोपामिन और टेस्टोस्टेरोन छूटते हैं। ये वही हॉर्मोन हैं जो सेक्स की भूख बढ़ाते हैं। पहले 10-15 मिनट में तुम झड़ जाती हो, लेकिन उसके बाद चूत में एक अलग सी गर्मी रह जाती है। अगले दिन सुबह उठते ही लगता है “आज फिर से करूँ”। पढ़ाई के बीच, जॉब के बीच, या रात को अचानक क्लिट में खुजली होने लगती है। लस्ट इतना बढ़ जाता है कि असली सेक्स का मन बार-बार करने लगता है।
मेरी एक सहेली कॉलेज में थी। वो हफ़्ते में 5-6 बार योनि में दो उंगलियाँ डालकर, क्लिट रगड़कर झड़ती थी। वो कहती थी – “पहले तो सेक्स का मन कम करता था, लेकिन जब मैंने अपनी चूत को अच्छे से जान लिया तो अब रोज़ बॉयफ्रेंड से कहती हूँ कि जोर से चोदो।” तुम्हारी चूत को जब तुम खुद प्यार देती हो, तब वो और ज़्यादा माँगने लगती है। क्लिट ज़्यादा सेंसिटिव हो जाता है, योनि का अंदर का हिस्सा गीला रहने लगता है। पीरियड्स से पहले 3-4 दिन तो लस्ट पीक पर चला जाता है। उस टाइम अगर तुम रोज़ अपनी चूत में उंगली डालकर G-spot दबाती हो तो दिन में भी चूत खुद-ब-खुद गीली हो जाती है।
दूसरा बड़ा फायदा ये है कि हस्तमैथुन से तुम अपनी चूत को पूरी तरह जान जाती हो। क्लिट कहाँ सबसे ज़्यादा मज़ा देता है, G-spot पर कितना दबाव चाहिए, स्तनों को सहलाने से कितना लस्ट बढ़ता है – सब पता चल जाता है। फिर जब असली सेक्स होता है तो तुम पति या बॉयफ्रेंड को साफ़ बोल पाती हो – “यहाँ रगड़ो, उंगली अंदर डालो, तेज़ चोदो।” इससे तुम्हारा कॉन्फिडेंस बढ़ता है और सेक्स ड्राइव और तेज़ हो जाता है। मैंने देखा है कि जो लड़कियाँ हस्तमैथुन नहीं करतीं, उन्हें ऑर्गेज्म लेने में दिक्कत होती है और लस्ट भी कम रहता है।
स्ट्रेस कम होने से भी लिबिडो बढ़ता है। हम लड़कियाँ हर दिन तनाव में रहती हैं। हस्तमैथुन करके जब तुम चूत में उंगलियाँ डालकर ज़ोर से झड़ जाती हो तो सारा स्ट्रेस निकल जाता है। एंडॉर्फिन छूटते हैं, मूड अच्छा हो जाता है। फिर सेक्स का मन अपने आप बढ़ जाता है। एग्जाम टाइम में अगर तुम रात को तकिए पर चूत घिसकर या उंगली डालकर ऑर्गेज्म लेती हो तो अगले दिन पढ़ाई भी अच्छी लगती है और लस्ट भी हाई रहता है।
हाँ, एक छोटी सी बात – अगर तुम दिन में 5-6 बार ज़ोर-ज़ोर से क्लिट रगड़ोगी और योनि में उंगलियाँ ठूँसोगी तो 1-2 दिन के लिए क्लिट थोड़ा सुन्न लग सकता है। तब लस्ट थोड़ा कम महसूस हो सकता है। लेकिन वो टेम्पररी है। बस 24-48 घंटे ब्रेक लो, फिर चूत पहले से ज़्यादा भूखी हो जाती है। मैंने कभी-कभी ऐसा किया है, लेकिन ब्रेक के बाद लस्ट फिर से आसमान छूने लगता है।
तो सही तरीके से करो। रोज़ 1 बार या हफ़्ते में 4-5 बार। योनि में एक-दो उंगलियाँ डालो, क्लिट को गोल-गोल तेज़ घुमाओ, G-spot पर दबाव डालो। फैंटसी सोचो – कोई हॉट लड़का तुम्हारी चूत चाट रहा है या जोर से चोद रहा है। इससे लस्ट और बढ़ जाता है। नारियल तेल लगाकर करो ताकि चूत सूखे नहीं। पीरियड्स ट्रैकर ऐप यूज़ करो, हाई लिबिडो वाले दिनों में एक्स्ट्रा मज़ा लो।
शादी के बाद भी मत छोड़ो। पति के साथ सेक्स करने के बाद भी अगर मन करे तो चुपके से अपनी चूत में उंगली डालकर झड़ लो। इससे तुम्हारा सेक्स ड्राइव पति के साथ भी हाई रहता है। बहुत सी शादीशुदा लड़कियाँ यही करती हैं क्योंकि पति हर बार पूरा ऑर्गेज्म नहीं दिला पाता।
हम लड़कियाँ अपनी चूत को प्यार दें तो वो हमें और ज़्यादा प्यार देती है। हस्तमैथुन से चूत की सेंसिटिविटी बढ़ती है, ऑर्गेज्म आसानी से आता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, हॉर्मोन बैलेंस रहता है, पीरियड्स का दर्द कम होता है और नींद भी अच्छी आती है। सब कुछ मिलाकर सेक्स ड्राइव हाई रहता है।
तो बहन, आज रात से शुरू कर दो। नंगी लेटो, योनि में उंगली डालो, क्लिट रगड़ो, कल्पना करो कोई मोटा लंड तुम्हें चोद रहा है। ज़ोर से झड़ो। देखना, कल सुबह चूत में फिर से गर्मी होगी और सेक्स का मन ज़ोर से करेगा।
अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हारा लस्ट कम हो रहा है तो बताना। मैं बताऊँगी कैसे हस्तमैथुन करके उसे और बढ़ाया जाए। तुम अकेली नहीं हो। हम सब लड़कियाँ अपनी चूत को प्यार देती हैं और सेक्स ड्राइव को हाई रखती हैं।
मज़ा लो, चूत को खुश रखो। वो तुम्हें और ज़्यादा खुश रखेगी।
