Sex kahani ma beta

मेरा नाम नीरज है. मेरी उम्र ३६ साल है. मेरी शादी हो चुकी है और २ बच्चे भी है. मेरी
मेरा नाम अर्जुन। अभी में एक कॉलेज में पढता हु. कुछ दिनों पहले की बात है. हमारे पड़ोस में एक
सुभह का वक्त था. मेरे पति राकेश नाहा के हॉल में आये. मेने उन्हें नास्ता और चाय दी. मेने राकेश
कुलसुम आंटी की गांड का हर कोई दीवाना था, वो जब भी मोहल्ले के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने
मेरा नाम मीरा है. जबसे मेरे स्तनों का आकर बढ़ा है, बार बार मेरा मन स्तनों को दबानेका करता रहता
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा
मेरा नाम अनिल कुमार है. मे कुछ दिनों पहले  गुरुग्राम में रहने आया था. उम्र २६ साल. मेरी कंपनी का
मेरा नाम समीरा है. में ४२ साल की हु और दिल्ली में रहती हु. मेरा तलाक हो चूका है और
आसाम की हरी भरी वादियां और जवान दिलों का संगम. किसको लुभा नहीं लेगा। ऐसे ही आसाम की हरी भरी
सुबह की बात थी. पापा ने मुझे बाहर से आवाज लगायी. अर्जुन स्कूल नहीं जाना. जल्दी उठो. में पापा से