ट्रक ड्राइवर की कहानी
मेरा नाम सोनू है. कुछ दिनों पहले ही में एक बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी में ट्रक ड्राइवर के जॉब पे लगा हु. में नया था और उम्र भी २० साल थी, इसलिए मुझे ट्रक चलनेकी अनुमति नहीं थी. मुझे कहा गया के दूसरे ड्राइवर के सात सफर करो. उनसे सीखे और एक हफ्ते बाद तुम्हे भी ट्रक चलने मिलेगा.
मुझे जिस ट्रक ड्राइवर के साथ भेजा गया था, वो इंसान काफी मजेदार था. वो काफी अनुभवी ड्राइवर था. उनका नाम राजेंद्र कुमार था. उम्र करीब ४८ थी. वो हमेसा मजाक मस्ती करते रहते. शायरी कहते रहते. पुरे सफर में उनकी बाते चलती रहती. मुझे इस दौरांत पूरा देश घूमने का मौका मिला. हर रोज हम एक राज्य से दूसरे राज्य जाया करते थे. हाइवे पे चलती गढ़िया, बदलता मौसम और नए सहर की खुसबू मुझे बहोत भाने लगी थी.
एक दिन ऐसे ही हम रातको ट्रक लेकर दूसरे राज्य में जा रहे थे. हरियाणा से निकले थे और मध्य प्रदेश में हमें बड़ा कन्टेनर लेके जाना था. हम निकल पड़े. कुछ घंटो का सफर हमने कर लिया था. तभी करीब रातको ११ बजे हम हाइवे से होकर जा रहे थे. शहर से काफी दूर थे.
कुछ देर बाद मेने देखा सरे एक अँधेरी सड़क पे हाइवे के बगल में ट्रक लाइन से खड़े थे. मुझे समज नयी आया के क्या हो रहा है. हमारे राजेंद्र जी ट्रक से उतरे, उतरते समय हमें बोले, की जन्नत की शेर करके आता हु.
मुझे कुछ समज नयी आया के क्या चल रहा है. कुछ देर बाद मेने पीछे की और देखा तो मुझे राजेंद्र जी आते हुए देखे. वो ट्रक के पीछे की और आये जहा घना अँधेरा था, उनके पीछे पीछे एक लड़की भी आते हुई दिखी। में तो सोच में पड़ गया की इतनी रात में लड़की कहा से आयी.
लड़की राजेंद्र जी के पास आयी. उनकी कुछ बाते हुयी. और फिर लड़की ने ट्रक पे हात रखकर वो झुक गयी. उसने अपनी कमीज ऊपर उठायी, पिछेसे अपना पजामा निचे किया और अपनी गांड राजेंद्र जी को बताने लगी. राजेंद्र जी ने अपनी लुंगी खोली, निचेसे अपना तना हुआ लंड बाहर निकला और सीधा उस लड़की के पिछवाड़े से चुत में ड़ाल दिया। और वो लड़की को पकड़कर चोदने लगे.
मे तो चौक गया. ये क्या हो रहा है. मेने आज तक किसी को सामने चुदाई करते नहीं देखा था. राजेंद्र जी ने कसकर लड़की को कमर से पकड़ा था और जोर जोर से धक्के देते हुए चोद रहे थे.
लड़की कसकर ट्रक को पकड़कर झुककर खड़ी चुदवा रही थी. राजेंद्र जी को देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. मेने अपनी पैंट के अंदर अपना हात डाला और लौड़े को हिलाने लगा. आहहहह हह. अहहह. ट्रक के अंदर से झुककर चुदाई देखकर में भी अपना लंड जोर जोर हिलाने लगा. अहहह अहहह उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ्फ़ अहहह
मेने अपनी पेंट निचे की और जोर जोर से लंड को हिलाने लगा. कुछ ही देर बाद मेरा सबर का बांध टूट गया और मेरे लौड़े ने पानी की बौछार कर दी. सारा पानी दरवाजे के पास अंदर ही गिर पड़ा.
वहा राजेंद्र जी का भी हो गया था. उन्होंने लंड को चुत से बाहर खींचा और लुंगी पहनकर आ गए वापस.
अंदर आते ही मुझे कहने लगे. मन हल्का हो गया अभी.
और फिर हम चल पड़े.
राजेंद्र जी ने मुझे बताया की ऐसी बहोत सी जगह हे देशभर में वह हाईवे पे माल मिलता है. मुझे कहने लगे, तुम्हे भी कभी जन्तर देखनी हो तो आजमा लेना।
बातो बातो में मुझे कहने लगे, की मध्य प्रदेश में एक जगह है वह अच्छा माल मिलता है. राजेंद्र जी की बाते सुन तो मेरा भी मन अब चुदवाने ने का हो गया था. मझे राजेंद्र जी से खुलके बात करनी थी. उनको बताना था की मुझे भी करना है, लेकिन में छोटा होने की वजसे डर रहा था.
हमने अपना सफर जारी रखा. एक शहर से दूसरे शहर, एक फ़ैक्ट्री से दूसरी फैक्ट्री कई दिनों तक हम घूमते रहते।
करीब एक हफ्ते बाद राजेंद्र जीने मुझे बताया की हम मध्य प्रदेश जाने वाले है. मध्यप्रदेश का नाम सुनते ही मुझे चुदाई का ख्याल दिमाग में आया. में बहोत ही खुश हुआ.
इसबार तो चुदाई कर ही लूंगा सोचके में सफर पे निकला. करीब ५ घंटे का सफर करके हम मध्यप्रदेश पोहचने ही वाले थे. रात हो ही चुकी थी. राजेंद्र जी उस बारेमे कोई बात नहीं कर रहे थे.
तो मेने सोचा की कूँ न में ही बात छेड़ दू. तो मेने राजेंद्र जी से पूछा, की आप कह रहे थे की यहाँ अच्छा माल मिलता है.
मेरी बात सुनकर राजेंद्र जी हस पड़े. कहने लगे तुम्हे भी माल चकना है. स्वर्ग सुख लेने का इरादा है. में भी हस पड़ा और कहा हां में भी इसबार ले ही लू.
तो राजेंद्र जी ने कहा, आगे ही है. कुछ और दूर.
में बहोत ही उस्साहित था. थोड़ा डरा हुआ भी था. पहली बार ऐसे रस्ते पे लकड़ी को खुले में चोदने वाला था.
करीब आधे घंटे बाद हम एक जगह पोहचे. हाईवे के पास एक ढाबा था. ढाबे के बगल में बड़ा मैदान था वह सारे ट्रक खड़े थे. आस पास घाना अँधेरा. सिर्फ हाईवे से गुजरने वाली गाड़ियों की लाइट और आवाज थी.
ट्रक को रोककर राजेंद्र जी उतरे. मुझे भी कहा चलो.
में भी उतरा।
ट्रक से कुछ दूर लड़किया बैठी मुझे दिखी. राजेंद्र जी पहले गए और उन्होंने बातचीत की. उनका एक आदमी भी वहा था. में डरा हुआ ट्रक के पास ही खड़ा देख रहा था.
तभी राजेंद्र जी ने मुझे हातोंसे इशारा करके बुलाया, में चला गया. पास पोहचा तो राजेंद्र जी ने कहा देख कोनसी पसंद है. सामने ६ लड़किया कड़ी थी. मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी. सभी जवान थी.
मे उनको एक एक करके देखने लगा. मेरी नजर पहले उनके चेहरे पे पड़ती फिर उनके स्तनों का आकर देखता। पहली दो मुझे अछि नहीं लगी. लेकिन ३ नम्बर की थी वो सही माल थी.
२० से २२ की लग रही थी. सुन्दर आँखे थी. मेने उसको ही चुना।
वो लड़की उठी और उसने कहा कहा है तेरा ट्रक. तो मेने ऊँगली से इशारा किया. मुझे बोली चल.
में उसके पीछे पीछे चलने लगा. मेरी नजर उसकी मटकती हियी गांड पे जा रही थी. गांड काफी बड़ी थी.
चलते चलते हम ट्रक के पीछे पोहचे. पीछे कोई नहीं था. खुला मैदान, घाना अँधेरा. ठंडी हवा चल रही थी.
मेरा तो लंड चुदाने के लिए उछल रहा था.
हम ट्रक के पीछे पोहचे ही थे की लड़की ने पूछा पहलीबार कर रहा है. मेने गर्दन हिलाके हां कहा.
तो वो बोली, ३०० रुपये और दे तुजे ज्यादा वक्त दूंगी और पूरा खुश कर दूंगी. में तो अंदर से भरा पड़ा था. मेने कहा ठीक है. और जेब से तुरंत ३०० रुपये निकाल के उसके हात थमा दिए. उसने अपने पर्स में रखे. और फिर पर्स पास में ट्रक को लटकाकर उसने मुझे कसकर पकड़लिया.
मेरे होठो को चूमने लगी. आह्ह्ह्ह. में भी उसको चूमने लगा. उसको कसकर पकड़कर अपने शरीर पे दबाने लगा.
अहहहह.. अहह आहहह. उसका कोमल शरीर मेरे शरीर पे घिसने लगा तो में पागल सा हो गया.
मेरे तो दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था. चूमते चूमते मेने उसके स्तनों को दबाना सुरु किया. उसके बॉल दबानेमे बहोत मजा आ रहा था. अहहह ाहः.
बॉल काफी कोमल थे. ऐसे लग रहा था की रुई से भरी चीज को दबा रहा हु. आअह्ह्ह.. अहहह. उम्म्म. निचे मेरा लंड तन गया और अंडरवेर के अंदर चुबने लगा था.
कुछ देर होठो को चूमकर मेने उसके गालो को गर्दन को चूमना सुरु किया. स्तनों को जोर जोर से दबाते हुए निचे जाने लगा.
लड़की ने अपना कुरता ऊपर उठाया। मुझे उसकी ब्रा दिखने लगी. में ब्रा के ऊपर से उसके स्तनों को दबाने लगा. मेरी हवस आसमान छूने लगी.
लड़की ने फिर अपना ब्रा खोल दिया, और ऊपर उठाया. निचे से जैसे ही स्तन बाहर आये, मेने निप्पल को मुँह में लेकर चूसना सुरु किया. अहहहह अहहह. उफ्फ्फ्फ़
स्तनों को जोर जोर से दबा दबा के निप्पल को चूस रहा था. बहोत मजा आने लगा. अहहहह. अहःअहः.
उसका पूरा स्तन मेने जबान से चाट लिया. जोर जोर से दबाते समय वो आवाज करने लगी अहहह अहहह उफ्फ्फ्फ़. अहःअहः.
फिर जब मेने उसकी नाभि चाटी तो वो मानो पागल ही हो गयी. अहहह अहःअहः अहहह….
मुजसे अब रहा नहीं गया. मेने अपनी पेंट निचे घुटनो तक उतरी, खड़ा लंड जैसे लड़की को दिखा उसने सीधा उसको मुँह में लेकर चूसना सुरु किया. अहःअहः…
झुककर चूस रही थी. मेने उसको कहा निचे बैठकर आराम से चूस. तो वो निचे बैठी और पूरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी. अहहहह
क्या नजारा था. निचे देखता तो लड़की मेरा लंड चूस रही है. आस पास खुला मैदान, दूर हाईवे पे गाड़िया दौड़ रही है. और में यहाँ ट्रक के पीछे लड़की चोद रहा हु.
अहहहहह. अहाः. कभी नहीं सोचा था की ऐसा भी आनंद कभी मिलेगा.
लड़की ने पूरा लंड अच्छे से छोड़ा. मेरे गोटे चूसना भूल गयी तो मेने उसका मुँह पकड़कर उसके मुँह में जबरदस्ती अपने गोटे डाले और उससे चटवाया
अह्ह्ह अहहहहह हहहह.
फिर मेने उसे खड़ा किया. उसका पैजामा निचे खींचा. चुत दिखे लगी थी. मुझे चुत चटनी थी. तो में निचे बैठा और चुत को सामने से चाटने लगा. अहहहह.. ाहः हाःहाहा. बहोत ही सुन्दर चुत थी. जबान को अंदर डालकर चाट रहा था.
अह्ह्ह अहहह. उम्म्म अहहहह अहहह. अहहह
चुत के अंदर जबान जा नहीं रही थी. तो मेने उसको दोनों पैर पकड़कर उठाया और निचे से दोनों पैर के बिच मुँह डालकर चाटने लगा. अहहह अहहह उम्म्म अहहह अहहह. उम्म्म्म अम्म्म
चुत अंदर से भी गीली हो चुकी थी. पानी छोड़ रही थी. में जबान को अंदर डालकर चाट रहा था. उम्म्म्म अम्मम्म अहम्म्म्म
चुत को चाटने के बाद अब चुदाई का वक्त था. काफी देर से लंड चुत में जाने के लिए तड़प रहा था. मेने लौड़े पे कंडोम चढ़ाया।
फिर उठकर ऐसे ही उसके कमर पे उठाया, निचे से लंड को चुत में डाला और उठाकर लंड पे पटकने लगा. आहहहहह. अहहह. लौड़ा सीधा चुत के अंदर घुस रहा था. अहहहह.. चुत के अंदर लौड़े को घिसने का जो मजा है वो कही नहीं मिलेगा. अहहह अहहह अहहहह. अहहह
लड़की की खुली हुई गांड को दोनों पंजो से पकड़कर उठा उठाकर लौड़े पे पटक रहा था. अहहह अहह अहह. क्या मजा आ रहा था….
कुछ देर बाद मेने उसको निचे उतरा. वो बहोत थक गयी थी. जोर जोर से सास ले रही थी. मेने उसको फिर घुमाकर झुकाया. उसने ट्रक को पकड़कर अपनी गांड पीछे की. मेने उसकी बड़ी गांड देखि तो दो चपेट गांड पे लगायी. वो चिल्लाई. अहहह अहःअहः.
फिर गांड को दोनों हतोसे दबाकर मजा लिया. गांड को चूमा।
फिर लौड़े गांड पे पटककर निचे चुत में दबा दिया. लौड़ा फिर से चुत में चला गया. अहहहह.. चुत में लौड़े को पूरा अंदर धकेल कर चुदाई फिर से सुरु की.
अहःअहः अहहह. आअह्ह्ह. लौड़ा अब अपने अंतिम सफर में था. मेने लकड़ी को कसकर पकड़ा और जोर जोर से धक्के देते हुए चोदना सुरु किया. अहहह अहःअहः ाःहाहा
अहहहह. अह्ह्ह. क्या मजा आ रहा है. अहहह अहहह. अहह. पूरा पैसा वसूल कर दूंगा आज अहहह अहहह.
वो भी चिल्ला रही थी. अहह अहह अहहह
कुछ देर की चुदाई के बाद मेरे लौड़े ने पानी छोड़ दिया. अहहह अहहह अहःअहः. लौड़े को मेने चुत में दबा के रखा अहह अहहह. पानी निकलते जा रहा था. अहहह अहहह
आज बहोत दिनों बाद चुदाई का असली मजा मिला. अहहह.
फिर जब लंड शांत हुआ. मेने चुत से उसको बाहर खींचा. कंडोम में आज बहोत पानी जमा हुआ था. मेने कंडोम निकालके फेक दिया.
फिर हमने कपडे पहने। लड़की के चेहरे पे ख़ुशी थी. उसने कहा आज बहोत दिनों बाद चुदाई का असली मजा आया. और मुझे होठो पे चुम लिया.
कहने लिए अगली बार वापस आना. में यहाँ पे ही मिलूंगी। और मेरे लौड़े को हात से मसलकर चली गयी.
अह्ह्ह.. एक नशा था उस लड़की में. मेरे दिमाग में उसका चेहरा, स्तन, चुत , गांड सब बस गए थे.
कुछ देर बाद राजेंद्र जी भी ट्रक में वापस आये. हम निकल पड़े. पुरे रस्ते राजेंद्र और में चुदाई के मजे की बाते कर रहे थे. वो भी अपने पुराने किस्से कहानिया मुझे बताने लगे.
कैसी लगी कहानी जरूर कमेंट करके बताना