रुचिका और शुभम की सेक्स स्टोरी
नमस्कार दोस्तों, मैं शुभम हूँ, उम्र २४ साल। अहिल्यानगर में रहता हूँ और एक प्राइवेट आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर जॉब करता हूँ। मेरा जीवन पहले बिल्कुल रूटीन था – सुबह ऑफिस, शाम जिम, रात को नेटफ्लिक्स। लेकिन पिछले साल रुचिका आई और मेरी जिंदगी में आग लग गई।
रुचिका – उम्र सिर्फ २३ साल, पुणे से ट्रांसफर होकर मार्केटिंग टीम में जॉइन हुई थी। देखने में एकदम बम्ब! गोरी-चिकनी स्किन, लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते हैं, बड़े-बड़े आँखें जिनमें सेक्सी नजर आती है। फिगर? ३४D-२७-३६। उसके स्तन इतने परफेक्ट थे कि टाइट टॉप पहनते ही ब्रा की शेप साफ दिखती थी। उसकी कमर पकड़ने का मन करता और वो गोल-गोल मोटे नितंब… स्कर्ट में चलते समय ऐसे हिलते कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता।
ऑफिस में पहली बार उसकी नजर मुझसे मिली तो उसने मुस्कुराते हुए आँख मारी। मैंने भी स्माइल कर दी। फिर प्रोजेक्ट पर हम साथ काम करने लगे। वो मेरे डेस्क के पास आकर खड़ी हो जाती, थोड़ा झुक जाती – और उसके ब्लाउज से क्लिवेज झाँकता। मुझे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता।
एक दिन ऑफिस बहुत लेट हो गया। सब घर चले गए, सिर्फ मैं और रुचिका बचे थे। उसे प्रेजेंटेशन में मदद चाहिए थी। मैं उसकी सीट के पास गया। उसने टाइट व्हाइट शर्ट पहनी थी, ऊपर के तीन बटन खुले हुए। ब्लैक लेस ब्रा दिख रही थी। उसका परफ्यूम का नशेड़ी खुशबू आ रहा था।
“शुभम, इधर देख ना… ये समझ नहीं आ रहा,” उसने मेरा हाथ पकड़कर लैपटॉप की तरफ खींचा। उसका हाथ नरम और गर्म था। मैं झुका तो उसके स्तन मेरे हाथ से टकरा रहे थे। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।
अचानक उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “शुभम, तू रोज मुझे देखता है ना? मुझे पता है तेरी नजर कहाँ जाती है।” मैं शर्मा गया लेकिन बोला, “तुम इतनी हॉट हो कि कौन नहीं देखेगा?” वो हँसी और मेरे गाल पर किस कर दिया।
बाहर जोरदार बारिश हो रही थी। मैंने कहा, “चलो, मैं तुम्हें ड्रॉप कर देता हूँ।” वो तुरंत मान गई। कार में बैठते ही वो मेरे बहुत पास आ गई। उसकी जाँघ मेरी जाँघ से सट गई। हम बातें कर रहे थे – उसके ब्रेकअप की, मेरी सिंगल लाइफ की।
अचानक उसने मेरा हाथ अपनी जाँघ पर रखा और ऊपर सरकाया। उसकी स्कर्ट ऊपर चढ़ गई और मेरा हाथ उसकी पैंटी पर पहुँच गया। वो पूरी भीगी हुई थी! “शुभम, मुझे तुम्हारी बहुत दिनों से इच्छा थी,” कहकर उसने मेरे होंठों पर जोरदार किस कर दिया।
हमारा किसिंग वाइल्ड हो गया। उसकी जीभ मेरे मुँह में, मैं उसकी जीभ चूस रहा था। मेरे हाथ उसके शर्ट में घुस गए – ब्रा ऊपर करके उसके बड़े-बड़े स्तन दबाने लगा। वो इतने सॉफ्ट और भारी थे! निप्पल्स पहले से ही कड़े हो चुके थे। मैंने उन्हें चुटकी ली, वो चीखी, “आह्ह… शुभम… जोर से दबा!”
मैंने कार एक अंधेरे स्पॉट पर रोक दी। बारिश जोरों से बरस रही थी। वो मेरी गोद में आकर बैठ गई। उसने मेरी पैंट की जिप खोली और लंड बाहर निकाला। “वाह! कितना बड़ा और मोटा है तेरा!” कहकर तुरंत मुँह में ले लिया।
वो ब्लोजॉब में माहिर थी। पहले सिर्फ टिप चाटी, फिर जीभ घुमाते-घुमाते पूरा मुँह में ले लिया। डीप थ्रोट! मैंने उसके बाल पकड़े और जोर से धक्के देने लगा। उसका थूक मेरे लंड पर चमक रहा था। “जोर से चूस रुचिका… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है!” मैं चीखा।
कुछ देर बाद मैंने उसे पीछे धकेला और उसकी स्कर्ट पूरी तरह ऊपर कर दी। उसकी ब्लैक लेस पैंटी पूरी भीग चुकी थी। मैंने उसे फाड़कर उतार दिया (हाँ, सच में फाड़ दिया!)। उसकी चूत एकदम क्लीन शेव्ड, गुलाबी और चमकदार। मैं झुका और उसकी चूत चाटने लगा। उसकी क्लिटोरिस को जीभ से घुमाया, उँगलियाँ अंदर डालीं। वो कमर उछाल रही थी, “आयyy… शुभम… खा ले मुझे… जोर से चाट… मैं आ रही हूँ!”
उसका रस मेरे मुँह में आ गया – बहुत मीठा और गर्म। अब मैं रुक नहीं सकता था। मैंने उसे सीट पर लिटाया, उसके पैर फैलाए और अपना ७ इंच का मोटा लंड उसकी चूत पर रखा।
“धीरे डाल… लेकिन बाद में जोर से चोद मुझे!” वो बोली। मैंने पहले धीरे अंदर डाला – उसकी चूत बहुत टाइट थी, जैसे वर्जिन हो। फिर स्पीड बढ़ाई। जोर-जोर से ठोके मारने लगा। कार हिल रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे, मैं उन्हें मुँह में लेकर चूस रहा था।
“आह्ह… और जोर से फक कर शुभम… तेरा लंड मुझे फाड़ रहा है… बहुत मजा आ रहा है!” वो जोर से चिल्ला रही थी। मैंने उसे पीछे से भी किया – डॉगी स्टाइल में उसके नितंब पकड़कर जोरदार ठोके। उसके नितंब लाल हो गए थे।
आखिरकार मैंने उसकी चूत के अंदर ही झड़ दिया – बहुत सारा माल अंदर उड़ेल दिया। वो भी दूसरी बार झड़ गई। हम दोनों पसीने और सेक्स की खुशबू से तर-बतर हो गए थे। उसने मुझे कसकर हग किया और कान में कहा, “ये तो बस शुरुआत है बेबी। अब मैं तेरी सेक्स स्लेव हूँ। जब मन करे, तब चोद लेना मुझे।”
उस रात उसे घर छोड़ा, लेकिन उसके बाद हमारी अफेयर जोरों पर चलने लगी। ऑफिस के टॉयलेट में क्विक सेक्स, लंच ब्रेक में कार में ब्लोजॉब, वीकेंड पर होटल में पूरी रात ३-४ राउंड। वो एनल भी करने को तैयार हो गई – उसकी टाइट गांड मैंने पहली बार फोड़ी तो वो रो पड़ी लेकिन बाद में बहुत एन्जॉय किया।
रुचिका मेरी सेक्स गॉडेस है। उसके साथ हर सेक्स एकदम वाइल्ड और यादगार होता है।
अगर किसी को सेक्स चॅटिंग करणी या रिअल लाईफ सेक्स करना है तो मुझे मेल कर दिजीये पुरा सेटिसफिक्शन दुंगा और सब सिक्रेट रहेंगा adagaleshubham03@gmail.com
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